IPL में चेन्नई के दबदबे की वजह: टीम के 10 खिलाड़ी किसी भी वक्त मैच पलटने में माहिर, छह खिलाड़ी रेगुलर टीम का हिस्सा

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 16 Oct 2021 02:20 AM IST

सार

लीग में चेन्नई के दबदबे की वजह यह भी है कि धोनी की रणनीति और उनका अनुभव हर जगह काम आया। धोनी ने सटीक रणनीति से गेंदबाजी में बदलाव और फील्डिंग सेट किए।
आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता
आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आईपीएल 2021 के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स ने रोमांचक जीत दर्ज की और कोलकाता नाइट राइडर्स से मात देकर चौथी पर खिताबी जीत दर्ज की। इसके साथ ही चेन्नई ने केकेआर से 2012 के आईपीएल फाइनल में मिली हार का बदला भी ले लिया। अहम बात यह है कि चेन्नई की जीत में टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों ने अहम योगदान दिया। इनमें 10 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने अलग-अलग मुकाबलों में अहम मौकों पर अपना दम दिखाया और अकेले दम पर मैच पलट दिया। दरअसल, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी टीम में उन छह खिलाड़ियों को बरकरार रखा, जो लगातार टीम में शामिल हैं। 
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चेन्नई की खिताबी जीत में धोनी की रणनीति और अनुभव का असर साफ तौर पर नजर आया, जिससे लीग में सीएसके का दबदबा बना रहा। धोनी ने अहम मौकों पर गेंदबाजी में बदलाव किए और उसके हिसाब से फील्डिंग सेट की, जिसका टीम को फायदा मिला। सीएसके के गेंदबाजों ने आसानी से विपक्षी टीमों के बल्लेबाजों को फंसा लिया। खिताबी मुकाबले में खेलने वाली चेन्नई टीम में तीन खिलाड़ी ऐसे थे, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी संन्यास ले चुके हैं। इसके अलावा ऑरेंज कैप अपने नाम करने वाले ऋतुराज गायकवाड़ रेगुलर टीम में शामिल भी नहीं थे। 

सीएसके के लिए इस वजह से अहम है यह जीत

आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता
आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता - फोटो : अमर उजाला
धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स का खिताबी जीत हासिल करना इस वजह से भी अहम है, क्योंकि आईपीएल 2020 में चेन्नई की टीम पूरी तरह फ्लॉप रही थी। उस दौरान आईपीएल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था, जब धोनी की टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंची।

आईपीएल 2020 में चेन्नई सुपर किंग्स ने लीग राउंड के सभी 14 मैच खेले थे, लेकिन टीम सिर्फ छह मैच जीत पाई थी। उस वक्त चेन्नई 12 अंकों के साथ सातवें पायदान पर रही थी और टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बनी थी। हालांकि, आईपीएल 2021 में चेन्नई का खेल नए ही अंदाज में दिखा। टीम आईपीएल 2021 के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी और अब खिताब भी अपने नाम कर लिया।

चेन्नई ने अब तक जीते तीन खिताब

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई ने आईपीएल का चौथा खिताब अपने नाम किया। टीम ने रिकॉर्ड नौवीं बार आईपीएल के फाइनल में जगह बनाई थी। आईपीएल 2021 से पहले चेन्नई ने 2010, 2011 और 2018 में खिताब जीता था। टीम ने 2008, 2012, 2013, 2015 और 2019 के दौरान भी फाइनल में जगह बनाई थी। गौर करने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा आईपीएल खिताब मुंबई इंडियंस ने जीते हैं। मुंबई ने पांच बार ट्रॉफी अपने नाम की है।

टीम की औसत उम्र 30 साल, ज्यादातर खिलाड़ी अनुभवी
आईपीएल 2021 की जब शुरुआत हुई तो चेन्नई सुपर किंग्स को बूढ़े खिलाड़ियों की टीम कहा गया। दरअसल, इस टीम में खिलाड़ियों की औसत उम्र 30 साल है। इनमें नौ खिलाड़ियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है, जबकि 26 से 30 साल के पांच खिलाड़ी हैं। इसके अलावा 31 से 39 साल के 11 प्लेयर हैं तो दो खिलाड़ियों की उम्र 40 साल से ज्यादा है। टीम के ज्यादातर खिलाड़ी अपने-अपने देश या लीग में अहम जगह बनाए हुए हैं। ड्वेन ब्रावो (वेस्टइंडीज), रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर (भारत), मोईन अली (इंग्लैंड) और जोश हेजलवुड (ऑस्ट्रेलिया) आदि अपने-अपने देश के अनुभवी क्रिकेटर हैं। इसके अलावा कप्तान धोनी, फाफ डुप्लेसिस (दक्षिण अफ्रीका) और रॉबिन उथप्पा जैसे खिलाड़ी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं।

