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आरआईएमसी परिणाम: उत्तराखंड की एक मात्र सीट पर देहरादून के ओम दत्त शर्मा का चयन

राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) देहरादून में उत्तराखंड राज्य की एक मात्र सीट पर देहरादून के ओम दत्त शर्मा का चयन हुआ है।

17 अक्टूबर 2021

Digital Edition

चारधाम यात्रा 2021: केदारनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर की ब्लैक टिकटिंग पर रखी जा रही पैनी नजर

केदारनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर के लिए ब्लैक टिकटिंग को रोकने के लिए इस बार जिला प्रशासन ने कड़ी निगरानी कर रहा है। हेलीकॉप्टर सेवा के नोडल अधिकारी के द्वारा हेली कंपनियों के काउंटर का प्रतिदिन निरीक्षण के साथ टिकट बुकिंग की रिपोर्ट मांगी जा रही है। साथ ही यात्रियों से भी फीडबैक लिया जा रहा है। वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय से भी हेलीकॉप्टर सेवा की मॉनीटरिंग की जा रही है।

केदारनाथ के लिए इस वर्ष 6 हेली कंपनियों के द्वारा गुप्तकाशी, फाटा व शेरसी से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है। 23 दिनों में हेलीकॉप्टरों के द्वारा अलग-अलग हेलीपैड से दो तरफा 3526 शटल की गई हैं। इस दौरान 18961 यात्री हेलीकॉप्टर से केदारनाथ पहुंचे हैं। जबकि बाबा केदार के दर्शन कर 18578 यात्री वापस भी लौटे हैं।

अमर उजाला खास: केदारनाथ धाम में हेली कंपनियां उड़ा रहीं नियमों की धज्जियां

प्रतिदिन हेलीकॉप्टर से ढाई सौ से अधिक शटल हो रही हैं। इस बार खास बात यह है कि अभी तक किसी भी हेली कंपनी के द्वारा टिकट ब्लैक नहीं किए गए हैं। क्योंकि प्रशासन द्वारा तैनात नोडल अधिकारी/जिला पर्यटन व सहासिक खेल अधिकारी सुशील नौटियाल द्वारा प्रत्येक हेली कंपनी के बुकिंग काउंटर से प्रतिदिन की टिकट बुकिंग रिपोर्ट मांगी जा रही है।

साथ ही गुप्तकाशी से शेरसी तक वे दिन में कम से कम दो से तीन कंपनियों के कार्यालय में दो से तीन घंटे बैठकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। यही नहीं, नोडल अधिकारी द्वारा हेलीकॉप्टर से धाम जाने व लौटने वाले यात्रियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है, जिसके माध्यम से व्यवस्था को और दुरस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

साथ ही पुलिस द्वारा भी हेलीपैड व हेली कंपनियों के कार्यालयों से निरंतर संपर्क बना हुआ है। इधर, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा में ब्लैक टिकटिंग को लेकर अभी तक कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। इसके लिए नोडल अधिकारी बधाई के पात्र हैं। यात्रा कंट्रोल रूम से हेली सेवा की नियमित मॉनीटरिंग की जा रही है।



2019 में छह मुकदमे हुए थे दर्ज 
केदारनाथ यात्रा में हेली कंपनियों की मनमानी, ब्लैक टिकटिंग और यात्रियों के साथ अभद्रता नई बात नहीं है। वर्ष 2019 में ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर एजेंटों के माध्यम से कई हेली कंपनियों ने मोटी कमाई का प्रयास भी किया। इस दौरान यात्रियों की शिकायत पर सोनप्रयाग, फाटा व गुप्तकाशी पुलिस कोतवाली/चौकी व थाना में मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। तब, जांच के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। वर्ष 2017 व 2018 में भी इस तरह के 10 से अधिक मामलों में सात लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
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उत्तराखंड में बदला मौसम: चारधाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, मैदान में बारिश से बढ़ी ठंड, तस्वीरें

