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Amritsar News: जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए एसजीपीसी ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 01 Dec 2022 08:08 PM IST
सार

हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि जेलों में बंद सिखों की रिहाई सिख समाज का अहम मुद्दा है। जन आंदोलन खड़ा करने में हस्ताक्षर अभियान निर्णायक साबित होगा। शिरोमणि कमेटी लंबे समय से जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए आवाज उठाती आ रही है और इसके तहत कानूनी प्रयास किए गए हैं। 

एसजीपीसी ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान।
एसजीपीसी ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरुवार को बड़े स्तर पर जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए एक हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया। एलान किया कि इस अभियान को अगले कुछ दिनों में पूरे देश में फैलाया जाएगा। गूगल फार्म के माध्यम से दुनिया के लोगों को अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।



अभियान के तहत श्री हरमंदिर साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब और तख्त श्री दमदमा साहिब समेत पंजाब और हरियाणा के करीब 25 गुरुद्वारों में अभियान को चलाने व फार्म भरने के लिए केंद्र स्थापित दिए हैं। इसके तहत श्रद्धालुओं ने प्रोफॉर्मा भरने की प्रक्रिया शुरू की है। श्री हरमंदिर साहिब में श्री गुरु रामदास सराय के पास बनाए केंद्र से एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने अरदास के बाद हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर एसजीपीसी के विभिन्न सदस्य मौजूद रहे।


हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि जेलों में बंद सिखों की रिहाई सिख समाज का अहम मुद्दा है। जन आंदोलन खड़ा करने में हस्ताक्षर अभियान निर्णायक साबित होगा। शिरोमणि कमेटी लंबे समय से जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए आवाज उठाती आ रही है और इसके तहत कानूनी प्रयास किए गए हैं। 

वर्तमान में इस संबंध में सरकारों की ओर से अपनाया गया नकारात्मक रवैया सिख समुदाय के साथ बड़ा अन्याय है। सिख समुदाय के महान बलिदानों के बावजूद उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बंदी सिंहों के मामले में सरकारों की पक्षपातपूर्ण नीति साफ दिखाई दे रही है और मानवाधिकारों का जानबूझकर उल्लंघन कर रिहा नहीं किया जा रहा है।

धामी ने कहा कि एसजीपीसी ने पूर्व में किए प्रयासों के क्रम में हस्ताक्षर अभियान को आगे बढ़ाया गया है और उम्मीद है कि इससे सरकारों के बंद कान खुलेंगे। आज एक ही समय में 25 गुरुद्वारा साहिबों से इसकी शुरुआत की गई है और अगले कुछ दिन में सिख मिशन के माध्यम से इसे अलग-अलग राज्यों में सक्रिय किया जाएगा। इस अभियान को देशव्यापी बनाने का निर्णय लिया गया था लेकिन संगत की भावना के अनुसार आज के डिजिटल माध्यम से इसकी पहुंच को वैश्विक बनाया जाएगा।

हस्ताक्षर अभियान के तहत भरे जाने वाले प्रोफॉर्मा हिंदी और अंग्रेजी में भी छपवाए जाएंगे ताकि पंजाब के बाहर के राज्यों के लोग हस्ताक्षर अभियान को बारीकी से समझ सकें और इसमें भाग ले सकें। इस हस्ताक्षर अभियान से विदेश के लोगों को जोड़ने के लिए एक विशेष ऑनलाइन गूगल फार्म तैयार किया गया है। इस फार्म को एसजीपीसी की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। 

धामी ने जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए कानूनी विशेषज्ञों की एक कमेटी की भी घोषणा की। कहा कि वैश्विक आंदोलन खड़ा करने के साथ ही कानूनी कार्यवाही में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इस संबंध में वकीलों का चार सदस्यीय पैनल काम करेगा, जिसमें पूरन सिंह हुंदल, परमजीत सिंह, बलदेव सिंह ढिल्लों और भगवंत सिंह सियालका शामिल हैं। 

इसमें अन्य प्रतिष्ठित वकीलों को शामिल करने का विकल्प होगा। उन्होंने मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले सभी संगठनों के साथ-साथ सिख पंथ संगठनों और समाजों और संगतों से जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
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