चारधाम यात्रा: शनिवार से शुरू होगी यात्रा, एसओपी जारी, ई-पास होगा तो ही जा पाएंगे धाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 17 Sep 2021 09:06 PM IST

सार

28 जून को हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के खतरे और सरकार की आधी अधूरी तैयारियों के चलते चारधाम यात्रा पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेकर सरकार फिर से हाईकोर्ट पहुंची। अब कोर्ट की ओर से यात्रा रोक हटाने से सरकार को राहत मिली है।  
केदारनाथ धाम फिर होगा भक्तों से गुलजार
केदारनाथ धाम फिर होगा भक्तों से गुलजार - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

चारधामों के कपाट खुलने के लगभग चार महीने के बाद शनिवार से चारधाम यात्रा शुरू होगी। शुक्रवार को सरकार ने चारधाम यात्रा की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को पंजीकरण करने के बाद ई-पास जारी किए जाएंगे। जिसके बाद ही चारधामों में दर्शन की अनुमति मिलेगी।
विज्ञापन


चारधाम यात्रा: हेलो! उत्तराखंड में मौसम और सड़कें क्लियर हैं? घनघनाने लगे ट्रेवल कारोबारियों के फोन


राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा। कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के 15 दिन के बाद प्रमाण पत्र दिखाने पर यात्रा की अनुमति दी जाएगी। लेकिन केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आने वाले यात्रियों को दोनों डोज लगवाने के बाद 72 घंटे पहले की कोविड जांच निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। 

उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटाई, धामों में प्रतिदिन जाने वाले यात्रियों की संख्या तय

सचिव धर्मस्व हरिचंद्र सेमवाल ने चारधाम यात्रा की एसओपी जारी की है। इस बीच चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने भी एसओपी जारी कर दी है। दोनों एसओपी में एक समान प्रावधान हैं। चारधामों में यात्रा का संचालन 18 सितंबर से होगा। यात्रा में राज्य और बाहर से आने वाले यात्रियों को सशर्त अनुमति दी जाएगी।

धामों में दर्शन करने के लिए यात्रियों को सबसे पहले देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। जिसके बाद देवस्थानम बोर्ड की ओर से सीमित संख्या में प्रतिदिन ई-पास जारी किए जाएंगे। मंदिर परिसर के मुख्यद्वार पर दर्शन करने से पहले यात्रियों का ई-पास चेक किया जाएगा। 



मंदिर परिसर में प्रसाद चढ़ाने और तिलक लगाने पर प्रतिबंध
कोविड संक्रमण को देखते हुए चारधामों में दर्शन करने वाले यात्री प्रसाद नहीं चढ़ाएंगे। साथ ही मंदिरों में यात्रियों को तिलक भी नहीं लगेगा। मंदिर में मूर्तियों और घंटियों को छूने, तप्त कुंडों में स्नान पर प्रतिबंध रहेगा। केदारनाथ धाम में एक समय में छह यात्री ही सभामंडप से दर्शन कर सकेंगे। गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होगी। 

केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मंदिर परिसर में दिन में तीन बार सैनिटाइजेशन और साफ सफाई की जाएगी। मंदिरों में कोविड प्रोटोकाल का पालन कर मास्क पहनने, सोशल डिस्टेसिंग की निगरानी देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की ओर से सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। प्रत्येक धाम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा। एसओपी का पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और एसडीएम की होगी। 

यात्रा के लिए ऐसे करेंगे पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए राज्य और बाहर से आने वाले यात्रियों को देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट https://badrinath-kedarnath.gov.in/ पर पंजीकरण करना होगा। बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को सबसे पहले स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। जबकि राज्य के यात्रियों को इस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करना होगा। यात्रा के लिए ई-पास के लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। जिसके बाद ई-पास जारी किए जाएंगे। जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज 15 दिन पहले लग चुकी है। उन्हें कोविड जांच नहीं करानी होगी। एक डोज लगाने वाले को कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है। केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश से आने वाले यात्रियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगा। 


