उत्तराखंड: मूसलाधार बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर आया भारी मलबा, जेसीबी नदी में गिरी, कई वाहन मलबे में फंसे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 10 Sep 2021 12:07 PM IST

सार

Uttarakhand Weather: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोहबगड़ में मलबा आने से अवरूद्ध हो गया है। यहां मलबे की चपेट में आकर जेसीबी नदी में गिर गई और ट्रक सहित कई वाहन मलबे में फंस गए हैं।
बदरीनाथ हाईवे पर कुछ इस तरह फंसा है वाहन
बदरीनाथ हाईवे पर कुछ इस तरह फंसा है वाहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित कई मैदानी और पहाड़ी इलाकों में गुरुवार की रात भारी बारिश हुई। इससे देहरादून में जलभराव की समस्या हो गई और रायपुर-थानो मार्ग पर मलबा आ गया। गुरुवार रात देहरादून में 75 मिनट में 93 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। देर रात बंजारावाला चानचल मुस्लिम बस्ती की नहर में एक कार बहकर आ गई। पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात से हो रही बारिश शुक्रवार की सुबह थमी। हरिद्वार में फिलहाल मौसम साफ है।
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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ में मलबा आने से अवरूद्ध
वहीं रुद्रप्रयाग जिले में भी रातभर मूसलाधार बारिश हुई। यहां कई कस्बों के गांवों में जन-जीवन प्रभावित हुआ है। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोहबगड़ में मलबा आने से अवरूद्ध हो गया है। यहां मलबे की चपेट में आकर जेसीबी नदी में गिर गई और ट्रक सहित कई वाहन मलबे में फंस गए। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भी मेदनपुर में मलबा आने से बंद है। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-चमोली राजमार्ग पर यातायात सुचारू है।


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उत्तरकाशी जनपद के सभी तहसील क्षेत्रों में बादल छाए रहे। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात हेतु सुचारू हैं। गंगोत्री हाईवे चिन्यालीसौड़ नागुण के पास भूस्खलन होने के कारण अवरुद्ध हो गया है। उक्त स्थान पर जेसीबी तैनात है,  भूस्खलन रुकने पर ही मार्ग खोलने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद
नई टिहरी रात भर तेज बारिश होती रही। जिले के 13 ग्रामीण संपर्क मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित चल रहे हैं। श्रीनगर में रात भर बारिश के बाद शुक्रवार की सुबह हल्की धूप निकल आई। बदरीनाथ हाईवे चमधार, लामबगड़ और पगलनाला में बंद है। चमोली जनपद में भी गुरुवार रात को भारी बारिश हुई है।

लोहाघाट में घाट लिसा डिपो के पास मलबे में दबी स्कार्पियो
पिथौरागढ़ से टनकपुर की ओर जा रही स्कार्पियो लोहाघाट में घाट लिसा डिपो के पास मलबे में दब गई। यात्रियों ने भागकर अपनी जान बचाई। सभी लोग सुरक्षित हैं। वहीं मलबा आने से यहां हाईवे करीब चार घंटे के लिए बंद रहा। पिथौरागढ़ से खटीमा जा रही ऑल्टो कार हाईवे में स्वाला के पास मलबा आने से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में चालक बाल-बाल बचा। पिथौरागढ़ में शुक्रवार की सुबह भी बारिश जारी रही। पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा आने से बंद है। बागेश्वर, रुद्रपुर, पंतनगर और लोहाघाट में सुबह बारिश हुई। नैनीताल में बादल छाए रहे।

भूस्खलन होने का कारण छह बकरियां दबीं

उत्तरकाशी जिले में तहसील मोरी के अंतर्गत ग्राम फिताडी के खका तोक में भूस्खलन होने का कारण छह बकरियां दब गईं हैं। घटना की सूचना के बाद  राजस्व उपनिरीक्षक फिताडी रवाना हो गए हैं।

शुक्रवार और शनिवार को राज्य में भारी बारिश की संभावना
प्रदेश में बारिश का सिलसिला कुछ और दिन चलता रहेगा। आज शुक्रवार और कल शनिवार को राज्य में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश में ऑरेज अलर्ट जारी किया है। 

भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना 
मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के सभी मैदानी जिलों हरिद्वार, नैनीताल, पंतनगर, ऊधमसिंहनगर सहित और पर्वतीय क्षेत्रों पौड़ी, पिथौरागढ़, मुक्तेश्वर, न्यू टिहरी आदि सभी जिलों में तेज बौछार के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इसके साथ ही आकाशीय बिजली के साथ गर्जन होने की संभावना है। दून में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम और गर्जन के साथ तेज बौछारें हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में दो दौर की तीव्र बारिश हो सकती है। यहीं हालत 11 सितंबर को भी रहेगी। 

भारत-नेपाल सीमा का झूलाघाट पुल अब आधा घंटे देरी से खुलेगा

भारत नेपाल सीमा को जोड़ने वाला झूलाघाट का सीमा पुल 11 सितंबर से आधा घंटे देरी से खुलेगा। कस्टम अधीक्षक डॉ. दयाशंकर ने बताया सीमा पुल के समय को मौसम के हिसाब से साल में तीन बार परिवर्तित किया जाता है। अभी तक पुल सुबह सात बजे खुल रहा था और शाम छह बजे बंद हो रहा था।

भारत सरकार से मिले निर्देशों के बाद सीमा पुल शनिवार से सुबह 7:30 बजे खुलेगा और शाम 5.30 बजे बंद होगा। नए समय की सूचना बैतड़ी प्रशासन, नेपाल कस्टम, एसएसबी, पुलिस और व्यापार संघ को दे दी गई है।

गड्ढों और प्लॉट में जमा पानी फैला रहा बीमारी
बरसात के मौसम में रुड़की के कलियर क्षेत्र में गड्ढों और खाली प्लॉटों में बारिश का गंदा पानी जमा हो रहा है। पानी में मच्छर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत के अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

बारिश के दौरान सितंबर का महीना संक्रामक बीमारियों का समय कहलाता है। वायरल फीवर से लेकर मलेरिया और डेंगू की आशंका बढ़ जाती है। मच्छरों की बढ़ती तादाद का एक मुख्य कारण कस्बे में होने वाला जलभराव भी है। अधिकतर नालियां चोक हैं और खुली हुईं हैं, जिससे मच्छर पनप रहे हैं।

बारिश का पानी खाली प्लॉट और गड्ढों में जमा हो रहा है, जिससे मोहल्लों में गंदगी पसरी हुई है। नगर पंचायत सहित देहात क्षेत्रों में भी कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया गया है। 
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