Milkha Singh Death News Live Updates: पंचतत्व में विलीन हुए 'उड़न सिख', पत्नी की तस्वीर सीने से लगा दुनिया को कहा अलविदा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 19 Jun 2021 05:47 PM IST
Flying Sikh Milkha Singh Death Last Rites Live Updates news in hindi
मिल्खा सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
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खास बातें

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे उड़न सिख मिल्खा सिंह शनिवार को अपनी अनंत यात्रा पर रवाना हो गए। जीवन में हर कठिनाई को पार कर मिल्खा सिंह ने वो पहचान बनाई कि दुनिया उनकी मुरीद बन गई। कोरोना जैसी नामुराद बीमारी ने उनका जीवन बेशक छीन लिया लेकिन वे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। चंडीगढ़ में शनिवार शाम जब उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई तो पूरा चंडीगढ़ अपने हीरो को सलामी देने उमड़ पड़ा। पढ़िए पल-पल के अपडेट...
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लाइव अपडेट

05:39 PM, 19-Jun-2021

पंचतत्व में विलीन हुए मिल्खा सिंह

मिल्खा सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
शाम लगभग साढ़े पांच बजे मिल्खा सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। 
05:16 PM, 19-Jun-2021

सीने पर रखी थी पत्नी की फोटो

मिल्खा सिंह की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह की फोटो को सीने से लगाकर उड़न सिख अंतिम यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान खेल मंत्री किरण रिजिजू ने परिवार को सांत्वना दी।
05:14 PM, 19-Jun-2021

वालीबॉल टीम की कप्तान निर्मल से की थी शादी

रोम ओलंपिक के बाद मिल्खा सिंह की शादी हो गई थी। उनकी पत्नी निर्मल भारतीय वालीबॉल टीम की कप्तान थीं। जब दोनों इंडो सिलोन खेलों में हिस्सा ले रहे थे, तभी प्यार परवान चढ़ा और बाद में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। एक बार निर्मल ने किसी पत्रकार को बताया था कि शादी से पहले मिल्खा सिंह की बहुत बड़ी फैन थी और ऑटोग्राफ लेती रहती थी। वे इतने स्मार्ट और मशहूर थे कि प्यार तो होना ही था।  
05:04 PM, 19-Jun-2021

बेटी ने लिखी थी जीवनी

मिल्खा सिंह की बेटी सोनिया सांवलका ने अपने पिता के जीवन पर रेस ऑफ माई लाइफ नाम से किताब लिखी, जो साल 2013 में प्रकाशित हुई थी। इस किताब के प्रकाशित होने के बाद फिल्म निर्माता राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने उनके जीवन पर फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ बनाने का निर्णय लिया। 
04:54 PM, 19-Jun-2021

केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू पहुंचे

मिल्खा सिंह की अंतिम यात्रा: अंतिम संस्कार में पहुंचे खेल मंत्री किरण रिजिजू और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर। - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू और पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीके सिंह बदनौर सेक्टर 25 के श्मशान घाट पहुंच गए हैं। मिल्खा सिंह का पार्थिव शरीर भी सेक्टर 25 के श्मशान घाट पहुंच चुका है।
04:46 PM, 19-Jun-2021

जब जादुई जूते कर दिए नीलाम

जिन जूतों को पहनकर वर्ष 1960 में मिल्खा सिंह रोम ओलंपिक में दौड़े थे, उनको उन्होंने दृष्टिहीन बच्चों की मदद के लिए नीलाम कर दिया था। मिल्खा सिंह को इन जूतों से काफी लगाव था और इन्हें संभालकर उन्होंने अलमारी में रखा हुआ था।
 
04:39 PM, 19-Jun-2021

मैडम तुसाद में लगा है उड़न सिख का पुतला

मैडम तुसाद म्यूजियम में भी उड़न सिख को जगह मिली है। यहां दुनियाभर की हस्तियों के साथ मिल्खा सिंह का भी मोम का पुतला लगा है। जब मिल्खा ने अपने मोम के पुतले को देखा था तब वे भी दंग रह गए थे। पुतले को देखकर मिल्खा सिंह ने कहा था कि मेरे जाने के बाद लोगों को मेरा पुतला मेरी याद दिलाता रहेगा। 
04:32 PM, 19-Jun-2021

मां के बाद पिता नहीं रहे

मिल्खा सिंह के निधन के बाद उनके बेटे व अंतरराष्ट्रीय स्तर के गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने कहा कि मेरे पिता का निधन रात 11.30 बजे के करीब हुआ। शुक्रवार को उन्होंने अपनी जिंदगी के लिए काफी संघर्ष किया था लेकिन भगवान के अपने तरीके हैं। यह सच्चा प्यार और साथ था कि पांच दिन में मां और पिता दोनों चले गए। हम पीजीआई के डॉक्टरों के उनके साहसिक प्रयासों और दुनिया भर से मिले प्यार और प्रार्थना के लिए आभारी हैं।
 
04:16 PM, 19-Jun-2021

मटका चौक से गुजरेगी यात्रा

मिल्खा सिंह की अंतिम यात्रा मटका चौक की तरफ से सेक्टर 25 के श्मशान घाट ले जाई जाएगी।
04:10 PM, 19-Jun-2021

अंतिम यात्रा की तैयारी

मिल्खा सिंह की अंतिम यात्रा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी गाड़ी में रखा गया है। 
03:57 PM, 19-Jun-2021

रोम ओलंपिक में हार का गम हमेशा रहा

मिल्खा सिंह ने उम्र भर भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द झेला। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी।
03:53 PM, 19-Jun-2021

आखिरी इंटरव्यू में कहा था, मैं वापस आऊंगा

बीमारी के दौरान ही दिए गए अपने आखिरी इंटरव्यू में उन्होंने वादा किया था वह तीन-चार दिन में ठीक होकर वापस आ जाएंगे। कोरोना संक्रमण का पता चलने के बाद समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह ने कहा था कि वह जल्दी ठीक हो जाएंगे और उन्हें यकीन था कि अपनी स्वस्थ जीवन शैली और नियमित व्यायाम के दम पर वह वायरस को हरा देंगे।  
03:40 PM, 19-Jun-2021

शुक्रवार रात ली थी अंतिम सांस

शुक्रवार  18 जून की दोपहर अचानक मिल्खा सिंह की तबीयत गंभीर हो गई थी। बुखार के साथ उनका ऑक्सीजन स्तर नीचे गिरने लगा। पीजीआई के डॉक्टरों की सीनियर टीम उन पर नजर बनाए हुए थी, लेकिन देर रात उनकी हालत बिगड़ गई और रात 11.40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 
03:31 PM, 19-Jun-2021

हरियाणा विस स्पीकर पहुंचे

हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता महान धावक मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके निवास स्थल पर पहुंच गए हैं।
03:24 PM, 19-Jun-2021

बदनौर ने कहा, मिल्खा सिंह का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मिल्खा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि कोरोना वायरस से देश ने एक और महान इंसान को खो दिया है। बदनौर ने अपने शोक संदेश में कहा है कि मिल्खा सिंह द्वारा खेल क्षेत्र में दिए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। चंडीगढ़ के डीसी मनदीप सिंह बराड़ मिल्खा सिंह के घर पहुंचे।शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के प्रधान सुखदेव सिंह ढींढसा मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देने उनके निवास स्थल पर पहुंचे।
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