चारधामों में दर्शन के लिए ये रहेगी प्रतिदिन संख्या
धाम        -   यात्रियों की संख्या
बदरीनाथ    -     1000
केदारनाथ    -     800
गंगोत्री        -    600
यमुनोत्री      -     400

यात्रियों को बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के न जाने दें
चारधाम यात्रा के लिए डीआईजी नीरू गर्ग ने रेंज के सभी एसएसपी, एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कहा कि कोविड संक्रमण को देखते हुए यात्रियों को बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट और देवस्थानम बोर्ड पंजीकरण किए बिना यात्रा पर न जाने दिया जाए। चेकिंग के लिए सभी स्थानों पर चैकपोस्ट बनाकर उनमें पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इस दौरान उन्होंने सभी जनपदों में यात्रा के लिए सीओ को नोडल अधिकारी बनाया है। 

डीआईजी ने यात्रा के दौरान शासन-प्रशासन और हाईकोर्ट की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों का भी कड़ाई से पालन करने और इस संबंध में यात्रियों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। कहा कि निर्धारित संख्या से अधिक यात्रियों को चार धाम यात्रा के लिए अनुमन्य न किया जाए। यात्रा आरंभ में ही हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनि की रेती, लक्ष्मणझूला आदि स्थानों पर फ्लैक्स आदि के जरिये व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

टिहरी में भद्रकाली, तपोवन, सुवाखोली, कैम्पटी, पौटी में कोटद्वार, श्रीनगर में सघन चेकिंग किया जाए। इस दौरान उन्होंने जनपद उत्तरकाशी के यमुनोत्री में सीओ बड़कोट गंगोत्री में सीओ उत्तरकाशी, केदारनाथ में सीओ गुप्तकाशी व बदरीनाथ में सीओ चमोली को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

नोडल अधिकारी जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एसएसपी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चमोली आदि मौजूद रहे।

चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि सरकार की ओर से यात्रा शुरू करने की अधिसूचना जारी की जाएगी। जिसके बाद बोर्ड की ओर से चारधामों में कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए एसओपी जारी की जाएगी। यात्रा के लिए तैयारियां पूरी है। 

बीते दो साल में चारधाम आए यात्रियों का ब्योरा
धाम       -     वर्ष 2019       -    वर्ष 2020
केदारनाथ   -    998956      -       135287
बदरीनाथ   -    1244100      -      155009
गंगोत्री       -   529880        -     23736
यमुनोत्री     -    465111       -      7717
हेमकुंड साहिब  - 239910     -       8290
...................................................................
कुल-            3477957           330039

मजबूत पैरवी होती तो पहले खुल जाती चारधाम यात्रा

सरकार की ओर से मजबूत पैरवी होती तो चारधाम यात्रा के द्वार पहले ही खुल जाते। लेकिन यात्रा संचालन करने के लिए सरकार की तरफ से कमजोर होमवर्क भी दिखाई दिया। अब कोर्ट ने रोक हटाई तो यात्रा की राह में मौसम की चुनौतियां भी खड़ी है। चारधाम यात्रा के लिए लगभग डेढ़ माह ही समय बचा है। भारी बारिश से चारधाम यात्रा के सड़क मार्गों की हालत खराब है। कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बरकरार है। 

25 जून को मंत्रिमंडल में सरकार ने यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया
जून माह में केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए थे। कोविड महामारी के कारण यात्रा का संचालन न होने से किसी भी यात्रियों को चारधाम में दर्शन के लिए जाने की अनुमति नहीं थी। 25 जून को मंत्रिमंडल में सरकार ने यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया था। जिसमें पहले चरण में चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी जिले के स्थानीय लोगों को दर्शन करने की अनुमति दी गई।