उत्तराखंड में रविवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली। सुबह से प्रदेशभर में धूप खिली रही, लेकिन शाम होते ही पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई तो मैदान में बारिश ने ठंड बढ़ा दी। बदरीनाथ और केदारनाथ की चोटियां बर्फ से ढकी नजर आईं। वहीं, यमुनोत्री धाम में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। गंगोत्री की ऊंची चोटियां भी बर्फ से ढकी हैं।

उत्तराखंड: पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए बनेगी एसओपी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दिए निर्देश

उत्तराखंड समेत जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पिछले एक सप्ताह से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से एक बार फिर राजधानी देहरादून के अलावा उत्तरकाशी, टिहरी और चमोली जैसे जिलों में मौसम बदल गया। राजधानी समेत आसपास के इलाकों में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश हुई, वहीं विकासनगर व मसूरी के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई।  राजधानी दून में अचानक पारा नौ डिग्री गिरकर 21 डिग्री पर पहुंच गया। 
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उत्तराखंड में कोरोना: रविवार को छह नए संक्रमित मिले, एक मरीज की हुई मौत

उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण कम हो रहा है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में छह नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक मरीज की मौत हुई है। जबकि नौ मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मरीजों की संख्या 163 पहुंच गई है। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 9871 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। 10 जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं,  चंपावत में एक, देहरादून में तीन और नैनीताल में दो संक्रमित मरीज मिले हैं।

उत्तराखंड: रुड़की में बेकाबू हो रहा डेंगू, 55 नए मरीजों में हुई पुष्टि, एक संदिग्ध की मौत

संक्रमण दर 0.06 प्रतिशत पहुंची
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343821 हो गई है। इनमें से 330121 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7399 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.02 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.06 प्रतिशत दर्ज की गई है। 
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उत्तराखंड में कोरोना: सोमवार को 11 नए संक्रमित मिले, 156 हुई सक्रिय मरीजों की संख्या

उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण काबू में आ गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 11 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 16 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 156 पहुंच गई है, जबकि रविवार को प्रदेश में 163 सक्रिय मरीज थे। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को 10269 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। नौ जिलों बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, अल्मोड़ा, देहरादून और हरिद्वार में तीन-तीन, नैनीताल में दो संक्रमित मिले हैं। 

संक्रमण दर 0.11 प्रतिशत पहुंची
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343832 हो गई है। इनमें से 330137 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7399 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.02 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.11 प्रतिशत दर्ज की गई है। 
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कोरोना वायरस की जांच कोरोना वायरस की जांच

उत्तराखंड: सिडकुल के सीईपीटी प्लांट के टैंक में गैस की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत

उत्तराखंड के रुद्रपुर में सोमवार शाम को दर्दनाक हादसा हो गया। सिडकुल के सीईपीटी प्लांट के टैंक की खतरनाक गैस के प्रभाव में आकर मोटर ठीक करने गए तीन लोगों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों की टीम ने शवों को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, सिडकुल के सेक्टर सात में सीईपीटी प्लांट है। इसमें उद्योगों के गंदे पानी का ट्रीटमेंट किया जाता है। इसका संचालन रेमकी कंपनी करती है। क्षेत्र में जलभराव होने की वजह से प्लांट की मोटर फुंक गई थी।

सोमवार की शाम कंपनी का हेल्पर हरिपाल निवासी बरेली टैंक में सफाई करते हुए गिर गया था। इसके बाद उसे बचाने के लिए प्लांट हेड रमन निवासी रुद्रपुर और मार्केटिंग कर्मचारी अवधेश टैंक में उतरे थे। 

इस दौरान तीनों अमोनिया गैस की चपेट में आ गए और बाहर नहीं आ सके। सीओ आशीष भारद्वाज ने बताया कि तीनों लोग टैंक के अंदर गैस की चपेट में आए जिससे दम घुटने के कारण उनकी मौत हुई है। 
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मसूरी: क्यारकुली गांव के पास तालाब में डूबने से दो सगे भाईयों की मौत, घर में छाया मातम

