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पंजाब यूनिवर्सिटी में पुटा चुनाव का बिगुल बजा... कार्यक्रम जारी, 5 पाली में वोट डालेंगे 625 शिक्षक

अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 19 Sep 2020 12:59 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
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पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव का कार्यक्रम शुक्रवार को चुनाव अधिकारी प्रो. विजय नागपाल ने जारी कर दिया। चुनाव 25 व 26 सितंबर को पांच पाली में होंगे। इस चुनाव में 625 शिक्षक हिस्सा लेंगे। पहले दिन चुनाव सुबह 8.30 बजे शुरू होगा जो शाम 5 बजे तक चलेगा। वहीं दूसरे दिन चुनाव सुबह 9 बजे से शुरू होगा जो दोपहर 1 बजे तक चलेगा। चुनाव ऑफलाइन ही होगा।
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गृह मंत्रालय की ओर से जारी कोविड के दिशा-निर्देशों को भी पालन करने के लिए कहा गया है। वोटों की गिनती 26 सितंबर को दोपहर 1.30 बजे से होगी। ऑफलाइन चुनाव होने के कारण शिक्षकों की संख्या में बड़ी कमी आ सकती है, क्योंकि तमाम शिक्षक इस चुनाव का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना के कारण दिक्कतें होंगी। यदि किसी एक भी शिक्षक को कोरोना हो गया तो उसके जिम्मेदार कौन होंगे।


चुनाव को लेकर अनुमति न तो पीयू प्रशासन से ली गई है और न ही यूटी प्रशासन से। यहां के अधिकारियों ने भी इसको संज्ञान में नहीं लिया है। वहीं दूसरी ओर चुनाव के लिए प्रचार-प्रसार एक ग्रुप फोन के जरिए व सोशल मीडिया के जरिए कर रहा है तो दूसरा ग्रुप विभागों में दौड़ लगा रहा है। इससे शिक्षक भी परेशान हो रहे हैं। वहीं शिक्षकों के आवासों पर भी एक ग्रुप के सदस्य वोट मांगने जा रहे हैं।

ये है चुनाव का कार्यक्रम

पहली पाली: 25 सितंबर को सुबह 8.30 से 11 बजे इंग्लिश ऑडिटोरियम में : एसी जोशी लाइब्रेरी, एनसिएंट हिस्ट्री, कम्युनिटी एजुकेशन, चाइनीज एंड तिब्तियन, डिफेंस स्टडीज, इकनामिक्स, फाइन आर्ट्स, फ्रेंच, गांधीयन स्टडीज, भूगोल और यूसोल।
ईवनिंग ऑडिटोरियम में : ह्यूूमन रिसॉर्स सेंटर, सीआईएल, एजुकेशन, आईईटीवीई, लॉ, फिलॉस्फी, शारीरिक शिक्षा, यूआईएएमएस और यूआईएलएस।

दूसरी पाली: 11 से दोपहर 1.30 बजे तक
इंग्लिश ऑडिटोरियम में : अंग्रेजी, जर्मन, हिंदी, हिस्ट्री, ह्यूूमन राइट, इंडियन थिएटर, लाइब्रेरी साइंस, लाइफ लांग लर्निंग, मास कम्युनिकेशन, म्यूजिक, राजनीति विज्ञान, पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन, मनोविज्ञान, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, लेक्सीकॉग्राफी, पंजाबी, रसियन, संस्कृत, सोशल वर्क, समाजशास्त्र, उर्दू, वुमन स्टडीज और पीआरसी।
ईवनिंग ऑडिटोरियम में : ईवनिंग स्टडीज, स्पोर्ट्स, यूबीएस, यूआईएफटी, यूआईपीएस और यूथ वेलफेयर।

तीसरी पाली: दोपहर 2 से 3.30 बजे तक
इंग्लिश ऑडिटोरियम में : एंथ्रोपोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, बायोफिजिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी और एनवायरमेंट स्टडीज।
ईवनिंग ऑडिटोरियम में : कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर सेंटर, कंप्यूटर यूनिट, आईक्यूएसी, ह्यूूमन जीनोम, फॉरेंसिक साइंस और गणित।

