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पंजाब की सियासत : मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा ने शुरू की हिंदू चेहरे की तलाश, चुनाव अगले साल

अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 01 Aug 2021 05:16 AM IST

सार

  • हिंदूवादी संगठनों की मांग को देखते हुए नेताओं ने शुरू की कवायद
  • जातिगत समीकरण को देखकर ही आखिरी फैसला करेगा केंद्रीय नेतृत्व
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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने भी संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। आबादी का प्रतिशत अधिक होने के बाद भी 55 साल से हिंदू मुख्यमंत्री न बनने के कारण हिंदूवादी संगठनों की मांग को देखते हुए भाजपा ने हिंदू चेहरे की तलाश शुरू की है। हालांकि इस फैसले पर जातिगत समीकरण को देखते हुए जो भी फैसला होगा वह केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा ही लिया जाएगा।
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पंजाब के हिंदुवादी संगठनों की ओर से पंजाब में सिख के बजाय हिंदू चेहरे को मुख्यमंत्री प्रत्याशी के रूप में घोषित करने की मांग उठने लगी है। इस मामले में हिंदूवादी संगठन का एक शिष्टमंडल भाजपा सांसद और पंजाब मामलों के प्रभारी दुष्यंत गौतम से मुलाकात कर चुका है। इस दौरान हिंदू संगठनों की ओर से हिंदू मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की गई। पंजाब में जातिगत समीकरण के अनुसार भी हिंदुओं की जनसंख्या दूसरे नंबर पर आती है। 


वोट प्रतिशत के अनुसार पंजाब में सिख जनसंख्या 58 प्रतिशत है और दूसरे नंबर पर 40 प्रतिशत हिंदू आबादी है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री पद पर हमेशा सिख चेहरे को ही वरीयता दी जाती रही है। संगठनों की इस मांग को और जातिगत समीकरण को देखते हुए भाजपा नेताओं ने भी हिंदू चेहरे को लेकर संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। कुछ नेताओं ने बताया कि दलित चेहरा भी हिंदू से ही आता है। अन्य कुछ राजनीतिक दल पंजाब में हिंदुओं को बांटने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब राज्य के हिंदू उनकी इस चाल को समझ चुके हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि इस मामले में अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा ही लिया जाएगा।

1966 से नहीं मिला हिंदु मुख्यमंत्री
पंजाब के हिंदू नेता जय भगवान गोयल ने बताया कि पंजाब में हिंदुओं की जनसंख्या 40 प्रतिशत है। इसके बाद भी 1966 के बाद से आज तक पंजाब में हिंदू मुख्यमंत्री  नहीं बनाया गया। भाजपा यदि इस पर सकारात्मक निर्णय करती है तो पंजाब के हिंदु इसका स्वागत करेंगे।

हिंदुओं का अभी तक पंजाब में सभी राजनीतिक दलों ने उपयोग ही किया है। कांग्रेस सहित भाजपा-अकाली सरकार में भी हिंदू हमेशा उपेक्षित रहा है। इस बार चुनाव में हिंदू सभी राजनीतिक दलों को इसका जवाब जरूर देगा। हां, यह जरूर है कि हिंदू मुख्यमंत्री बनने से अलगाववादी तत्वों पर अंकुश लगेगा और अलगाववाद के विरुद्ध आवाज  बुलंद करने वाले हिंदुओं का उत्पीड़न बंद होगा।
-अशोक तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिंदू तख्त।

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