छात्रवृत्ति घोटाला: एसआईटी के सवालों का जवाब देने नहीं पहुंचे सेवानिवृत्त अधिकारी अग्निहोत्री

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 12 Oct 2021 10:04 PM IST

सार

आज मंगलवार को एसआईटी ने पूछताछ के लिए पेश होने संबंधी नोटिस उनके घर पर चस्पा किया है।  
Uttarakhand Scholarship scam: Retired District Social Welfare Officer Deepraj Agnihotri will be questioned by SIT today
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार

अनुसूचित जाति एवं जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री के आवास पर पूछताछ का नोटिस सोमवार को एसआईटी ने चस्पा किया था। वह मंगलवार को एसआईटी के सवालों का जवाब देने के लिए नहीं पहुंचे।
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हरिद्वार के तत्कालीन व सेवानिवृत्त जिला समाज कल्याण अधिकारी व कनखल के त्रिलोकनगर निवासी दीपराज अग्निहोत्री ने पांच शैक्षणिक संस्थानों को भगवानपुर के कृष्णा इंडस्ट्रीयल ट्रैनिंग इंस्टीट्यू, कलियर के भारती प्राइवेट आईटीआई, सिडकुल के बीएलएस इंस्टीट्यूट, गंगनहर रूड़की के बीआरडी कालेज ऑफ मैनेजमेंट व गणपति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन बिलासपुर यमुनानगर हरियाणा का बिना सत्यापन कराए  एक करोड 78 लाख, 21 हजार 188 रुपये की छात्रवृत्ति आवंटित करने का आरोप है।


एसआईटी ने जांच में पाया कि कथित छात्रों के नाम भी गलत हैं। एसआईटइी ने अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा बढ़ा दी। निरीक्षक देवेंद्र सिंह, निरीक्षक मुकेश चौहान तथा निरीक्षक राजेंद्र सिंह बिष्ट ने उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कई बार बुलाया लेकिन वह पेश नहीं हुए।

एसआईटी ने पेश न होने पर सेवानिवृत्त अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री के निजी मकान पर एसआईटी के समक्ष 12 अक्टूबर को पेश होने के लिए नोटिस चस्पा किया था। जिसमें उन्हें मंगलवार को एसआईटी के सवालों का जवाब देने के लिए पेश होना था। एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि दीपराज अग्निहोत्री मंगलवार को एसआईटी के समक्ष पेश नहीं हुए। 

घर में नहीं मिला छात्रवृत्ति घोटाले का आरोपी अफसर टीआर मलेठा

छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी चमोली जिले के प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके पैतृक घर हरिशंकर में दबिश दी। लेकिन वे घर पर नहीं मिले। वर्ष 2015-16 में हरिद्वार में मलेठा के सहायक समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए यह घोटाला हुआ था। इसमें वह मुख्य आरोपी भी हैं। 

पोखरी थानाध्यक्ष मनोहर भंडारी ने बताया कि टीकाराम मलेठा पर आरोप है कि वर्ष 2015-16 में हरिद्वार में सहायक समाज कल्याण अधिकारी के पद पर रहते हुए उन्होंने सरस्वती प्रोफेशनल डिग्री कालेज जगजीतपुर के 91 कथित छात्रों का फर्जी सत्यापन किया। इस वजह से कॉलेज में 41 लाख 42 हजार 600 रुपये की छात्रवृत्ति का घोटाला सामने आया था। पिछले वर्ष कनखल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना कर रहे निरीक्षक सुंदरम शर्मा ने टीकाराम मलेठा को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।

इसके बाद उनके निजी आवास खन्ना नगर, ज्वालापुर, हरिद्वार में नोटिस चस्पा कर दिया गया। विवेचना अधिकारी सोमवार को पुलिस फोर्स के साथ उनके पैतृक घर हरिशंकर गांव पहुंचे। लेकिन वे वहां से भी फरार मिले। टीकाराम मलेठा के घर पर नोटिस चिपका दिया गया है कि वे अगर नोटिस की समयावधि में एसआईटी या पुलिस के समक्ष पूछताछ के लिए प्रस्तुत नहीं होते तो उनके घर की कुर्की का नोटिस निकाला जाएगा।
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