FD पर ब्याज दर कम होने से चार करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को झटका, ये विकल्प हो सकते हैं फायदेमंद

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 10 Oct 2019 11:21 AM IST
falling FD rates set to hit 4 crore senior citizens these options can be helpful
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भारत में करोड़ों वरिष्ठ नागरिक फिक्स्ड डिपॉजिट ( FD ) से प्राप्त ब्याज की रकम पर निर्भर हैं। लेकिन बुधवार को देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ( SBI ) ने ग्राहकों को झटका दिया था। बैंक ने एक से दो साल की अवधि की एफडी पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की थी। स्वाभाविक है कि दूसरे बैंक भी यह कदम उठा सकते हैं। इसलिए ऐसे वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्ति प्राप्त लोग, जो एफडी की ब्याज पर ही निर्भर थे, उनके लिए समस्या हो गई है। 
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बदलती रहेगी जमा रकम पर ब्याज दर

आरबीआई ने आदेश दिया था कि बैंक ब्याज दरों को एमसीएलआर से नहीं, बल्कि रेपो रेट से जोड़ें। रेपो रेट समय-समय पर बदलता रहता है, इसलिए जमा रकम पर ब्याज दर भी लगातार बदलती रहेगी। 

4.1 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हो सकते हैं प्रभावित

जमा दर घटाने के बाद 50 लाख रुपये के एफडी पर सालभर में 5,000 रुपये कम ब्याज मिलेगा। एसबीआई के अनुसार, करीब 4.1 करोड़ सीनियर सिटिजन के एफडी खाते में कुल 14 लाख करोड़ रुपये पड़े हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के पास है ये विकल्प

अर्थव्यवस्था को गति देने के प्रयासों के क्रम में भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में लगातार कटौती कर रहा है, जिसकी वजह से जमा रकम पर ब्याज भी गिरेगी। इसलिए ऐसे लोग, जो एफडी की ब्याज पर निर्भर थे, उनको झटका लग सकता है। फाइनेंशल प्लानर्स के अनुसार, ऐसी स्थिति में वरिष्ठ नागरिकों को थोड़ा जोखिम उठाकर डेट म्यूचुअल फंड्स जैसे मार्केट-टु-मार्केट प्रॉडक्ट्स में निवेश करना चाहिए।

ये विकल्प हो सकता है फायदेमंद

वहीं एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ गजेंद्र कोठारी ने कहा है कि सीनियर सिटिजन को सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) में 15 लाख रुपये और बाकी रकम को सरकार के 7.75 फीसदी वाले डिपॉजिट स्कीम में डाल देना चाहिए। ये दोनों योजनाएं फिलहाल टैक्स के दायरे में हैं। डेट म्यूचुअल फंड्स भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए आकर्षक विकल्प साबित हो सकता है। 

सरकार उठा सकती है ये कदम

हालांकि इसकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों को राहत दे सकती है और उनके लिए महत्वपूर्ण कदम उठा सकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार एससीएसएस पर टैक्स में कटौती कर सकती है। इस स्कीम के तहत 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग 15 लाख रुपये तक जमा रख सकते हैं। 

एसबीआई ने घटाई ब्याज दर

एसबीआई ने एक से दो साल की अवधि के रिटेल टर्म डिपॉजिट यानी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बल्क टर्म डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज में कमी की है। एसबीआई ने एफडी पर ब्याज दर में 10 बेसिस प्वाइंट की कमी की है। वहीं बल्क टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दर में 30 बेसिस प्वाइंट की कमी की गई है। इस टर्म डिपॉजिट की मियाद एक साल से दो साल तक की है। नई ब्याज दर 10 अक्तूबर से प्रभावी होगी। साथ ही बचत खाते में एक लाख रुपये तक जमा रखने वालों के लिए बैंक ने ब्याज दर 3.50 फीसदी से घटाकर 3.25 फीसदी कर दी है। 

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