बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

छत्तीसगढ़ : पुलिस का दावा- कोरोना संक्रमण या विषाक्त भोजन से 10 नक्सलियों की मौत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 11 May 2021 11:13 PM IST

सार

दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने मंगलवार को यहां बताया कि स्थानीय ग्रामीणों से सूचना मिली है कि सोमवार को नक्सलियों ने अपने 10 साथियों का अंतिम संस्कार किया है। नक्सलियों ने यह अंतिम संस्कार बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा में किया है। आशंका है कि नक्सलियों की मृत्यु कोरोना के संक्रमण से या विषाक्त भोजन के कारण हुई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

विस्तार

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में कम से कम 10 नक्सलियों की संभवत: कोरोना या विषाक्त भोजन से मृत्यु होने की सूचना है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में कई अन्य नक्सली बीमार हैं। बस्तर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नक्सलियों में कोरोना जैसे लक्षण पाए गए हैं और वे दवा और टीके की तलाश में हैं।
विज्ञापन


दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने मंगलवार को यहां बताया कि स्थानीय ग्रामीणों से सूचना मिली है कि सोमवार को नक्सलियों ने अपने 10 साथियों का अंतिम संस्कार किया है। नक्सलियों ने यह अंतिम संस्कार बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा में किया है। आशंका है कि नक्सलियों की मृत्यु कोरोना के संक्रमण से या विषाक्त भोजन के कारण हुई है।


पल्लव ने बताया कि पुलिस इस संबंध में अधिक जानकारी ले रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि 15 दिन पहले बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा में स्थित पीड़िया गांव में करीब पांच सौ की संख्या में नक्सली एकत्र हुए थे। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर पैक किया हुआ खाना और दवाई खाई था। इनमें से कई दवा की अंतिम तारीख समाप्त हो चुकी थी।

उन्होंने बताया कि खाना खाने के बाद कई नक्सलियों की तबीयत बिगड़ गई , कई नक्सलियों को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी। पल्लव ने बताया कि नक्सलियों के वरिष्ठ नेता और सेंट्रल रीजनल कंपनी के नक्सली भी संक्रमण से गुजर रहे हैं। वह सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में दवा और कोविड टीके की तलाश में है।

उन्होंने बताया कि नक्सली कोविड-19 नियमों का पालन नहीं करते हैं। न वह मास्क पहनते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्र होकर बैठक भी करते हैं। इससे नक्सलियों के बीच कोरोना फैलने की आशंका है।

पल्लव ने कहा कि इससे यह भी आशंका है कि नक्सलियों की इन लापरवाही के कारण अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों में भी कोविड-19 तेजी से फैल सकता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया है। आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस उनका इलाज करवाएगी।

दंतेवाड़ा जिले के अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में वायरस के नए प्रकार की जानकारी मिलने के बाद दोनों राज्यों की सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन आने जाने वाले लोगों का परीक्षण कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि सभी यात्री वाहनों और मालवाहक वाहनों को रोका जा रहा है तथा यात्रियों और वाहन चालकों का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार तक आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में कोरोना वायरस संक्रमण के 67,478 मामले दर्ज किए गए हैं तथा संक्रमण के कारण 452 लोगों की मौत हुई है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us