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Uttarakhand Board 2021: ऑनलाइन क्लास के लिए पहाड़ में पैदल चलकर गुदड़ी के लालों ने मारा मैदान

नवीन भट्ट, अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा) Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 01 Aug 2021 03:21 PM IST

सार

गांव में नेटवर्क नहीं आने से ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी झेलने वाले इन बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर नाम रोशन किया है।
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उत्तराखंड स्कूल शिक्षा बोर्ड
उत्तराखंड स्कूल शिक्षा बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति हो तो अभाव कभी भी आड़े नहीं आता। यह कर दिखाया रानीखेत क्षेत्र के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पैदल चलकर रानीखेत स्कूल पहुंचने वाले गुदड़ी के लालों ने। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने रानीखेत ही पहुंचते हैं।
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कोई 11 किमी दूर जैनोली से आता है तो कोई नौ किमी दूर मोवड़ी गांव से। गांव में नेटवर्क नहीं आने से ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी झेलने वाले इन बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर नाम रोशन किया है।


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मिशन इंटर कालेज में इंटर विज्ञान वर्ग की छात्रा सोनिया जीना ने 94.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वह 11 किमी दूर जैनोली से रानीखेत पैदल आती थी। सोनिया ने बताया कि मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन फिर भी जितने प्रतिशत अंक मिले हैं, वह उससे संतुष्ट है। जैनोली निवासी कृपाल सिंह और हेमा जीना की पुत्री सोनिया भविष्य में अब इंजीनियरिंग की तैयारी करना चाहती है। 

मिशन इंटर कॉलेज में विज्ञान वर्ग के इंटरमीडिएट के छात्र युवराज सिंह मोवड़ी गांव से रानीखेत नौ किमी पैदल चलकर आते हैं। उन्होंने इंटर विज्ञान वर्ग में  94.6 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल में वह विवेकानंद विद्या मंदिर में पढ़ते थे और 93 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। एक नंबर से मेरिट में चूक गए थे।

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उन्होंने बताया कि शिक्षक स्कूल में जो पढ़ाते थे, वह उसे रिविजन करते थे और अलग से नोट्स बनाते थे। वह टीचर बनना चाहते हैं। उनके पिता हेमराज सिंह दिल्ली में कार्यरत हैं। माता दीपा मेहरा गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई वास्तविक पढ़ाई से अलग होती है। गांव में नेटवर्क की समस्या भी रहती है। 

खनियां गांव निवासी मिशन इंटर कॉलेज की 12वीं विज्ञान वर्ग की छात्रा हिमांशी बिष्ट ने भी 94.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि वह तीन चार घंटे पढ़ाई करतीं हैं। फिलहाल कॉलेज ज्वाइन कर इंजीनियरिंग की तैयारी करेंगी। उनके पिता चंदन सिंह और माता माया देवी भी उन्हें बहुत सहयोग करते हैं। 

विवेकानंद विद्या मंदिर रानीखेत में हाईस्कूल की परीक्षा में 93.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले करन जोशी रानीखेत से पांच किमी दूर चिलियानौला में रहते हैं और पैदल ही स्कूल आते-जाते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा दी होती तो और अच्छे अंक आते। फिर भी वह रिजल्ट से संतुष्ट हैं। पिता नवीन चंद्र जोशी टीचर हैं। माता पुष्पा जोशी गृहिणी हैं। इंटरमीडिएट अच्छे अंकों से पास हों इसके लिए और मेहनत करेंगे।

प्रतिशत कम आने पर दीक्षा नाखुश
विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट छात्रा दीक्षा कार्की ने कम अंक आने पर कुछ नाराजगी जाहिर की। कहा कि अच्छे अंक आने के लिए मेहनत की थी तथा परीक्षा की पूरी तैयारी की थी लेकिन मेहनत धरी की धरी रह गई। दीक्षा ने इंटरमीडिएट में 92 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। दीक्षा आगे पंतनगर की तैयारी कर रही हैं। वह बीएससी करेगी। (संवाद)

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