चौथी पाली: दोपहर 3.30 से शाम 5 बजे तक
इंग्लिश ऑडिटोरियम में : केमेस्ट्री व फिजिक्स।
ईवनिंग ऑडिटोरियम में : जियोलॉजी, मेडिकल फिजिक्स, माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, सांख्यिकी, स्टीम सेल, सिस्टम बायोलॉजी और जूलॉजी।

26 सितंबर को पांचवीं पाली: सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक
इंग्लिश ऑडिटोरियम में : कैमिकल इंजीनियरिंग, यूआईईटी और यूआईएचटीएम।

चुनाव न कराए जाएं, कुछ शिक्षक कोरोना से घिरे हुए : डॉ. प्रियतोष

हिस्ट्री विभाग के डॉ. प्रियतोष शर्मा ने कहा है कि चुनाव की घोषणा कर दी गई, लेकिन यूआईएएमएस आदि विभागों के लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में चुनाव करवाना ठीक नहीं है। इन चुनाव को स्थगित किया जाए। तमाम शिक्षकों ने भी इस बात का समर्थन किया है। उन्होंने पुटा के पूर्व सचिव को भी पत्र लिखा है। कहा है कि इसके लिए किसकी अनुमति ली गई और कोरोना से सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे, यह बताया जाए। आपदा अधिनियम के मानकों का कितना पालन होगा, यह भी बताएं। कई अन्य बातें भी शिक्षकों ने जानी हैं। शिक्षक शनिवार को वीसी व यूटी प्रशासन को भी इसको लेकर पत्र लिखेंगे।

अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मृत्युंजय पर लगाया आरोप
खालिद-सिद्धू ग्रुप ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डॉ. मृत्युंजय कुमार पर आरोप लगाए हैं। कहा है कि वह बी ग्रेड में आते हैं। एक ग्रेड में शामिल होने के लिए वह सिंडिकेट का सहारा लेते रहे हैं। अध्यक्ष बनने के बाद वह ए ग्रेड में आकर प्रोफेसर बनने का लाभ लेना चाहते हैं। उनका पद लाइब्रेरी आर्काइविस्ट का है। कहा कि अपने हितों के लिए जो व्यक्ति चुनाव लड़ रहा है वह कैसे शिक्षक समुदाय का भला करेगा। इस संबंध में डॉ. मृत्युंजय से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। मालूम हो कि पिछले चुनाव में भी यह मुद्दा छाया हुआ था।

ये रही हैं खामियां
-पहले दिन 505 शिक्षक वोट डालेंगे जबकि दूसरे दिन महज 125 ही। शिक्षकों का कहना है कि जब दो दिन चुनाव करवाने के लिए हैं तो कोरोना के चलते शिक्षकों की सुरक्षा करनी चाहिए थी। 26 सितंबर को वोट डालने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी या फिर 125 शिक्षकों के लिए दूसरे दिन वोटिंग क्यों की गई।
- चुनाव कार्यक्रम में हर विभाग को वोट देने का समय दे दिया गया, लेकिन सैनिटाइजेशन का समय नहीं दिया गया। कहा कि यही चीज कोरोना में सबसे जरूरी थी।

- दोनों ऑडिटोरियम मेें एक-एक ही प्रवेशद्वार है। निकलने के लिए भी वही रास्ता प्रयोग होगा। शिक्षकों का कहना है कि लॉ ऑडिटोऱियम का चयन होना चाहिए था ताकि शिक्षक कोरोना से सुरक्षित रहते, क्योंकि उसमें दो गेट हैं।
- 25 सितंबर को होने वाले चुनाव के आखिरी पॉली में समय अपराह्न साढ़े तीन बजे लिखना चाहिए था लेकिन सुबह के साढ़े तीन बजे दर्शा दिया गया।
- ईवनिंग स्टडीज विभाग को डीईएस एमआरडीसी लिखा गया है। शिक्षकों का कहना है कि यह नाम पूरा लिखा जाना चाहिए था ताकि सभी लोग समझ सकें।
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