उत्तराखंड: देहरादून समेत कई इलाकों में हुई बारिश, भूस्खलन और मलबा आने से प्रदेश में 130 सड़कें बंद

न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 09 Sep 2021 08:43 PM IST

सार

Uttarakhand Weather Forecast:  मौसम विज्ञानियों ने अगले 24 घंटे में राज्य के कई पर्वतीय इलाकों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
highway, landslide, monsoon, rain
highway, landslide, monsoon, rain - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड के अधिकतर पहाड़ी इलाकों में गुरुवार को तड़के से रुक-रुक कर बारिश हुई। इस वजह से बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया है।
विज्ञापन


कई पर्वतीय इलाकों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञानियों ने अगले 24 घंटे में राज्य के कई पर्वतीय इलाकों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।


ऋषिकेश-देहरादून हाईवे: जाखन नदी ने फिर दिखाया रौद्र रूप, वैकल्पिक मार्ग का आधे से ज्यादा हिस्सा बहा, तस्वीरें...

तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की भी संभावना
मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। राजधानी दून में अगले चौबीस घंटे के भीतर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। 

बारिश और मलबे से प्रदेश में 130 सड़कें बंद
प्रदेश में बारिश के बाद जगह-जगह मलबा आने से 130 मार्ग बंद हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक पिथौरागढ़ में 18, उत्तरकाशी में 10, देहरादून में 6, हरिद्वार में 37, रुद्रप्रयाग में 7, पौड़ी में 27, टिहरी में 13, बागेश्वर में 5, नैनीताल में 2, अल्मोड़ा में 1 और चंपावत में 4 मार्ग बंद हैं। बंद मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में 11 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।

रानीपोखरी में जाखन नदी में वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही शुरू
रानीपोखरी में जाखन नदी में वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही हो रही है। लोक निर्माण विभाग नदी मार्ग को मजबूत बनाने में काम कर रहा है। बुधवार देर रात से यहां आवाजाही सामान्य रूप से चल रही है। मार्ग शुरू होने से लोगों को राहत मिली है।

बता दें कि रानीपोखरी में जाखन नदी का जल स्तर बढ़ने से वैकल्पिक मार्ग (काजवे) पर ह्यूम पाइप के ऊपर बनाई गई पुलिया बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद वैकल्पिक मार्ग पर एक बार फिर वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। नदी में पानी बढ़ने से थानो बाइपास और घमंडपुर में भी यातायात अवरुद्ध हो गया था। 

बाजपुर: कोसी नदी में बही मासूम बच्ची की खोजबीन जारी
सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र अंतर्गत कोसी नदी में बही मासूम बच्ची की खोजबीन एनडीआरएफ की टीम द्वारा की जा रही है। बता दें कि मंगलवार शाम कोसी नदी में ट्रैक्टर पलटने से मां बेटी बह गई थी। बुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने तलाशी कर महिला का शव बरामद कर लिया था। जबकि मासूम बच्ची का अभी कोई पता नहीं चला है। गुरवार को भी एनडीआरएफ सहित अन्य टीमें बच्ची की तलाशी में जुटी है।

चमधार में नौ और सिरोहबगड़, नरकोटा व शिवानंदी में चार घंटे बाद हो पाया सुचारू

बारिश से बदरीनाथ हाईवे फरासू-चमधार के बीच बृहस्पतिवार सुबह मलबा आने से फिर बंद हो गया, जिसके चलते यहां करीब नौ घंटे बाद यातायात अवरुद्ध रहा। उधर, रुद्रप्रयाग जिले से लगा बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़, नरकोटा व शिवानंदी में भूस्खलन से चार घंटे बंद रहा।

श्रीनगर से करीब आठ किमी दूर चमधार पिछले कुछ माह से नासूर बन गया है। यहां आए दिन मलबा गिरने से हाईवे बंद हो रहा है। बुधवार रात से हो रही बारिश की वजह से बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे यहां फिर मलबा गिर गया। कार्यदायी संस्था लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई, लेकिन जब वाहन चालक इस पैच को पार कर रहे थे, तो पुन: पत्थर गिरने लगे। पत्थर एक स्कूटी के ऊपर गिर गया, स्कूटी सवार ने भागकर जान बचाई। पीडब्लूडी एनएच डिवीजन के सहायक अभियंता मोहम्मद तहसीम ने बताया कि अपराह्न करीब तीन बजे राजमार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया।

उधर, रुद्रप्रयाग जिले से लगा बदरीनाथ हाईवे भूस्खलन से सिरोहबगड़, नरकोटा व शिवानंदी में मलबा आने से तड़के ही बंद हो गया था। एनएच व ऑलवेदर रोड परियोजना की कार्यदायी संस्था द्वारा सुबह करीब सात बजे सिरोहबगड़ व नरकोटा में हाईवे पर यातायात बहाल किया गया, लेकिन करीब आधा घंटे बाद पहाड़ी से भारी मलबा आने के बाद पुन: हाईवे बंद हो गया। इसके बाद 10 बजे मलबा साफ कर यातायात बहाल किया गया। 

लोगों के घरों में घुसा पानी
नगर क्षेत्र में पुरानी तहसील क्षेत्र में बरसाती नाले का पानी हाईवे पर बह रहा है, जो लोगों के घरों में घुस रहा है। उधर, बच्छणस्यूं क्षेत्र को जोड़ने वाला खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग फतेहपुर के सामने दिनभर बंद रहा। एसएसबी के जवानों द्वारा यहां पर मलबा साफ करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में नया बस अड्डा मार्ग कीचड़ से लबालब हो रखा है। संवाद

चलते वाहन के ऊपर गिरा पत्थर, नानी-नाती घायल
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर सफर करना जोखिमभरा हो गया है। चट्टान से हाईवे पर जगह-जगह पत्थर गिर रहे हैं, जो आए दिन हादसे की वजह बन रहे हैं। आगराखाल के समीप पहाड़ी से एक पत्थर चलती टाटा सूमो पर गिर गया, जिसमें नानी व नाती गंभीर रूप से घायल हो गए। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.30 बजे एक टाटा सूमो ऋषिकेश से लंबगांव की ओर जा रही थी। आगराखाल से एक किमी आगे टिहरी की तरफ पहाड़ी से अचानक एक पत्थर चलती टाटा सूमो के बोनट पर जा गिरा। पत्थर की चपेट में आने से प्रतापनगर ओखलाखाल निवासी मोहित (22) पुत्र रूप सिंह, ग्राम बनाली निवासी उसकी नानी नथी देवी (70) गंभीर रूप से घायल हो गई। थानाध्यक्ष प्रदीप पंत ने बताया कि घायलों का श्रीदेव सुमन संयुक्त चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार कराने के बाद डॉक्टरों ने दोनों को हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। वाहन में चालक सहित तीन लोग सवार थे। वाहन चालक सुरक्षित है।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00