उत्तराखंड मौसम अपडेट: तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद, सेना और अर्द्धसैनिक बलों के लिए हेलीकॉप्टर से भेजी रसद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 18 Sep 2021 06:58 PM IST

सार

डीडीहाट (पिथौरागढ़) में तवाघाट-लिपुलेख सड़क के बंद होने से चीन सीमा पर स्थित चौकियों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के लिए रसद आपूर्ति प्रभावित हो गई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में अब बर्फबारी भी शुरू हो गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित लगभग सभी इलाकों में शनिवार सुबह से ही मौसम साफ रहा। हालांकि दोपहर साढ़े तीन बजे बाद दून में बारिश शुरू हो गई। चारधाम यात्रा मार्ग भी सुचारू रहे।
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सेना और अर्द्धसैनिक बलों के लिए हेलीकॉप्टर से भेजी रसद
डीडीहाट (पिथौरागढ़) में तवाघाट-लिपुलेख सड़क के बंद होने से चीन सीमा पर स्थित चौकियों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के लिए रसद आपूर्ति प्रभावित हो गई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में अब बर्फबारी भी शुरू हो गई है। बाद में रसद आपूर्ति मुश्किल न हो जाए, इसलिए सेना ने अपने जवानों के लिए हेलीकॉप्टर से राशन पहुंचाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार सड़क खुलने के बाद सड़क मार्ग से भी सेना की चौकियों के लिए राशन भेजा जाएगा।


चीन और नेपाल सीमा की सुरक्षा में सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के जवान तैनात हैं। इनके लिए बॉर्डर आउट पोस्टों (बीओपी) में सड़क मार्ग से राशन की आपूर्ति की जाती है। इस साल आपदा के कारण सीमा को जोड़ने वाली सड़क के बंद होने से रसद आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जबकि सितंबर पहले सप्ताह से उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी भी होने लगी है। सेना की कुछ बीओपी ऐसे स्थानों पर हैं, जहां पर पांच से 15 फीट तक बर्फबारी होती है। ऐसे में शीतकाल के लिए भी सितंबर तक पूरा राशन वहां पहुंचा दिया जाता है। 

पैदल ही आवाजाही करने के लिए मजबूर सेना के जवान
इस साल आपदा से सीमांत की सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है। तीन माह पूर्व बह गई दारमा और चौदास की कई सड़कों को नहीं खोला जा सका है। धारचूला-तवाघाट-घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क पर भी लगातार मलबा आने और कई स्थानों पर पहाड़ियां टूटने से बरसात में यातायात बाधित रहा है। इस कारण स्थानीय जनता के साथ ही चीन सीमा पर स्थित बीओपी में तैनात सेना और अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। 
 
कर्णप्रयाग में भूस्खलन से लोगों में खौफ
वहीं लगातार बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर राजनगर में भूस्खलन होने से लोग खौफजदा हैं। सभासद नवीन नवानी और विजय खंडूड़ी ने बताया कि हेमंत, गजेंद्र, दुर्गा प्रसाद, पान सिंह सहित कई लोगों के मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। साथ ही नगर को आपूर्ति करने वाली पेयजल लाइन भी भूस्खलन के कारण टूट गई थी।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया
नगर पालिका के ईओ अंकित राणा व तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने नगर के सभी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। वहीं, नगर के अपर बाजार, बहुगुणानगर, आईटीआई क्षेत्रों में भी भूस्खलन जारी है। अपर बाजार के नीचे से लगातार सिमली रोड पर पत्थर गिर रहे हैं, जिससे वाहनों सहित पैदल चलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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