Bye Bye 2020 : आयोजन हुए ठप हुए तो यूट्यूब बना मंच, कलाकारों ने सोशल मीडिया पर बढ़ाई सक्रियता

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 01 Jan 2021 11:51 AM IST
लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी
लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी - फोटो : अमर उजाला
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वर्ष 2020 अन्य सभी सेक्टरों की तरह संस्कृति, फिल्म और संगीत उद्योग पर भी भारी पड़ा है। कोरोना के चलते मार्च के बाद आयोजन पूरी तरह बंद रहे। ऐसे में यूट्यूब कलाकारों के लिए बड़ा मंच और सहारा बनकर सामने आया। 
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कलाकारों ने भी आपदा के बीच उपजे अवसर का पूरा फायदा उठाया और सोशल मीडिया के माध्यम से कई नए आइटम पेश किए। नए पुराने सभी कलाकार पूरे साल सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय रहे। हालांकि, कलाकारों की आजीविका का सबसे प्रमुख माध्यम स्टेज शो पूरी तरह बंद रहे।


अब 2020 की समाप्ति के मौके पर उन्हें आशा है कि आनेवाले वर्ष में सब कुछ ठीक होगा और एक बार फिर मंच सजेंगे और साज गूंजेंगे। पूरा साल कलाकारों के लिए कैसा रहा, इसको लेकर उन्होंने अमर उजाला से अपने अनुभव साझा किए। 

पौड़ी में नेगी दा ने लिखे गीत

कोरोना काल में लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी करीब छह माह अपने पौड़ी आवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने कई गीत लिखे, जिनमें से एक गीत बात होली... कुछ दिन पूर्व ही रिलीज हुआ है। उन्होंने बताया कि कई अन्य गीत भी हैं, जिन्हें अगले कुछ समय में रिकॉर्ड किया जाएगा। 

अपनों की चिंता में गुजरा साल

जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने बताया कि वर्ष 2020 का ज्यादातर समय कोरोना के चलते अपनों की चिंता में ही गुजरा। पूरे साल उन्होंने कोरोना से जागरूकता के लिए कई गीत तैयार किए। उन्होंने वीडियो संदेश भी जारी किए, जिन्हें लोगों ने खूब पसंद भी किया।  

गीतों के जरिए दिया जागरूकता का संदेश

लोक गायक किशन महिपाल ने भी कई गीत तैयार किए, इसके जरिये उन्होंने सोशल मीडिया पर कोरोना से जागरूकता का संदेश दिया। हालांकि, पूरे साल आयोजन न होने से वह खासे मायूस हैं। उन्होंने कहा कि हम कलाकारों की आजीविका पूरी तरह इन्हीं स्टेज शो पर निर्भर है। 

लोगों से नियमित रखा जुड़ाव

लोक गायिका संगीता ढौंडियाल ने पूरे कोरोना काल के दौरान अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ाव और संवाद बनाए रखा। सोशल मीडिया पर उन्होंने जागरूकता के लिए कई गीत तैयार किए। उन्होंने न केवल यूट्यूब बल्कि कई न्यूज चैनलों के लिए भी जागरूकता अभियान चलाया।

पहाड़ की समृद्धि और कल्याण के लिए लिखे गीत

पद्मश्री बसंती बिष्ट ने साल भर सोशल मीडिया माध्यमों से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया। उन्होंने इसके लिए कई गीत तैयार किए। इसके अलावा पहाड़ की सुख समृद्धि और कल्याण के लिए भी गीत लिखे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। 

कई शख्सियतों को खोया

कोरोना के साथ ही कला जगत के लिए यह साल कई बड़े कलाकारों के निधन के शोक में बीता। हीरा सिंह राणा समेत कई लोक कलाकार और गीत-संगीत से जुड़े लोग इस वर्ष दुनिया से विदा हो गए। कोरोना के कारण भी कुछ कलाकारों की मौत हुई। इन घटनाओं से इस साल शोक और भी ज्यादा बढ़ा दिया। 

पारंपरिक कलाकार भी रहे परेशान

बड़े लोक कलाकारों के साथ ही पारंपरिक कलाकारों को भी आयोजन न होने से नुकसान उठाना पड़ा। बड़े कलाकारों के साथ संगत करने वाले साजिंदे और गांवों में ढोल-दमौ, मश्कबीन बजाने वाले कलाकारों के लिए भी पूरा साल मुफलिसी में बीता। गांवों में शादियां व अन्य आयोजन टलने के कारण पारंपरिक कला के वाहक इन कलाकारों की आजीविका पर भी असर पड़ा।
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