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विधानसभा अध्यक्ष असंतुष्ट: फंसे डीजीपी यादव, दूसरी एटीआर पहली से भी कमजोर, आईपीएस पंकज नैन को क्लीन चिट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 17 Jul 2021 03:32 AM IST

सार

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 10 मार्च को पंजाब के अकाली विधायकों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर हमले का प्रयास किया था। मामले में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने हरियाणा के डीजीपी से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। पहली रिपोर्ट की तुलना दूसरी में किसी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। पहली रिपोर्ट में आईपीएस अधिकारी पंकज नैन का नाम प्रमुखता से लिया गया था। 
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हरियाणा के पुलिस महानिदेशक मनोज यादव।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक मनोज यादव। - फोटो : फाइल फोटो।
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विस्तार

बजट सत्र के दौरान हरियाणा विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सुरक्षा में चूक मामले में डीजीपी मनोज यादव कार्रवाई रिपोर्ट को लेकर फंसते जा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष को भेजी दूसरी कार्रवाई रिपोर्ट पहली से भी कमजोर है, इसमें आईपीएस पंकज नैन को क्लीन चिट दे दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने रिपोर्ट से असंतुष्ट हैं। मामला अब विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सम्मुख रखा जाएगा।
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विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने शुक्रवार को विधानसभा में प्रेस वार्ता में कहा कि दूसरी रिपोर्ट का कोई औचित्य नहीं है, वह इसे नहीं मानते। इसमें उन अधिकारियों को बचाया गया है, जिनके खिलाफ पहली रिपोर्ट में कार्रवाई करने की बात दर्ज थी। डीजीपी ने दूसरी रिपोर्ट में आईपीएस पंकज नैन को क्लीन चिट देते हुए लिखा है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी संतोषजनक ढंग से निभाई। 


मुख्यमंत्री का सुरक्षा घेरा नहीं टूटने दिया गया। गुप्ता के अनुसार रिपोर्ट में विभाग के तीन कर्मचारियों एसआई गंगाजल, एएसआई सूबे सिंह, हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार के खिलाफ विभागीय जांच की बात कही गई है। पूरे साक्ष्यों और विधानसभा कर्मचारियों के बयान के साथ मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जाएगा। 

हरियाणा पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए चंडीगढ़ पुलिस पर ठीकरा फोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पहली रिपोर्ट में आईपीएस अधिकारी पंकज नैन समेत घटना के लिए जिम्मेदार नौ अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ शीघ्र अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का जिक्र था। इनमें से आठ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। डीजीपी को पत्र लिखकर सात बिंदुओं पर जवाब तलब किया था और विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी।
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