वो लम्हा: अंतिम सफर पर निकले मिल्खा सिंह को सैनिकों ने किया था सैल्यूट, जीव मिल्खा ने बताया यादगार  

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 22 Jun 2021 10:31 AM IST

सार

जीव ने कहा कि उन्हें जिंदगी भर पिता की कमी खलेगी क्योंकि वह मेरे सबसे अच्छे दोस्त, गाइड और मेंटर (परामर्शदाता) थे। उनकी कमी से निपटने के लिए उन्हें जीवन भर के जज्बे की जरूरत होगी। 
 
मिल्खा सिंह और निर्मल मिल्खा सिंह।
मिल्खा सिंह और निर्मल मिल्खा सिंह। - फोटो : twitter @JeevMilkhaSingh
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विस्तार

महान धावक मिल्खा सिंह का शुक्रवार रात निधन हो गया था। शनिवार को जब उन्हें अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था तो आर्मी के जवानों ने रुककर उन्हें सैल्यूट किया था। सोमवार को मिल्खा सिंह के बेटे और गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने इसके लिए सेना का आभार जताया।
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जीव ने कहा कि उन्हें अपने पिता की अंतिम यात्रा की ज्यादा बातें याद नहीं हैं लेकिन वह दृश्य वो कभी नहीं भूलेंगे, जब वहां से गुजर रहा सेना का एक वाहन रुका और उसमें से उतरकर सैनिकों ने पिता को सैल्यूट किया।

जीव ने सोमवार को ट्वीट किया कि हमारा परिवार हमेशा भारतीय सेना का आभारी रहेगा और वह एक बार फिर उन्हें शुक्रिया कहना चाहते हैं। अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैंने अपने माता-पिता को खो दिया। मेरे लिए यह बात भी काफी जज्बाती है कि मुझे लोगों से हजारों संदेश मिल रहे हैं जैसे उन्होंने भी कोई अपना खो दिया है। पिता के सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों का इस समय दुख की घड़ी में हमारा साथ देने के लिए धन्यवाद।

पापा मेरे सबसे अच्छे दोस्त गाइड और मार्गदर्शक थे

जीव ने कहा कि उन्हें जिंदगी भर पिता की कमी खलेगी क्योंकि वह मेरे सबसे अच्छे दोस्त, गाइड और मेंटर (परामर्शदाता) थे। उनकी कमी से निपटने के लिए उन्हें जीवन भर के जज्बे की जरूरत होगी। मैंने जो खोया है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दोस्त के नाते मैं हमेशा ही अपने दिल की बातें उनसे साझा करता था। वह भी मुझसे अपनी कोई बात नहीं छिपाते थे। उन्होंने जिंदगी में हमेशा मुझे बेहतर राह दिखाई। गुरु की तरह उन्होंने मुझे ऐसी शिक्षा दी, जिसकी बदौलत आज मैं अपने पैरों पर खुद खड़ा हुआ हूं। आगे की जिंदगी में पिता की ओर से दी गई शिक्षा मेरे काम आने वाली है और मुझे जीवन भर इसकी आवश्यकता रहेगी।

शुक्रवार को दुनिया छोड़ गए थे मिल्खा सिंह
महान धावक मिल्खा सिंह का निधन शुक्रवार को पीजीआई में रात 11.30 बजे हुआ था। शनिवार को सेक्टर-25 में उनका राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। रविवार को ही बेटे जीव ने अपने परिजनों के साथ उनकी अस्थियां कीरतपुर साहिब के पातालपुरी साहिब में विसर्जित की थीं। 
 

मिल्खा सिंह और उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह को कांग्रेसी नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल व अन्य कांग्रेसी नेता सोमवार को सेक्टर-8 स्थित मिल्खा सिंह के आवास पर पहुंचे और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का पत्र उनके पुत्र जीव मिल्खा सिंह को सौंपा। साथ ही बंसल ने मिल्खा सिंह और उनकी दिवंगत पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। 
सोनिया गांधी ने अपने शोक संदेश में मिल्खा सिंह और निर्मल मिल्खा सिंह के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है और उनकी उपलब्धियों को याद किया है। पत्र में लिखा है कि मिल्खा सिंह के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। राष्ट्र उनकी उपलब्धियों के लिए हमेशा ऋणी रहेगा। 
बंसल के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला, मुख्य प्रवक्ता एचएस लक्की, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र सिंह बबला भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे प्रशासन से सेक्टर-7 के एथलेटिक क्लब का नाम स्वर्गीय मिल्खा सिंह के नाम पर रखने की मांग करेंगे। 
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