अमरिंदर सिंह को जान से मारने की धमकी: आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ केस दर्ज, कैप्टन बोले- बख्शा नहीं जाएगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 01 Sep 2021 12:12 AM IST

सार

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ पंजाब पुलिस ने मोहाली में मामला दर्ज किया है। पन्नू ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जान से मारने की धमकी दी थी। इससे पहले पन्नू स्वतंत्रता दिवस से पहले कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को राष्ट्रीय ध्वज न फहराने की धमकी दे चुका है।
गुरपतवंत सिंह पन्नू
गुरपतवंत सिंह पन्नू - फोटो : फाइल
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विस्तार

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ पंजाब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पन्नू ने हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर जान से मारने की धमकी दी थी। इधर, कैप्टन ने भी पन्नू की धमकी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि पंजाब को अशांत करने वालों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
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मंगलवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पन्नू को राज्य की शांति स्थिरता और सांप्रदायिक सद्भावना को भंग करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) और इसके कथित बने जनरल काउंसिल के द्वारा पंजाब का माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश का उनकी सरकार करारा जवाब देगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी पंजाब की शांति को भंग करने और हमारे लोगों को पुन: आतंकवाद के दिनों में धकेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एसएफजे की माहौल खराब करने और विघटनकारी कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा। पंजाब गुरुओं की धरती हैं, जहां हमेशा ही मानवता की एकता की विचारधारा का प्रचार किया जाता है।

इन धाराओं में हुआ मुकदमा
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पन्नू और उसके साथियों सहित एसएफजे के सदस्यों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) एक्ट, 1967 की धारा 10 (ए), 13 (1) और आईपीसी की धारा 153ए और 124ए के अधीन स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मोहाली में एफआईआर (नंबर 34) दर्ज की गई की गई है। उन्होंने बताया कि पन्नू को हिंसक आतंकवादी गतिविधियों को भड़काने और संविधान के अनुसार पंजाब के चुने हुए मुख्यमंत्री को मारने की धमकी देने के आरोप में दोषी पाया गया है।

28 अगस्त को पोस्ट किया था वीडियो
28 अगस्त को पोस्ट की वीडियो की प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए डीजीपी ने कहा कि इस वीडियो से मुख्यमंत्री के खिलाफ एक आपराधिक साजिश का स्पष्ट तौर पर पता चलता है, जिसमें मुख्यमंत्री को गोलियों का निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिये जांच जारी है। 10 जुलाई 2019 को भारत सरकार ने सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगाया था। 

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