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कमेटी दर कमेटी : समाधान या मुद्दों को टालने का इंतजाम, नहीं निकला कोई समाधान

राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 01 Aug 2021 03:01 PM IST

सार

पुलिस कर्मचारियों के ग्रेड पे के मामले पर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति बनाई है, जिसकी अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं और चौथी बैठक की तैयारी है।
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कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार

चुनावी साल में सरकारी कर्मचारियों, उपनल कर्मियों, पंडे पुरोहितों की मांगों से प्रदेश की भाजपा सरकार एकाएक घिर गई है। मांग उठाने वाला हर तबका सरकार पर दबाव बना रहा है।
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सरकार ने भी इस दबाव से तात्कालिक मुक्ति के लिए एक के बाद एक समिति व उपसमिति बनानी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक एक भी समिति या उपसमिति के पिटारे से कोई समाधान नहीं निकला है। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम पर मुख्यमंत्री ने हाईपावर कमेटी बनाई है तो अब भू-कानून व जमीन से जुड़े जनसंख्या कानून को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का एलान कर दिया है।


पुलिस ग्रेड पे पर जारी हैं बैठकें, जल्द फैसले की आस
पुलिस कर्मचारियों के ग्रेड पे के मामले पर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति बनाई है, जिसकी अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं और चौथी बैठक की तैयारी है। उनियाल के मुताबिक सरकार समाधान की ओर है और अभी एक बैठक और होनी है। उधर, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि हम इस मामले में उपसमिति के अध्यक्ष से मिल चुके हैं। पुलिस कर्मियों की मांग जायज है। उपसमिति को जल्द निर्णय लेना चाहिए। 

22 हजार उपनलकर्मियों की कमेटी की रिपोर्ट लटकी, कैबिनेट में रखने की मांग
प्रदेश में 22 हजार उपनल कर्मचारियों के वेतन, उनकी सेवा से जुड़े मसलों को लेकर मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट को कैबिनेट की बैठक में आना है। लेकिन पिछली दो बैठकों में रिपोर्ट नहीं आई।

उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कुशाग्र जोशी ने कहा कि मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है। हमें पता चला है कि उपसमिति की सिफारिश गोपन विभाग को प्राप्त हो चुकी है। अब देरी किस बात की है। सरकार को रिपोर्ट कैबिनेट में लाकर निर्णय लेना चाहिए। 

वेतन विसंगति पर इंदु कुमार कमेटी, कर्मचारी बोले सरकार टाल रही है
अश्योर्ड कैरियर प्रमोशन (एसीपी) की पुरानी व्यवस्था को लागू करने और कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में एक प्रमोशन में छूट देने व वेतन विसंगति का मसला उठा रहे हैं। कैबिनेट ने पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडेय की अध्यक्षता में अधिकारियों की समिति बना दी है। समिति का कितना कार्यकाल होगा और किन मुद्दों पर काम करेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय कार्यकारी महामंत्री अरुण पांडेय ने कहा कि इंदु कुमार कमेटी बनाए जाने से यही संदेश गया है कि सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को टालना चाह रही है। यदि मुख्यमंत्री वास्तव समाधान चाहते हैं तो उन्हें कर्मचारियों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए। क्योंकि इंदु कुमार कमेटी क्या करेगी, अभी यही स्पष्ट नहीं है। 

देवस्थानम पर हाईपावर कमेटी, तीर्थ पुरोहित आशंकित
मुख्यमंत्री उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम के संबंध में हाईपावर कमेटी की घोषणा की है। लेकिन अभी तक यह कमेटी अस्तित्व में नहीं आई है। वह कानून के किन प्रावधानों की समीक्षा करेगी, उसका कार्यक्षेत्र क्या होगा, अभी यह भी तय नहीं हुआ है।

चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के प्रवक्ता बृजेश सती ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड को लेकर उच्च अधिकार प्राप्त समिति गठित करने को लेकर प्रदेश सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। तीर्थ पुरोहित आशंकित हैं कि कमेटी के नाम पर उनसे छलावा तो नहीं हो रहा है। सरकार बताए कि कमेटी गठित हुई है या नहीं। समिति कब तक गठित होगी। 

भू-कानून पर मुख्य सचिव की कमेटी बनेगी, सर्वदलीय समिति बनाने की मांग
पूरे प्रदेश भू-कानून में संशोधन का विरोध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की घोषणा की है, जो भूमि से संबंधित मुद्दों और जनसंख्या कानून के बारे में अपनी रिपोर्ट देगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भू-कानून पर सरकार को कमेटी बनाने के बजाय सर्वदलीय समिति बनानी चाहिए। नौकरशाहों की कमेटी इस मामले का हल नहीं कर सकती है। राज्य के सरकारों से जुड़ा मसला है। जब कानून में संशोधन किया गया था, तब विपक्ष ने इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की थी। लेकिन विपक्ष की मांग को अनसुना कर दिया गया था।
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