उत्तराखंड विस चुनाव 2022: हरिद्वार की जगह पंजाब में परिवर्तन कर आए पूर्व सीएम हरीश रावत

विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 19 Sep 2021 09:39 AM IST

सार

उत्तराखंड में सत्ता में वापसी के लिए जद्दोजहद कर रही कांग्रेस ने राज्य में परिवर्तन यात्रा शुरू की है। इसमें वह राज्य की जनता से सत्ता परिवर्तन की अपील कर रही है। यात्रा का दूसरा चरण हरिद्वार से शुरू हो चुका है। लेकिन हरीश रावत शामिल नहीं हो सके।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड में परिवर्तन के लिए हरिद्वार में पार्टी के दूसरे चरण की यात्रा का आगाज करने की तैयारी में थे। लेकिन पंजाब कांग्रेस की गुटबंदी ने ऐसा पेच फंसाया कि रावत को हरिद्वार के बजाय चंडीगढ़ का रास्ता पकड़ना पड़ा।
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पंजाब में अब नए नेतृत्व की माथापच्ची से जूझ रहे हरीश रावत
उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन के लिए यात्रा के जरिये वातावरण बनाने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस के लिए पंजाब से खबर आई कि वहां परिवर्तन हो गया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह की कुर्सी खिसक गई है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत अब नए नेतृत्व की माथापच्ची से जूझ रहे हैं।

उत्तराखंड में सत्ता में वापसी के लिए जद्दोजहद कर रही कांग्रेस ने राज्य में परिवर्तन यात्रा शुरू की है। इसमें वह राज्य की जनता से सत्ता परिवर्तन की अपील कर रही है। यात्रा का दूसरा चरण हरिद्वार से शुरू हो चुका है। लेकिन दूसरे चरण की यात्रा के पहले दिन ही हरिद्वार में खास प्रभुत्व रखने वाले पूर्व सीएम और चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हरीश रावत पंजाब में उपजे सियासी संकट के कारण इस यात्रा में शामिल नहीं हो पाए। 

पिछले दिनों पंजाब का प्रभार छोड़ने की बात कह चुके रावत

पूर्व सीएम हरीश रावत को भले ही पंजाब कांग्रेस प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन उनका दिल उत्तराखंड के लिए ही धड़कता है। यही वजह है कि वह पिछले दिनों पंजाब का प्रभार छोड़ने की बात कह चुके हैं। अपने इस निर्णय से उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी अवगत करा दिया था। लेकिन उन्हें पंजाब का मसला सुलझने तक पद पर बने रहने के निर्देश मिले हैं।
 
पंजाब कांग्रेस में पिछले लंबे समय से कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच उपजा सियासी विवाद शनिवार को सतह पर आ गया। इसके बाद पंजाब प्रभारी होने के नाते एक बार फिर पूर्व सीएम हरीश रावत पंजाब की राजनीति के केंद्र में आ गए। उन्हें यहां परिवर्तन यात्रा का अपना कार्यक्रम छोड़कर पहले दिल्ली और फिर चंडीगढ़ की राह पकड़नी पड़ी। 

हरिद्वार में परिवर्तन यात्रा के दूसरे चरण की यात्रा में पहले दिन मैं शामिल नहीं हो पाया। लेकिन इस बीच पार्टी नेताओं से फोन पर लगातार संपर्क बना रहा। मैंने आज फोन पर ही रानीपुर में हुई सभा को संबोधित भी किया। हरिद्वार में परिवर्तन यात्रा में जिस तरह से लोगों का समर्थन कांग्रेस को मिल रहा है, उससे स्पष्ट है कि लोग राज्य में अब सत्ता परिवर्तन का मन बना चुके हैं। कांग्रेस इस बार बहुमत से सरकार बनाएगी। जहां तक पंजाब कांग्रेस का मसला है, हम इसे सुलझाने की दिशा में काम कर रहे हैं। शीघ्र ही कोई न कोई हल निकाल लिया जाएगा। 
- हरीश रावत, पूर्व सीएम व चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष
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