Hindi News ›   Chandigarh ›   punjab university student council election candidates open house debate in press club

पीयू चुनावः प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवारों का ओपन हाउस, बेबाक बोल

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 04 Sep 2016 09:17 PM IST
ओपन हाउस डिबेट में पीयू चुनाव के उम्मीदवार
ओपन हाउस ​डिबेट में पीयू चुनाव के उम्मीदवार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में प्रेसिडेंट पद के दावेदारों ने रविवार को प्रेस क्लब में आयोजित ओपन हाउस डिबेट में हिस्सा लिया। पीयू पल्स ग्रुप ने इस पूरे हाउस का आयोजन किया। जिसमें सोई, एबीवीपी, इनसो और एचपीएसओ गठबंधन की ओर से प्रेसिडेंट पद के कैंडीडेट पीयूष आनंद बावा और पूर्व प्रेसिडेंट जैसमिन कंग ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन


पुसू, एनएसयूआई स्टूडेंट फ्रंट, एनएसओ और एचपीएसए गठबंधन की ओर से प्रेसिडेंट कैंडीडेट निशांत कौशल और एनएसयूआई, सोपू, हिमसू और पीयूएचएच की ओर से सियो मिनोचा ने भाग लिया। पीयू में कई सालों से ओपन हाउस बंद है। विवाद और हंगामे के कारण के इसे बंद किया गया था। जिस कारण कैंपस से बाहर ओपन हाउस करवाया गया।


हाउस डिबेट की शुरुआत सोई के पूर्व प्रेसिडेंट जैसमिन कंग से उनके किए कार्यों की जानकारी मांगने से हुई। जिस पर कंग ने बताया कि उन्होंने हॉस्टलों में सोलर पैनल और वॉशिंग मशीन लगावाई हैं। जो पंजाब सरकार के सहयोग से लगवाई गई। इसके अलावा स्टूडेंट्स की सभी मांगों को पीयू प्रशासन केसामने उठाया जाता रहा है।

ऑडियंस ने ये सभी सवाल पूछे

ओपन हाउस डिबेट में पीयू चुनाव के उम्मीदवार
ओपन हाउस ​डिबेट में पीयू चुनाव के उम्मीदवार - फोटो : अमर उजाला
निशांत कौशल ने रिसर्च स्कॉलर्स को रूम नहीं मिलने का सवाल किया। जिस पर कंग ने कहा कि यह मामला विचाराधीन है। सिया मिनोचा ने भी सोई को घेरते हुए कहा कि  स्टूडेंट काउंसिल ने इस बार झंकार, विमर्श और अवसर कार्यक्रमों में स्टूडेंट्स की भागीदारी बहुत कम रही। सिया ने कहा कि सोई ने पिछले चुनाव में गर्ल्स के लिए अलग हॉस्टल नंबर-10 बनाने की घोषणा की। लेकिन आजतक हॉस्टल नहीं बन पाया।

ऑडियंस में बैठे स्टूडेंट हर्षित ने पुसू प्रेसिडेंट निशांत से सवाल किया कि उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल की स्टूडेंट ईकाई से गठबंधन की बात कही थी, फिर एनएसयूआई स्टूडेंट फ्रंट से गठबंधन क्यों किया। निशांत ने कहा कि उन्होंने एनएसयूआई नहीं बल्कि उससे टूट कर अलग हो चुकी एनएसयूआई स्टूडेंट फ्रंट से गठबंधन किया।

शिक्षकों की आयु सीमा पर
पीयू में प्रोफेसर्स की आयु सीमा 58 से 60 किए जाने का तीनों प्रेसिडेंट कैंडीडेट ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि पुरानों को सेवानिवृत कर नए शिक्षकों को मौका मिलना चाहिए। अगर पुराने ही पदों पर बने रहेंगे तो नए बेरोजगार रहेंगे।

महिला सुरक्षा
70 फीसदी छात्राओं वाली पीयू में इनकी सुरक्षा बड़ा सवाल है। ऑडियंस में बैठी एक  छात्रा ने बताया कि उसे खुद छेड़छाड़ सहनी पड़ी है। इस पर सिया ने कहा कि लड़कियों केहितों की रक्षा के लिए ही आगे आई हैं। जीतने पर वह हेल्पलाइन शुरू करेंगे ताकि ऐसी घटना होने पर तुरंत सिक्योरिटी पहुंच सके।

पुसू के निशांत ने कहा कि वह ऐसी घटनाओं से निपटने केलिए एप बना रहे हैं जिस पर टच करते ही जानकारी उससे जुड़े लोगों केपास चली जाएगी। जो नजदीक होगा वह तुरंत मदद को पहुंचेगा। सोई प्रेसिडेंट पीयूष ने कहा कि वह सीसीटीवी का प्रस्ताव लाएंगे। ताकि कैमरे में कैद होने के डर से ऐसी घटनाएं कम हों।

ओपन हाउस डिबेट में इन मुद्दों पर हुई चर्चा

ओपन हाउस डिबेट में पीयू चुनाव के उम्मीदवार
ओपन हाउस ​डिबेट में पीयू चुनाव के उम्मीदवार - फोटो : अमर उजाला
कागज की बर्बादी
पोस्टर, पर्चों से होने वाली कागज की बर्बादी पर सोई ने कहा कि वह कम से कम कागज का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुसू ने कहा कि वह पोस्टर-पर्चों की बजाए हैंड टू हैंड जाकर प्रचार कर रहे हैं। जबकि एनएसयूआई ने कहा कि वह रिसाइकिल पेपर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कैंपस में चार पहिया बैन
सोई और एनएसयूआई ने कैंपस में चार पहिया वाहन बैन करने के पक्ष में सहमति जताई। उन्होंने कहा कि गेट पर ही सभी वाहन पार्क कर ई-रिक्शा या शटल बस सर्विस से अंदर आने की इजाजत होनी चाहिए। सिया ने कहा कि गेट नंबर-4 के पास काफी जगह है जहां बड़ी पार्किंग बनाई जा सकती है। पुसू ने कहा कि वह कैंपस के कुछ एरिया में बैन के पक्ष में है और कुछ के नहीं। डिपार्टमेंट के आस-पास वाहनों को आने ही इजाजत नहीं होनी चाहिए।

पीयू में गुंडागर्दी
ऑडियंस ने एक सवाल पिछले दिनों गोली चलने का पूछा तो सभी पार्टियों ने ऐसे शरारती तत्वों पर लगाम कसने पर सहमति जताई। सभी कहा कि पीयू एक मंदिर है इसमें ऐसी घटनाएं वर्जित होनी चाहिए। एक स्टूडेंट ने कहा कि सोई पर डरा धमका वोट मांगने के आरोप लगते हैं। इस पर सोई ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है अगर ऐसा है तो वह अपनी आवाज उठा सकता है।

सभी को 5 साल का अनुभव
तीनों प्रेसिडेंट कैंडीडेट ने कहा कि पहली बार सभी अनुभवी लोगों को मौका मिला है। उन्होंने 5 साल से अधिक समय तक पीयू में रहकर सब चीजों को देखा है। स्टूडैंट्स वेलफेयर के लिए काम किया है। इसलिए स्टूडेंट्स को इससे फायदा मिलेगा।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00