मसूरी के क्यारकुली गांव के पास सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मछली तालाब के किनारे खेलते समय दो मासूम भाईयों की उसमें डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है।

जानकारी के अनुसार, बच्चों के पिता तालाब के पास स्थित फार्म हाउस में नौकरी करते हैं। सोमवार को वह काम पर गए थे। उनके साथ उनके पांच साल और साढ़े तीन साल के दोनों बेटे भी चले गए। दोनों वहां खेल रहे कि अचानक पैर फिसलने से वे तालाब में गिर गए।

आनन फानन बच्चों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन वहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। भट्टा गांव आयुर्वेदिक अस्पताल की डॉक्टर निधि गुरुंग ने बताया कि जब तक बच्चों को लाया गया दोनों की मौत हो चुकी थी।

कोतवाल मसूरी गिरीश चन्द्र शर्मा ने बताया कि घटना सुबह करीब दस बजे की है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। आगे की कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
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उत्तराखंड: हरीश रावत ने आपदा को लेकर सरकार को घेरा, 28 अक्तूबर से प्रदेशभर में आंदोलन का एलान

उत्तराखंड में बीते दिनों आई आपदा को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक बार फिर सरकार पर हमला बोला। सोमवार को देहरादून में कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता कर उन्होंने धामी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आपदा प्रबंधन में फेल हो गई है। मैंने कहा था कि पांच दिन में आपदा राहत में तेजी लाएं, वरना हम आंदोलन करेंगे। लेकिन सरकार के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता ढिलाई से काम कर रहे हैं।

इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी पीड़ितों को मुआवजे की राशि नहीं दी गई है। इसलिए तय किया गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता 28 अक्तूबर से प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों और महानगरों में उपवास कर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद भी सरकार ने आपदा पीड़ितों को राहत नहीं पहुंचाई तो आगे की रणनीतिक तय करेंगे।

चेतावनी के बाद भी सोई रही सरकार
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा था कि उत्तराखंड में आपदा के हालातों को लेकर 36 घंटे पहले जानकारी दे दी गई थी। लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार क्यों सोई रही ? कांग्रेस ने 2013 की आपदा के दौरान कुप्रबंधन को लेकर अपने एक सीएम को हटा दिया था, लेकिन बीजेपी के केंद्रीय नेता अपने सीएम की तारीफें कर रहे हैं। रावत ने कहा कि आपदा प्रभावित इलाकों में अभी भी हालत खराब हैं। मवेशी सड़ रहे है और उन्हें उठाने वाला कोई नहीं है। 

उन्होंने साफ कहा कि हमने आपदा के मुआवजे को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे जिससे जनता को राहत थी। लेकिन बीजेपी सरकार वो भी कम दे रही है। मानव नुकसान के लिए कम के कम 10 लाख रुपये देने चाहिए। उसी हिसाब से पशुओं के नुकसान के साथ-साथ फसलों के नुकसान का भी आकलन होना चाहिए।

डेंगू को लेकर भी साधा निशाना
पूर्व सीएम रावत ने कहा कि प्रदेश के कई शहरों में हालात ये हैं कि नाले चोक पड़े हैं, लेकिन खोलने वाला कोई नहीं है। अगर ये हालात रहे तो प्रदेश में डेंगू का बड़ा खतरा सामने आ सकता है।
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करवाचौथ पर दर्दनाक हादसा: बायना खाकर घर लौट रहे दो सगे भाइयों की सड़क हादसे में मौत

प्रेसवार्ता करते पूर्व सीएम हरीश रावत
करवाचौथ का बायना खाकर घर लौट रहे दो भाइयों की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में दोनों भाइयों की मौत हो गई जबकि बाइक सवार एक युवक घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक को कब्जे में ले लिया।

