उत्तराखंड: कानूनी दांव पेंच में उलझ सकती है 2287 पदों पर शिक्षकों की भर्ती 

बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 19 Oct 2021 02:45 AM IST

सार

Teacher Recruitment In Uttarakhand: हरिद्वार की एक उम्मीदवार ने इन आवेदनों को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 
शिक्षक
शिक्षक - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड में बेसिक के 2287 पदों पर चल रही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर कानूनी दांव पेंच उलझ सकती है। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र को गलत सूचना के आधार पाने एवं इसके आधार पर शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन का आरोप लगाते हुए हरिद्वार की एक उम्मीदवार ने इन आवेदनों को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 
विज्ञापन


प्रदेश में बेसिक के शिक्षकों के पदों पर भर्ती का मामला पूर्व में भी कानूनी दांव पेंच में उलझा रहा है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन) करने वाले और डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों) से डीएलएड करने वालों के बीच शिक्षक भर्ती का मामला काफी समय तक उलझा रहा। मामले के हाईकोर्ट पहुंचने पर हाईकोर्ट ने पूर्व में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। 


एनआईओएस से डीएलएड करने वालों का कहना था कि उन्हें एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षक परिषद) ने मान्यता दी है। जबकि डायट से डीएलएड करने वाले उम्मीदवार इसका विरोध कर रहे थे, उनका कहना था कि एनआइओएस से डीएलएड करने वालों को शिक्षक भर्ती से बाहर किया जाए। प्रदेश सरकार की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की याचिका के बाद हाईकोर्ट ने इसी वर्ष सितंबर में शिक्षकों की भर्ती से रोक हटा दी थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शिक्षकों की भर्ती उसके अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। भर्ती से रोक हटने के बाद विभाग की ओर से प्रदेश भर में इन दिनों बैकलॉग के 361 पदों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। जबकि 2287 पदों पर शिक्षक भर्ती के लिए विभाग ने अपनी वेबसाइट में उम्मीदवारों की मेरिट सूची देते हुए इस पर आपत्तियां मांगी है। कुछ उम्मीदवारों का कहना है कि उनकी ओर से सी-टेट के प्रमाणपत्र को लेकर आपत्तियां दी गई हैं, इसके बाद भी इसे ठीक नहीं किया गया। यही वजह है कि उन्होंने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 

यह है मामला 
याचिकाकर्ता का कहना है कि वर्ष 2012 से 2018 के बीच केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए केवल वे ही उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे, जिनके पास दो वर्षीय डिप्लोमा था, लेकिन एक वर्षीय बीएड वाले उम्मीदवारों ने भी गलत सूचना के आधार पर केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। गलत सूचना के आधार पर प्रमाण पत्र हासिल करने वाले ये उम्मीदवार अब वर्तमान में चल रही शिक्षक भर्ती में शामिल हैं। जिनके नाम मेरिट सूची में शामिल हैं। जिनके आवेदन निरस्त किए जाएं। 

शिक्षक भर्ती के लिए उम्मीदवारों से आपत्तियां मांगी गई है। आपत्तियां का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सी-टेट सीबीएसई कराता है। बोर्ड से भी इस मामले में जानकारी ली जाएगी।
- आरके उनियाल, निदेशक बेसिक शिक्षा

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00