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Haridwar: इस्लामिक जिहाद के विरुद्ध धर्म संसद नहीं करेंगे यति, अब नई घोषणा को लेकर चर्चाओं में आए 

संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 21 May 2022 07:17 PM IST
सार

हरिद्वार में हुई धर्म संसद में एक समुदाय विशेष के खिलाफ अमर्यादित भाषणबाजी के मामले में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अब जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को जमानत मिलने के बाद स्वामी यति नरसिंहानंद ने एक घोषणा की है।

यति नरसिंहानंद सरस्वती
यति नरसिंहानंद सरस्वती - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

गाजियाबाद डासना स्थित देवी मंदिर के महंत एवं जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद अब इस्लामिक जिहाद के खिलाफ कोई भी धर्म संसद नहीं करेंगे। स्वामी यति नरसिंहानंद 2012 में उत्तर प्रदेश के देवबंद स्थित एक इस्लामिक संस्था का विरोध किया और तब से चर्चाओं में आए थे।


इसके बाद हरिद्वार में हुई धर्म संसद और मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने पर स्वामी यति की देशभर में निंदा हुई। अब स्वामी यति ने सामाजिक जीवन छोड़कर धार्मिक जीवन जीने और बच्चों को धार्मिक ज्ञान देने की घोषणा की है। हरिद्वार के खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में 17 से 19 नवंबर तक धर्मसंसद हुई थी। इसमें एक समुदाय विशेष के खिलाफ अमर्यादित भाषणबाजी हुई थी।


इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। चार महीने बाद वह जमानत पर रिहा हुए हैं। जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को जमानत मिलने के बाद स्वामी यति नरसिंहानंद ने सार्वजनिक जीवन छोड़ने की घोषणा कर दी। प्रेस को जारी बयान उन्होंने कहा कि वह अब सिर्फ धार्मिक जीवन जीएंगे। स्वामी यति ने कहा कि अब वह बच्चों की शिक्षा के साथ ही हवन, पूजन आदि कार्य ही करेंगे। अब इस्लामिक जिहाद के विरुद्ध कोई धर्मसंसद नहीं करेंगे।
 

नवयुवकों को पढ़ाएंगे श्रीमद्भगवद् गीता 

हरिद्वार जेल से जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद स्वामी यति नरसिंहानंद ने कहा कि इस पूरी लड़ाई में हिंदू समाज की जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी जैसे योद्धा के प्रति उदासीनता से खिन्न होकर वह अब अपने बचे हुए जीवन को मां और महादेव के महायज्ञ व योगेश्वर श्रीकृष्ण की श्रीमद्भगवद् गीता को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्मान व स्वाभिमान की इस लड़ाई में असफल रहने के लिए जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी से माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह नवयुवकों को श्रीमद्भगवद् गीता पढ़ाने और धार्मिक कार्यों में अपने जीवन को व्यतीत करेंगे।  

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