झबरेड़ा थाना क्षेत्र के सढ़ोली गांव निवासी मुनेश सैनी के बेटे की शादी मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के हरचंदपुर गांव में हुई है। रविवार को मुनेश (55) और उनके भाई जयपाल (57) बाइक से बेटे की ससुराल हरचंदपुर में करवाचौथ का बायना खाने गए थे। रविवार देर शाम दोनों बायना खाकर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह लखनौता चौराहे पर पहुंचे तो उन्हें गांव का ही रोबिन मिल गया। उसने लिफ्ट मांगी तो उन्होंने रोबिन को भी बाइक पर बैठा लिया। तीनों एक बाइक पर सवार होकर गांव चल दिए। जैसे ही वे शेरपुर गांव स्थित एक गन्ना कोल्हू के पास पहुंचे तो सामने से आ रही कार को बचाने के चक्कर में बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई।

तीनों सड़क पर जा गिरे और चीखपुकार मचा दी। आवाज सुनकर गन्ना कोल्हू संचालक मौके पर पहुंचे और सूचना लखनौता पुलिस चौकी पर दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को एंबुलेंस से रुड़की सिविल अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने मुनेश और जयपाल को मृत घोषित कर दिया जबकि रोबिन की हालत खतरे से बाहर बताई। पुलिस ने घटना की सूचना मृतकों के परिजनों को दी तो कोहराम मच गया। आननफानन परिजन रुड़की सिविल अस्पताल पहुंचे। एसओ विनोद थपलियाल ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक को कब्जे में ले लिया है। साथ ही शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिए हैं। मुनेश के बेटे जगवीर की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 
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उत्तराखंड: बर्फ की सफेद चादर से ढका केदारनाथ धाम, उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, तस्वीरें

चारधाम की ऊंची पहाड़ियों पर रविवार शाम को बर्फबारी होने से ठंड में इजाफा हो गया है। वहीं, केदारनाथ धाम में रविवार देर शाम जमकर बर्फबारी हुई। इस बीच सायंकालीन आरती के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा। श्रद्धालु छाता लेकर पूजा करते नजर आए। वहीं, रात भी बर्फबारी हुई तो सुबह धाम बर्फ से सराबोर नजर आया।

हालांकि सुबह से मौसम सामान्य बना हुआ है। सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए निरंतर यात्री भेजे जा रहे हैं। हेलीपैड सहित यात्रा मार्ग पर हल्की बर्फ जमी है। रास्तों व हैलीपेड से बर्फ हटाई जा रही है। जिससे हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हो गई है।




उत्तराखंड समेत जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पिछले एक सप्ताह से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से एक बार फिर राजधानी देहरादून के अलावा उत्तरकाशी, टिहरी और चमोली जैसे जिलों में मौसम बदल गया है। 

उत्तराखंड: सात दिन में मात्र दो घंटे के लिए खुला हेलंग-उर्गम मार्ग, मलारी हाईवे के न खुलने से आफत में नीती घाटी के ग्रामीण

रविवार को राजधानी देहरादून समेत आसपास के इलाकों में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश हुई, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह के मुताबिक आज मौसम साफ बना रहेगा। लेकिन आने वाले दिनों में पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। 
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उत्तराखंड: दीपावली पर 10 कुंतल फूलों से सजेगा केदारनाथ मंदिर, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की तैयारियां भी शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित केदारनाथ भ्रमण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी ने मंदिर की सजावट व मूलभूत व्यवस्थाओं को समयबद्ध पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम को पड़ावों व केदारनाथ में 40 से अधिक अतिरिक्त टेंट लगाने को कहा गया है।

जिलाधिकारी ने यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए केदारनाथ में पीएम मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम पर चर्चा की। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को केदारनाथ में विशिष्ठ व अति विशिष्ठ अिितिथयों के भ्रमण को ध्यान में रखते हुए धाम में सुरक्षा, स्वास्थ्य, संचार सहित अन्य व्यवस्थाअेां को समय पर पूरा करने को कहा।

