वीडियो: पंचकूला में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, विधानसभा जाने पर पुलिस ने रोका, हल्की झड़प

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 26 Aug 2020 04:21 PM IST
विरोध प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर्स
विरोध प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर्स - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मांगों को लेकर हरियाणा विधानसभा के लिए कूच करने वाली सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने सीटू के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आशा कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन से न सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं बल्कि लोगों को भी परेशानी हुई। पंचकूला में साथ लगते जिलों की सैकड़ों आशा कार्यकर्ता वनिका पार्क में इकट्ठा हुईं। यहां से सभी हरियाणा विधानसभा की ओर चलीं। 
विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पंचकूला के बैरियर पर भारी पुलिस बल वाटर कैनन और अपने संसाधनों के साथ मौजूद थी। इनको चड़ीगढ़ पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड पर रोक लिया। यहां उनके साथ पुलिस बल से हल्की झड़प हुई। जब उनको आगे जाने का मौका नहीं मिला तो सभी यहीं रुक गए। यहां से एक प्रतिनिधिमंडल सीएम कार्यालय ले जाया गया पर सीएम के न होने के कारण उनको वापस आना पड़ा। ऐसे में यह सभी हाउसिंग बोर्ड पर ही प्रदर्शन करने लगीं।


कई बार बताया पर नहीं हुआ मांगों का हल 
आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की राज्य महासचिव सुरेखा, सचिव सुनीता, सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान, उपाध्यक्ष सतवीर सिंह ने कहा कि सरकार कोरोना योद्धाओं के साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रही। कोविड- 19 से बचाव में आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग में बुनियादी भूमिका निभाई। 


देखें वीडियोः हमारे चैनल को सब्सक्राइब भी करें-

वह जान जोखिम में डाल कर कोविड को रोकने का काम कर रही हैं। हरियाणा की आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों व समस्याओं के बारे आपको बार-बार अवगत करवाते रहे हैं। परंतु विभाग व सरकार की ओर से किसी प्रकार का समाधान नहीं हुआ। आशा कार्यकर्ताओं के अनुसार हरियाणा में दो हजार से ज्यादा आशा कार्यकर्ता सात अगस्त से हड़ताल पर हैं लेकिन राज्य सरकार ने अब तक उनकी मांग का समाधान नहीं किया है।

ट्रैफिक को किया गया डायवर्ट
आशा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पंचकूला से चंडीगढ़ को जाने वाले ट्रैफिक को विकास नगर और मौली जागरां की ओर मोड़ दिया गया जबकि चंडीगढ़ से आने वालों को टैंक चैक को माध्यम से निकाला गया। हालात यह हो गए कि कुछ समय पंचकूला सेक्टर-16 के पास जाम जैसी स्थिति बन गई।

पुलिस के तंबू पर भी कर लिया कब्जा
आशा कार्यकर्ताओं को जब यहां बैठने के लिए जगह नहीं मिलीं तो वह पुलिस के तंबू के भीतर चली गईं। ऐसी स्थिति में यहां अजीब सी स्थिति उत्पन्न हो गई। आशा कार्यकर्ताओं ने यहां करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया।

ये हैं आशा कार्यकर्ताओं की मांगें
  • जनता को गुणवत्ता स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत किया जाए व एनएचएम को स्थार्यी किया जाए।
  • आठ एक्टिविटी का काटा गया 50 प्रतिशत पैसा जो 2019 तक मिलता रहा था इसे तुरंत वापस लागू किया जाए।
  • कोविड-19 में काम कर रही आशाओं को जोखिम भत्ते के तौर पर 4000 दिए जाएं। कोविड-19 के लिए केंद्र की ओर से दिए जा रहे 1000 प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत राज्य का हिस्सा दिया जाए।
  • गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटना के शिकार आशाओं को सरकार के पैनल अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाए।
  • आशाओं को समुदायिक स्तरीय स्थायी कर्मचारी बनाया जाए। जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक हरियाणा सरकार का न्यूनतम वेतन दिया जाए और इसे महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाए। ईएसआई एवं पीएफ की भी सुविधा दी जाए।
  • आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य कर्मी का दर्जा दिया जाए।
  • 21 जुलाई 2018 को जारी किए गए नोटिफिकेशन के सभी बचे हुए निर्णय को लागू किया जाए।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00