इन छह वजहों से चेन्नई ने बनाया दबदबा

आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता
आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता - फोटो : अमर उजाला
1. धोनी ने बनाए रखी अपनी कोर टीम: आईपीएल 2020 में मिली असफलता के बावजूद धोनी ने नए सीजन के लिए अपनी टीम में खास बदलाव नहीं किए। सीएसके ने इस साल सिर्फ दो-तीन नए खिलाड़ी खरीदे। इसके तहत मोईन अली को सात करोड़ और कृष्णप्पा गौतम को 9.25 करोड़ रुपये में खरीदा। साथ ही, रॉबिन उथप्पा पर भी दांव खेला। आईपीएल 2021 के भारत में खेले गए मुकाबलों में मोईन अली ने अपने तेवर दिखाए। उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी और सधी हुई गेंदबाजी के दम पर टीम को जीत दिलाई। जब आईपीएल के दूसरे फेज की शुरुआत दुबई में हुई तो रवींद्र जडेजा, रॉबिन उथप्पा, फाफ डुप्लेसिस और ऋतुराज गायकवाड़ ने शानदार बल्लेबाजी की।वहीं, गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और दीपक चाहर ने दमखम दिखाया। गौर करने वाली बात यह है कि धोनी ने पिछले कुछ साल में अपनी कोर टीम बनाए रखी। इनमें धोनी के अलावा ब्रावो, इमरान ताहिर, जडेजा, रैना, रायुडू और डुप्लेसिस आदि खिलाड़ी शामिल हैं।

2. धोनी ने अपने खिलाड़ियों पर बरकरार रखा भरोसा

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आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता - फोटो : अमर उजाला
चेन्नई की जीत मेंं धोनी की काबिलियत भी नहीं भुलाई जा सकती, क्योंकि उन्होंने बुरे वक्त में भी अपने खिलाड़ियों पर भरोसा बरकरार रखा। आईपीएल 2020 के दौरान जब चेन्नई की बल्लेबाजी फ्लॉप हुई, तब भी धोनी ने अपने खिलाड़ियों का समर्थन किया। दरअसल, पिछले सीजन के शुरुआत दो मुकाबलों में ऋतुराज गायकवाड़ ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, जिसके बाद धोनी के फैसले पर सवाल उठे। इसके बावजूद धोनी ने ऋतुराज पर भरोसा बरकरार रखा। अब इसका नतीजा सबके सामने है।

आईपीएल 2020 में ऋतुराज ने तीन अर्द्धशतक लगाए थे और आईपीएल 2021 में ऑरेंज कैप अपने नाम की। इस सीजन में ऋतुराज ने कुल 16 मुकाबले खेले और 635 रन बनाए। इसके अलावा रैना ने निजी कारणों के चलते आईपीएल 2020 में दूरी बनाई तो भी टीम मैनेजमेंट और धोनी ने उन्हें रिटेन किया।

3. बरकरार रखा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास

धोनी ने खराब वक्त आने पर भी अपनी टीम पर भरोसा बनाए रखा। इसके अलावा पिछले सीजन में खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्होंने अपने खिलाड़ियों का मनोबल नहीं टूटने दिया। अब धोनी का यही भरोसा टीम की कामयाबी की अहम वजह बना। 

इन तीन बल्लेबाजों का रहा जलवा

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आईपीएल 2021 में चेन्नई vs कोलकाता - फोटो : अमर उजाला
आईपीएल 2020 में चेन्नई को फिसड्डी बनाने वाली बल्लेबाजी आईपीएल 2021 के दौरान सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। पिछले सीजन में शेन वॉटसन ने 11 मैचों में 299 रन बनाए थे। इसके बाद धोनी ने ओपनिंग में सैम करन को आजमाया, लेकिन वह भी कुछ खास नहीं कर सके। पिछले सीजन में सिर्फ डुप्लेसिस और अंबाती रायुडू ने ही दम दिखाया। डुप्लेसिस ने 13 मैचों में 449 रन और रायुडू ने 12 मैचों में 359 रन बनाए थे। आईपीएल 2021 में चेन्नई के टॉप-3 बल्लेबाजों ने शानदार फॉर्म दिखाई। 

ऋतुराज 16 मैचों में 635 रन के साथ पहले, डुप्लेसिस 16 मैचों में 633 रन के साथ दूसरे और मोईन अली 15 मैचों में 357 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। इन तीनों ने टीम को कई मुकाबलों में जीत दिलाई। वहीं, चौथे नंबर पर मौजूद रायुडू ने भी 15 मैचों में 257 रन बनाए। जब चेन्नई को जरूरत पड़ी, तब जडेजा ने कई तूफानी पारियां खेलीं।

इन गेंदबाजों ने बांध दिया समां

चेन्नई के बल्लेबाजों ने टीम की कामयाबी की इबारत लिखी, जिसमें गेंदबाजों ने भी अहम योगदान किया। शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर ने विरोधी टीमों को पस्त कर दिया। पावरप्ले के दौरान दीपक चाहर ने लगातार विकेट चटकाए। वहीं, शार्दुल ने मिडिल ओवर्स में बार-बार शिकार किए। इनके अलावा जोश हेजलवुड और रवींद्र जडेजा ने भी अहम मौकों पर विपक्षी टीम को रन बनाने से रोका और विकेट चटकाए। ड्वेन ब्रावो ने अपनी सटीक यॉर्कर से कई मैचों में सीएसके को जीत दिलाई।

धोनी ने की शानदार कप्तानी

चेन्नई की कामयाबी में धोनी का योगदान किसी से कम नहीं है। उम्र का आंकड़ा 40 पर पहुंचने के बाद उनकी बल्लेबाजी की धार थोड़ी कुंद पड़ गई है, लेकिन कप्तानी के मामले में उनसे आगे आज भी कोई नहीं है। किस खिलाड़ी का इस्तेमाल कब करना है, यह धोनी से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। डीआरएस को तो धोनी रिव्यू सिस्टम ही कहा जाने लगा है। 
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