PM Modi Uttarakhand Visit: प्रधानमंत्री कर सकते हैं आदिगुरु शंकराचार्य के समाधिस्थल का उद्घाटन

उन्होंने वीआईपी ड्यूटी के दौरान सभी कार्मिकों को पहचान पत्र निर्गत करने को कहा, जिससे किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो। डीएम ने केदारनाथ में साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया। कहा कि केदारपुरी में सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए। यहां के प्रत्येक जगह की सफाई कर वहां चूना डाला जाए। इसके अलावा केदारपुरी में ठंड से बचने के लिए पर्याप्त अलाव की व्यवस्था के लिए पूर्ति अधिकारी व डीडीएमओ को निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने बीएसएनएल सहित निजी कंपनियों को संपूर्ण केदारपुरी में इंटरनेट व वाईफाई और ऊर्जा निगम, जलसंस्थान व सुलभ इंटरनेशनल को बिजली, पानी और शौचालय व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग से लेकर केदारपुरी में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट को सभी व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। जिलाधिकारी ने पैदल मार्ग से केदारनाथ तक आवश्यकतानुसार कार्मिकों की तैनाती के साथ ही ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कार्मिकों के आवास/भोजन की उचित व्यवस्था के लिए जीएमवीएन को निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा पीएम के कार्यक्रम को लेकर केदारनाथ में हेलीपैड से लेकर मंदिर तक पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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उत्तराखंड: लालकुआं में खुला देश का पहला एरोमेटिक गार्डन, देखें खूबसूरत तस्वीरें

उत्तराखंड के हल्द्वानी में लालकुआं के वन अनुसंधान केंद्र में देश की पहली सुरभि वाटिका (एरोमेटिक गार्डन) तैयार की गई है। तीन एकड़ क्षेत्रफल में तैयार इस वाटिका में 140 सगंध प्रजातियों को लगाया गया है।

उत्तराखंड: चमोली में बना उत्तर भारत का पहला ऑर्किड पार्क, संरक्षित की गईं 48 प्रजातियां, तस्वीरें...

इस वाटिका को तीन साल में तैयार किया गया है। इसका उद्घाटन रविवार को महाराष्ट्र की वन टच एग्रीकान संस्था की संचालिका बीणा राव और मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से किया।

उत्तराखंड: रानीखेत में बनी देश की पहली प्राकृतिक फर्नरी, दुर्लभ प्रजाति के कई फर्न भी शामिल, तस्वीरें...

मुख्य वन संरक्षक संजीव ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से सगंध प्रजातियों को लाकर यहां लगाया गया है। यह देश की पहला सुरभि वाटिका है। इसके बनने से प्रजातियों के संरक्षण, शोध, जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा आजीविका से जुड़े कार्यों में यह मददगार साबित हो सकेगी। वाटिका को नौ हिस्सों में तैयार किया गया है।
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उत्तराखंड: पहली बार चारधाम के पुराने रास्तों का खाका होगा तैयार, सीएम धामी ने टीम को किया रवाना

उत्तराखंड में शीतकालीन और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश से चारधाम तक पुराने रास्ते की तलाश की जाएगी। इसके लिए सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। पहली बार 1200 किमी लंबे पैदल मार्ग (चारधाम ट्रेल) का खाका तैयार करने को 10 से 12 सदस्यीय रेकी टीम को सर्वे के लिए भेजा जा रहा है।

वहीं, सीएम धामी ने आज सोमवार को चारधाम के पुराने मार्गों को खोजने के लिए 25 सदस्यों के दल को शुभकामनाएं देते हुए रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह गर्व का क्षण है कि हमारे पास उत्तराखण्ड की पुरानी पगडंडियों का पता लगाने के लिए एक युवा बल है। यह हमारी सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उत्तराखंड: बर्फ की सफेद चादर से ढका केदारनाथ धाम, उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, तस्वीरें