जबकि दूसरे चरण में 11 जुलाई से प्रदेश से बाहर के यात्रियों को चारधाम यात्रा आने की अनुमति देने का निर्णय लिया था। हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के खतरे और चारधामों में व्यवस्थाएं न होने पर यात्रा पर रोक लगाई थी। हाईकोर्ट में मजबूत ढंग से पैरवी की होती तो चारधाम यात्रा के द्वार पहले ही खुल गए होते। हाईकोर्ट के फैसले को लेकर सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दायर कर दी।

दबाव बढ़ने पर सरकार दोबारा हाईकोर्ट पहुंची। लेकिन सुप्रीमकोर्ट में मामला विचाराधीन होने पर कोर्ट ने सुनवाई से इनकार दिया। जिससे सरकार ने बैकफुट पर आकर सुप्रीमकोर्ट से एसएलपी वापस ली और फिर हाईकोर्ट से यात्रा पर रोक हटाने का आग्रह किया। 

चारधाम यात्रा के लिए अब डेढ़ माह का समय बचा है। नवंबर माह तक चारधामों के कपाट छह माह के लिए बंद हो जाएंगे। मौसम की चुनौतियों के बीच यात्रा को रफ्तार मिलने की संभावना कम है। बारिश से सड़कों की हालत खराब है। संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

चारधाम चार महीने बाद घूमेगा चारधाम यात्रा से जुड़े कारोबार का पहिया

चार महीने के बाद चारधाम यात्रा शुरू होगी। इससे चारधाम यात्रा से जुड़े कारोबार का पहिया घूमने लगेगा। कोरोना संक्रमण को लेकर हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा पर लगाई गई रोक हटा दी है। इससे पर्यटन कारोबारियों को राहत मिली है।

केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री चारधाम यात्रा प्रदेश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश के हजारों लोगों की आजीविका चारधाम यात्रा पर निर्भर है। पिछले दो सालों से कोविड महामारी के कारण पर्यटन कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। यात्रा का संचालन बंद होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, टूर आपरेटर, निजी बस, टैक्सी आपरेटरों भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस साल मई माह में चारधामों के कपाट खुल गए थे।

दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को अनुमति नहीं थी। जून माह में सरकार ने चारधाम यात्रा संचालित करने का फैसला लिया था। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चारधामों में उचित व्यवस्था न होने से हाईकोर्ट ने यात्रा पर रोक लगाई थी। अब कोर्ट ने यात्रा पर रोक हटा दी है। इससे चार महीने बाद चारधाम से जुड़े पर्यटन कारोबारियों को राहत मिली है।

कोविड महामारी के कारण दो साल से पर्यटन कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा पहाड़ों के लोगों की एक तरह से लाइफ लाइन है। चारधाम यात्रा पर रोक हटने से कारोबारियों में नई उम्मीदों की किरण जगी है। हाईकोर्ट का फैसला जनहित में है। साथ ही प्रदेश सरकार व विपक्षी दलों के प्रयासों से यात्रा शुरू करने का रास्ता खुला है।
- संदीप साहनी, अध्यक्ष उत्तराखंड होटलियर एसोसिएशन

सरकार ने लगाया था राहत का मरहम
प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा संचालन न होने से पर्यटन क्षेत्र को दो सौ करोड़ का पैकेज देकर राहत का मरहम लगाया था। चारधाम व पर्यटन कारोबार से जुड़े 50 हजार लोगों को छह माह तक प्रति माह दो हजार रुपए की आर्थिक सहायता देेने की घोषणा की थी। अब तक 11813 लाभार्थियों के खाते में कुल 440.54 लाख की राशि दी गई। 655 पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10 हजार रुपए प्रति आपरेटर देने की घोषणा की थी। इसमें 208 लाभार्थियों को 20.80 लाख रुपये की राशि दी गई। 630 पंजीकृत रीवर राफ्टिंग गाइड में से 209 को 20.90 लाख, टिहरी झील में 86 मोटर बोट संचालकों को 10 हजार रुपये के अनुसार 8.60 लाख की राशि दी गई।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00