अब हरियाली नहीं तो वोट नहीं आंदोलन: महज 11 मिनट की बचत के लिए देहरादून में काटे जा रहे 11 हजार पेड़

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 02 Oct 2021 04:03 PM IST

सार

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सड़क के विस्तारिकरण के लिए हरे-भरे हजारों पेड़ों को काटे जाने के विरोध में तमात संगठनआंदोलन पर उतर आए हैं।
no greenery no vote movement in dehradun: people came out in protest against the 11 thousand trees cutting
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड सरकार, शासन की ओर से देहरादून के जोगीवाला से सहस्त्रधारा चौराहे तक रिंग रोड के विस्तारीकरण के और मोहंड से आशारोड़ी तक प्रस्तावित एलीवेटेड रोड प्रोजेक्ट में हजारों पेड़ काटे जाने के विरोध में तमाम संगठन उतर गए हैं। इस क्रम में अब संगठनों ने हरियाली नहीं तो वोट नहीं आंदोलन का एलान कर दिया है।
विज्ञापन


हरियाली नहीं तो वोट नहीं आंदोलन का एलान
जिसमें पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पर्यावरणविद, तमाम सामाजिक संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने चिपको आंदोलन के बाद अब हरियाली नहीं तो वोट नहीं आंदोलन का एलान कर दिया है।


जानकारी के मुताबिक मोहंड से आशारोड़ी तक प्रस्तावित एलीवेटेड रोड में 11 हजार से अधिक पेड़ों के काटे जाने की बात सामने आ रही है। आंदोलन के पहले चरण में पर्यावरणविद व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता डाटकाली मंदिर के पास टनल से पहले धरना प्रदर्शन करेंगे।  

चिपको आंदोलन: हजारों पेड़ों की जिंदगी बचाने को देहरादून में शुरू हुआ आंदोलन, पढ़ें क्या है मामला

सिर्फ 11 मिनट के समय की ही बचत होगी

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं सिटीजन फॉर ग्रीन दून, मैड अबाउट दून, डू नॉट ट्रैश, तितली ट्रस्ट, फ्रेंड ऑफ द दून, आईडील, मिट्टी फाउंडेशन, पहाड़ परिवर्तन समिति समेत दर्जन भर संस्थाओं के पदाधिकारी और सदस्य डाटकाली मंदिर के पास जमा होकर विरोध जताएंगे।

पर्यावरणविद का कहना है कि सरकार मोहंड से आशारोड़ी तक करोड़ों रुपये खर्च कर एलीवेटेड रोड बनाना चाह रही है, जिसका काम भी शुरू कर दिया गया है। लेकिन परियोजना में राजाजी टाइगर रिजर्व के 11 हजार पेड़ों का कटान होगा।

एक तरफ तो सरकार वन्यजीवों के संरक्षण पर जोर दे रही है, वहीं राजाजी टाइगर रिजर्व के हजारों पेड़ों को काटकर वन्यजीवों का आशियाना उजाड़ना चाह रही है। लेकिन सरकार की इस मंशा को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि परियोजना के पूरा होने पर सिर्फ 11 मिनट के समय की ही बचत होगी। हरियाली नहीं तो वोट नहीं आंदोलन में आगास, बीन देयर दैट दून, सिटीजन फॉर ग्रीन दून, सिटीजन फॉर क्लीन एंड ग्रीन एमबीएंस, डीएनए, डू नाट ट्रैश, द अर्थ एंड क्लाइमेट इनीशिएटिव, द इको ग्रुप दून, द फ्रेंड आफ दून सोसायटी, फ्राइडे फॉर फ्यूचर, आइडियल फाउंडेशन, खुशी की उड़ान चैरिटेबल ट्रस्ट, मेड बाय बीटीडी, मिट्टी फाउंडेशन, निरोगी भारत मिशन ट्रस्ट, पहाड़ परिवर्तन समिति, पराशक्ति, प्रमुख, राजपुर कम्यूनिटी, तितली ट्रस्ट समेत कई संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00