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फ्यूचर ग्रुप-रिलांयस डील: अमेजन ने खटखटाया उच्चतम न्यायालय का दरवाजा, जानिए क्या है मामला

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Thu, 11 Feb 2021 02:19 PM IST
अमेजन
अमेजन - फोटो : pixabay
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ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अमेजन ने रिलायंस के साथ फ्यूचर ग्रुप के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। मामले में सूत्रों ने कहा कि यह कदम हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद उठाया गया, जिसमें यथास्थिति बनाए रखने के एकल न्यायाधीश के फैसले को रोकते हुए कहा गया था कि वैधानिक अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करने से रोका नहीं जा सकता है।



पहले सीसीआई से मिल चुकी है मंजूरी 
अब अमेजन ने इस मामले में फ्यूचर के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस सौदे को पहले ही सीसीआई से मंजूरी मिल चुकी है और सेबी तथा सरकार ने कोई आपत्ति नहीं की है है। 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) और रिलायंस रिटेल के बीच 24,713 करोड़ रुपये के कारोबार अधिग्रहण के सौदे के संबंध में एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी थी।

रोजाना होगी सुनवाई 
पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) और बाजार नियामक सेबी जैसे सांविधिक निकायों को सौदे के संबंध में कानून के अनुसार आगे बढ़ने से रोका नहीं जा सकता है। पीठ ने अमेजन को भी नोटिस जारी किया और 26 फरवरी तक एफआरएल की अपील पर उसका पक्ष मांगा। उसके बाद इस मामले में रोजाना सुनवाई की जाएगी।

सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत ने दिया था ये फैसला 
अमेजन ने इस सौदे पर सिंगापुर के आपातकालीन मध्यस्थता न्यायाधिकरण के अंतरिम आदेश को लागू कराने के लिए उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ के समक्ष अपील दायर की थी। न्यायाधिकरण ने फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था।

फ्यूचर रिटेल ने बताया था अमेजन के विरोध का कारण
किशोर बियानी की अगुवाई वाली फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा था कि रिलायंस के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के कारोबार को बेचने के सौदे का अमेजन इसलिए विरोध कर रही है क्योंकि वह (रिलायंस) उसकी बाजार प्रतिद्वंद्वी है। अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उसकी रुचि एफआरएल को उबारने में है। 

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