उत्तराखंड: निवेश की संभावना तलाशेगा आइसलैंड, मुख्यमंत्री से उच्चायुक्त गुडनी ब्रैगसन ने की शिष्टाचार भेंट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 13 Nov 2021 12:58 PM IST

सार

आइसलैंड के उच्चायुक्त गुडनी ब्रैगसन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। दोनों के मध्य द्विपक्षीय व्यापार एवं सांस्कृतिक प्रचार से जुड़े विभिन्न मसलों पर विचार हुई। 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार

आइसलैंड उत्तराखंड में पर्यटन, शिक्षा, मत्स्य और हरित व भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की संभावना तलाश सकता है। शुक्रवार को आइसलैंड के उच्चायुक्त गुडनी ब्रैगसन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। दोनों के मध्य द्विपक्षीय व्यापार एवं सांस्कृतिक प्रचार से जुड़े विभिन्न मसलों पर विचार हुई। 

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उत्तराखंड में पर्यटन एवं तीर्थांटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन एवं तीर्थाटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। इस दिशा में राज्य सरकार का विशेष फोकस है। शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में शामिल है। अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना चलाई जा रही है।


आइसलैंड के उच्चायुक्त गुडनी ब्रैगसन ने पर्यटन, शिक्षा, स्वरोजगार, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय, इंडो आइसलैंडिक बिजनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसून दीवान, डिप्टी चीफ मिशन सिगथोर, दीप्ति रावत, सचिव  अमित नेगी, दिलीप जावलकर, एमडी सिडकुल रोहित मीणा आदि उपस्थित थे।

प्रदेश में भूतापीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन की तैयारी
प्रदेश में भूपातीय ऊर्जा (जियोथर्मल एनर्जी) से बिजली उत्पादन की तैयारी शुरू हो गई है। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। जल्द ही यह प्रोजेक्ट धरातल पर नजर आएंगे। शुक्रवार को आइसलैंड दूतावास के एक प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत से मुलाकात की। उन्होंने उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के प्रयोग का प्रोजेक्ट रखा। बैठक में ऊर्जा मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने के लिए कहा। इसे लेकर वाडिया इंस्टीट्यूट की ओर से सर्वेक्षण किया जाएगा और रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस संदर्भ में तकनीकी परीक्षण करके स्टीमेट प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में आइसलैंड तकनीकी और वित्तीय मदद भी देगा। बदरीनाथ में गर्म पानी और तप्तकुंड का स्रोत उपलब्ध है, जिसका प्रयोग बदरीनाथ मन्दिर समिति, धर्मशाला में विद्युत उपयोग में किया जा सकता है।

आइसलैंड में भूतापीय ऊर्जा के रूप में 30 प्रतिशत ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है। गर्म पानी, तप्तकुंड के आधार पर इस उर्जा का उत्पादन किया जाता है। उत्तराखंड में, वाडिया इंस्टीट्यूट ने अपने सर्वे रिपोर्ट में 64 स्थलों पर इस प्रकार की ऊर्जा के उत्पादन पर अपनी संभावना व्यक्त की है। इस अवसर पर ऊर्जा सचिव सौजन्या, निदेशक उरेडा दीपक रावत, आइसलैंड के राजदूत गुडनी ब्रेगासान, डिप्टी चीफ मिशन सिगथोर, चेयरमैन इंडो-आईसेडेनिक बिजनेस एसोसिएशन प्रसून दिवान सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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