पंजाब कांग्रेस की कलह: कैप्टन विरोधियों को जोर का झटका, हरीश रावत की दो टूक-अमरिंदर ही होंगे सीएम चेहरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 25 Aug 2021 01:44 PM IST

सार

बैठक से पहले हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि अगले चुनाव में कैप्टन ही पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत। - फोटो : ANI
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने की मांग को लेकर लामबंद हो रहे मंत्रियों-विधायकों को तगड़ा झटका देते हुए साफ कर दिया कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे।
विज्ञापन


देहरादून में बुधवार को पंजाब के चार कैबिनेट मंत्री और तीन विधायक प्रदेश कांग्रेस के मौजूदा हालात और कैप्टन के खिलाफ लामबंदी की जानकारी देने पहुंचे थे। उनसे बातचीत के बाद हरीश रावत ने अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करते हुए कैप्टन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कैप्टन सूझबूझ वाले नेता हैं और 2022 के चुनाव में भी वे पंजाब में पार्टी को जीत दिलाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में 2022 का पंजाब चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले उन्होंने पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान पर कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को देखेगी और इसका हल निकाला जाएगा।

चंडीगढ़ में हुई थी बगावत

हरीश रावत से मिलने के लिए बुधवार को पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, सुख सरकारिया और तीन विधायक कुलबीर सिंह जीरा, वरिंदर जीत सिंह पाहड़ा व सुरजीत सिंह धीमान पहुंचे थे। इन मंत्रियों और विधायकों ने मंगलवार को चंडीगढ़ में कई अन्य विधायकों के साथ तृप्त बाजवा के आवास पर बैठक करके कैप्टन के नेतृत्व के प्रति अविश्वास प्रकट करते हुए उन्हें हटाने की मांग उठाई थी। 

बुधवार को इन नेताओं से बैठक के बाद हरीश रावत ने कहा कि यह बातें पार्टियों में होती हैं। जब हम पीसीसी में बदलाव लाए, तो हमें संभावित मुद्दों के बारे में यह अंदेशा था कि नया कुछ सामने आ सकता है। हम समाधान ढूंढेंगे। सभी को सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भरोसा है। लेकिन अचानक क्या हुआ है, क्यों बड़ी संख्या में विधायक निराश हैं, हम मामले को देखेंगे और इसे सुलझाने की कोशिश करेंगे। 

मंगलवार को उठा था विवाद
प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू द्वारा अपने लिए नियुक्त किए सलाहकारों की ओर से कश्मीर और पाकिस्तान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कांग्रेस की आलोचना वाले जारी किए बयानों पर कैप्टन ने 11 अगस्त को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने चिंता जताई गई थी। कैप्टन ने खुद भी बयान जारी करके सिद्धू के सलाहकारों को मुंह बंद रखने की ताकीद की थी। इसके अगले ही दिन पंजाब के कई मंत्रियों और विधायकों ने एकजुट होकर कैप्टन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी।

कैप्टन के खिलाफ विधायकों में नाराजगी है: परगट

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव परगट सिंह ने बुधवार को फिर कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ विधायकों में नाराजगी है। पत्रकारों से बातचीत में परगट ने कहा कि मुद्दों का निपटारा नहीं होने के कारण विधायकों में नाराजगी है। मैंने कांग्रेस आलाकमान को सुझाव दिया है कि एआईसीसी पर्यवेक्षक की देखरेख में मुख्यमंत्री को सभी विधायकों की बैठक बुलाकर उनसे चर्चा करने के बाद फैसला करना चाहिए। दिल्ली में पार्टी हाईकमान से मिलने के बारे में पूछे गए सवाल पर परगट ने कहा कि निश्चित रूप से कुछ लोग दिल्ली गए हैं और मैं भी वहां जाऊंगा। इसमें कोई समस्या नहीं है। हमें मुद्दों से हटना नहीं चाहिए। कैप्टन हमारे मुख्यमंत्री हैं और हम इससे असहमत नहीं हैं लेकिन काम करना होगा। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00