गौतम अडाणी: सेबी ने लगाई अडाणी विल्मर के IPO पर रोक, जानिए समूह के प्रवक्ता ने क्या कहा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Sat, 21 Aug 2021 11:35 AM IST

सार

अडाणी एंटरप्राइजेज के खिलाफ चल रही जांच के चलते सेबी ने अडाणी विल्मर के 4,500 करोड़ रुपये के आईपीओ पर रोक लगा दी है। 
अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी
अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी - फोटो : Adani Group
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विस्तार

कंपनियां और खुदरा निवेशक प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार को लेकर रुचि दिखा रहे हैं। कंपनियां आईपीओ लाने के लिए कतार में खड़ी हैं। इस बीच बाजार नियामक सेबी ने अरबपति गौतम अडाणी को झटका दिया है। सेबी ने गौतम अडाणी के नेतृत्व वाले अडाणी समूह की कंपनी, अडाणी विल्मर के आईपीओ पर रोक लगा दी है। लोकप्रिय फॉच्यून ब्रांड से खाद्य तेल और फूड आइटम बनाने वाली कंपनी अडाणी विल्मर 4,500 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने वाली थी, लेकिन अडाणी एंटरप्राइजेज के खिलाफ चल रही जांच के चलते इस पर रोक लग गई है। 
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अडाणी ग्रुप के प्रवक्ता ने दिया बयान
मामले में अडाणी ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि, 'आईपीओ के ऑब्जर्वेशंस को स्थगित रखे जाने के संबंध में हमें सेबी से कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली  है। समूह ने सूचित किया कि ग्रुप का एफपीआई के साथ, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, कोई संबंध नहीं है। एफपीआई अडाणी ग्रुप में अन्य निवेशकों या शेयरधारकों की तरह निवेशक हैं और अडाणी ग्रुप के साथ उनका कोई संबंध नहीं है तथा वे स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। जहां हम सेबी के लागू विनियमों का हमेशा अनुपालन करते रहे हैं, वहीं हमने अतीत में सेबी से प्राप्त विशिष्ट सूचना संबंधी अनुरोधों पर पूर्ण प्रकटीकरण किया है। हम भविष्य में भी रेगुलेटर्स के साथ सहयोग बनाए रखेंगे।'


इस वजह से आईपीओ पर लगी रोक
मामले से वाकिफ एक शख्स ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि सेबी ने अडाणी एंटरप्राइजेज के खिलाफ चल रही जांच के चलते अडाणी विल्मर का आईपीओ रोक दिया है. 

ये है सेबी की पॉलिसी
सेबी की पॉलिसी के अनुसार, यदि किसी आईपीओ के लिए आवेदन करने वाली कंपनी के किसी डिपार्टमेंट में जांच चल रही हो तो उसके प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम को 90 दिनों तक मंजूरी नहीं दी जा सकती है। इसके बाद भी आईपीओ को 45 दिनों के लिए टाला जा सकता है।

1999 में हुई थी अडाणी विल्मर की स्थापना 
अडाणी विल्मर की स्थापना वर्ष 1999 में हुई थी। यह अडाणी समूह और सिंगापुर की कंपनी विल्मर का ज्वाइंट वेंचर है। कंपनी खाद्य तेल के अलावा बासमती चावल, आटा, मैदा, सूजी, रवा, दालें और बेसन जैसे सेगमेंट्स में कारोबार करती है। अगर कंपनी की आईपीओ की योजना सफल हो जाती है, तो यह बाजार में सूचीबद्ध होने वाली अडाणी समूह की सातवीं कंपनी होगी। अडाणी ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों में अडाणी एंटरप्राइजेज, अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अडाणी ट्रांसमिशन, अडाणी पावर, अडाणी टोटल गैस और अडाणी ग्रीन एनर्जी शामिल हैं।

वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने दी थी जांच की जानकारी
इससे पहले वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने सदन में अडाणी समूह के बारे में बड़ी बात कहीथी। चौधरी ने कहा कि डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) अडाणी समूह की कुछ कंपनियों की जांच कर रहे हैं। यह जांच सेबी के नियमन संबंधी है। ईडी की तरफ से किसी तरह की जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश की होल्डिंग अडाणी ग्रुप के शेयरों में डे-टू-डे ट्रेडिंग के आधार पर है। 

अडाणी टोटल गैस ने किया इस कंपनी का अधिग्रहण
अडाणी टोटल गैस लिमिटेड ने गैस मीटर बनाने वाली कंपनी स्मार्टमीटर्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (एसएमटीपीएल) में 50 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। कंपनी को अपने गैस के खुदरा कारोबार में मदद मिलेगी। मालूम हो कि अडाणी टोटल गैस अडाणी समूह और फ्रांस की टोटल एनर्जीज की संयुक्त उद्यम कंपनी है। यह अधिग्रहण एक करोड़ रुपये में किया गया है। यह अधिग्रहण सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि मार्च 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में स्मार्टमीटर्स का कारोबार 4.83 करोड़ रुपये था। 

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