महाकुंभ 2021: धूमधाम से निकली बैरागियों की पेशवाई, संतों पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 06 Apr 2021 09:09 PM IST
बैरागी अखाड़े के संत
बैरागी अखाड़े के संत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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हरिद्वार में बैरागी अखाड़ा की तीनों अणियों श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़ा, श्री पंच दिगंबर अणि अखाड़ा और श्री पंच निर्वाण अणि अखाड़ा की प्रवेशशाही महंत दुुर्गादास वैष्णव शक्ति भवन से शुरू हुई। पेशवाई भूपतवाला, खड़खड़ी, भीमगोडा, अपर रोड, कोतवाली रोड, सुदर्शनन आश्रम, बाल्मीकि चौक, तुलसी चौक, शंकराचार्य चौक से महानिर्वाणी अखाड़ा की छावनी के सामने से पहाड़ी बाजार होते हुए बैरागी कैंप में जाकर संपन्न हुई। 
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पेशवाई में सबसे आगे हाथी था। इसके बाद घोड़ों पर बैरागी संत सवार थे। बैरागी संतों के बाद तीनों अणियों के प्रमुख पैदल ही चल रहे थे। उनके पीछे चल रहे संत हनुमानजी महाराज की ध्वजा लेकर चल रहे थे। इसके बाद झांकियों व बैंडों की मनमोहक प्रस्तुति लोगों का मन मोह रही थी। अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन कुंभ मेला भारतीय संस्कृति की धरोहर है और वैष्णव संत कुंभ मेले की शान हैं। 


अस्त्रों-शस्त्रों का प्रदर्शन देखने उमड़े श्रद्धालु
अस्त्रों-शस्त्रों का शानदार प्रदर्शन करते हुए बैरागी अखाड़ा की तीनों अणियों की मंगलवार को नगर प्रवेशशाही (पेशवाई) निकाली गई। संतों के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। संतों की पेशवाई पर हेलीकाॅप्टर से लगातार पुष्प हुई। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि कुंभ मेले का विशाल आयोजन पूरे विश्व के लिए एक सकारात्मक धर्म का संदेश प्रसारित करता है।

अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान देश दुनिया से आने वाले तपस्वी संत अपने अनंत ज्ञान के द्वारा आमजन में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार करते हैं। अखिल भारतीय श्रीपंच दिगंबर अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत कृष्णदास नगरिया ने कहा कि श्रद्धा से परिपूर्ण और मनोहारी पर्व कुंभ मेला भारतीय संस्कृति की पहचान है। विदेशी श्रद्धालु भी कुंभ मेले की आलौकिक की छवि से प्रभावित होकर सनातन धर्म अपना रहे हैं। जो भारत के लिए गौरव की बात है। 

इनकी रही मौजूदगी
हरिद्वार। पेशवाई में चतुर संप्रदाय के श्रीमहंत फूलडोल दास, श्रीमहंत रासबिहारी दास, महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा, निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाश मानव, जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर दिलीप दास, ट्रस्टी महेंद्र झा, महंत रामप्रवेश दास, महंत मनमोहन दास, महंत रामजी दास, महंत रामशरण दास, श्रीमहंत दिनेश दास, श्रीमहंत शंकर दास, श्रीमहंत हरिओम दास, श्रीमहंत सनत कुमार दास, श्रीमहंत महेंद्र दास, तेरह भाई त्यागी के महंत बृजमोहन दास, महंत मनीष दास, महंत सुखदेव दास, महंत रामदास, महंत राम किशोर दास शास्त्री, महंत मोहन दास, महंत भगवान दास खाकी, महंत विष्णु दास, महंत रघुवीर दास, महंत प्रह्लाद दास, महंत प्रेमदास, महंत अरुण दास, महंत सूरज दास, महंत सुमित दास, महंत बाबा हठयोगी, अवध बिहारी दास सहित बड़ी संख्या में वैरागी संत उपस्थित रहे।

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