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Haryana News: मिलावटी दुग्ध उत्पादों की धड़ल्ले से सप्लाई होने पर हाईकोर्ट सख्त, हरियाणा सरकार को नोटिस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 06 Dec 2022 09:00 PM IST
सार

याची ने कहा कि मिलावटखोरों के मन में कानून का कोई डर नहीं है। मेवात के अतावर में मिलावटी उत्पादों की फैक्टरी पर छापा मारने गई टीम व पुलिस दल पर हथियारों से लैस लोगों ने हमला कर दिया था। इस दौरान कई सरकारी अधिकारी घायल हो गए थे। कोर्ट के आदेश से या फिर कोई अधिकारी खुद से कार्रवाई करने के लिए आगे बढ़ता है तो सत्तासीन लोग इन्हें बचा लेते हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा के कई जिलों में मिलावटी व नकली दुग्ध उत्पादों की धड़ल्ले से सप्लाई पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डीजी हेल्थ सर्विसेस, स्वास्थ्य सचिव व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। फरीदाबाद निवासी वरुण श्योकंद ने एडवोकेट आरएस चहल के माध्यम से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी पलवल, मेवात व नूंह में हर रोज चार हजार किलो नकली व मिलावटी दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इन उत्पादों को फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, नारनौल, नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली व अन्य स्थानों पर बिक्री के लिए भेज दिया जाता है। इन दुग्ध उत्पादों को तैयार करने के लिए मैलामाइन, सल्फ्यूरिक एसिड, ग्लिसरीन, यूरिया, स्टार्च व कास्टिक सोडा केमिकल का इस्तेमाल होता है। 



याची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में कह चुका है कि फूड सेफ्टी एक्ट व आईपीसी में संशोधन कर दुग्ध उत्पादों में मिलावट करने वालों के लिए उम्रकैद की सजा का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही यह भी टिप्पणी की थी कि जो उत्पाद किसी नागरिक के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए वह उस नागरिक के मौलिक अधिकार को खतरा माना जाएगा। इसके बावजूद अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। राज्य की जिम्मेदारी बनती है कि वह नागरिकों के जीवन व स्वास्थ्य की रक्षा करे। याची ने कहा कि मिलावटखोरों के मन में कानून का कोई डर नहीं है। 


मेवात के अतावर में मिलावटी उत्पादों की फैक्टरी पर छापा मारने गई टीम व पुलिस दल पर हथियारों से लैस लोगों ने हमला कर दिया था। इस दौरान कई सरकारी अधिकारी घायल हो गए थे। कोर्ट के आदेश से या फिर कोई अधिकारी खुद से कार्रवाई करने के लिए आगे बढ़ता है तो सत्तासीन लोग इन्हें बचा लेते हैं। साथ ही यह भी बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण भी मिलावट बढ़ रही है। 

फरीदाबाद, पलवल, नूंह व मेवात इन जिलों की जांच के लिए केवल एक फूड सेफ्टी ऑफिसर मौजूद है। जो सैंपल एकत्रित किए जाते हैं उन्हें चंडीगढ़ भेजना पड़ता है। फरीदाबाद में हालात और बदतर हैं क्योंकि यहां से भेजे गए 167 सैंपल में से 96 फेल हो गए थे। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया जाए। याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।  

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