बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

छत्तीसगढ़: कई गांवों में तेजी से फैल रहा कोरोना, टीका और इलाज के लिए भटक रहे लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 11 May 2021 10:50 PM IST

सार

 स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार कुल संक्रमितों में करीब 50 फीसद से अधिक गांवों से आ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने फिर से हर ग्राम पंचायत में क्वारंटीन सेंटर बनाने का निर्देश जारी कर दिया है।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर
छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

विस्तार

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस की दूसरी लहर गांवों में तेजी से फैल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार कुल संक्रमितों में करीब 50 फीसद से अधिक गांवों से आ रहे हैं। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान लगभग सात लाख प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटे थे। उस समय उन्हें क्वारंटीन किया गया था और उनकी जांच की भी व्यवस्था की गई थी। लेकिन इस बार मामलों में बेतहाशा वृद्धि होने के बावजूद न ही क्वारंटीन की व्यवस्था की गई न ही कोई जांच की व्यवस्था की गई। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना के गांव में फैलने के पीछे सरकार की राजनीति है जिससे इस बार उतनी कड़ाई नहीं दिख रही है और लोग लापरवाह हो गए हैं। 
विज्ञापन


इन गांवों में 150 से लेकर 300 फीसदी तक बढ़े हैं मामले
छत्तीसगढ़ में 9 अप्रैल से 8 मई तक के कुल मामलों को देखकर पता चलता है कि इस दौरान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कोरोना कोरोना संक्रमितों में 315.08 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पड़ोसी जिला मुंगेली में कोरोना संक्रमितों में 263.63 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह आदिवासी बहुल जशपुर में कोरोना के मामले बढ़कर 200.40 फीसदी तक पहुंच गए। बलरामपुर ज़िले में कोरोना की रफ्तार 185.10 फीसदी और गरियाबंद जिले में यह 178.89 फीसदी तक पहुंच गई।


ग्रामीण इलाकों में कोरोना को लेकर जागरुकता का अभाव
छत्तीसगढ़ के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना को लेकर जागरुकता की कमी है। कोरोना संक्रमित मरीज इस बात का डर रहता है कि  संक्रमित पाए जाने पर उन्हें इसके लिए जिम्मेदार मान कहीं गांव से न निकाल दिया जाए। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग जांच से बच रहे हैं और जब तक संभव हो, अस्पताल जाने से भी बच रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में लोगों की भागीदारी ने कोरोना को और तेजी से फैलाया। जैसे अंजनी गांव में हुई एक शादी में सैंकड़ों की संख्या में लोगों को बुलाकर शादी का भोज आयोजित किया गया और बाद में जांच में शामिल हुए 69 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए।

इलाज और टीका के लिए भटक रहे लोग
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि घने जंगलों के बीच बसे गांवों में न तो इलाज की व्यवस्था है और ना ही जांच की। यही कारण है कि राज्य सरकार ने गांवों में केवल लक्षण के आधार पर, बिना किसी जांच के ही लोगों को कोरोना की दवा पहुंचाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

वहीं कुछ डॉक्टर उपलब्ध भी हैं तो उनका कहना है कि उनके जिले में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा कोरोना के लिए जरूरी दूसरी दवा और इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं हैं। यही कारण है कि गंभीर रूप से संक्रमितों को पड़ोसी जिले बिलासपुर या रायपुर भेजना पड़ता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us