दशकों पहले चारधाम यात्रा ऋषिकेश से पैदल मार्ग से होती थी। सड़क सुविधा न होने के कारण तीर्थ यात्री इसी रास्ते से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के दर्शन करने पहुंचते थे। पैदल रास्ते पर चट्टियां होती थीं, जहां पर यात्री रात्रि विश्राम करते थे। यातायात और सड़क सुविधा से प्राचीन रास्ता बंद हो गया है। शीतकालीन व साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार व पर्यटन विभाग ने चारधाम के इस पुराने रास्ते को संवारने की कवायद शुरू कर दी है। 

चारधाम के रास्ते की तलाश करने के लिए रेकी टीम को भेजा जा रहा है। जो पूरे रास्ते का अध्ययन कर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के साथ एक-एक जानकारी जुटाएगी। टीम 50 दिन में लगभग 1200 किमी लंबे पुराने रास्ते का सफर तय करेगी। दल में एसडीआरएफ, पर्यटन, माउंटेरिंग के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। साथ ही दल के पास जीपीएस सिस्टम भी रहेगा। जिससे हर पल उनकी लोकेशन का पता किया जाएगा। अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत ने बताया कि चारधाम यात्रा के पुराने पैदल रास्ते को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए रेकी टीम को सर्वे के लिए भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री इस दल को रवाना करेंगे। 

ये है चारधाम यात्रा का पुराना रास्ता
चारधाम यात्रा पहले ऋषिकेश से पैदल होती थी। जिसमें यात्री ऋषिकेश, देवप्रयाग, टिहरी होते हुए यमुनोत्री, गंगोत्री धाम के दर्शन कर बूढ़ाकेदार, केदारनाथ, त्रियुगीनारायण, ऊखीमठ, चोपता, गोपेश्वर होते हुए बदरीनाथ पहुंचते थे। रेकी टीम इस रास्ते का सर्वे कर पूरा खाका तैयार करेगी।
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उत्तराखंड: समन्वय समिति की बैठक आज, अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा तैयार करेंगे कर्मचारी

उत्तराखंड में 18 सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चला रही उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की सोमवार को समीक्षा बैठक होगी। इस बैठक में जहां 26 अक्तूबर से होने वाली हड़ताल पर चर्चा होगी तो दूसरी ओर अब तक के आंदोलन की समीक्षा भी की जाएगी।

समन्वय समिति के सचिव संयोजक पूर्णानंद नौटियाल व शक्ति प्रसाद भट्ट ने बताया कि सोमवार को सद्भावना भवन यमुना कॉलोनी में बैठक बुलाई गई है। बैठक में सभी जिलों और घटक संघों के पदाधिकारियों को बैठक में बुलाया गया है। 26 अक्तूबर से होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा तय करने के साथ ही वर्तमान में किए गए आंदोलन की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उत्तराखंड में आई दैवीय आपदा में समन्वय समिति ने समस्त जिलों में अपने पदाधिकारियों को जनता की हर संभव मदद करने का आह्वान किया है।

समिति इस आपदा की घड़ी में जनता के साथ है। इसके साथ ही समिति ऐसे वक्त में हड़ताल नहीं करना चाहती लेकिन सरकार को भी सोचना होगा। प्रदेश के कार्मिकों की न्यायोचित मांगे, जो पिछले कई वर्षों से लंबित हैं। शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक में सहमति बनने पर भी उनका शासनादेश जारी न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिससे प्रदेश का कर्मचारी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। ऐसी स्थिति में शासन में बैठे अधिकारियों के प्रति प्रदेश के कार्मिकों में अविश्वास की भावना उत्पन्न हो रही है। 

बाध्य होकर कार्मिकों के पास हड़ताल पर जाने का ही विकल्प बचा हुआ है। उन्होंने मांग की कि सरकार एसीपी, गोल्डन कार्ड, पदोन्नति में शिथिलीकरण, पुरानी पेंशन बहाल करना, एसीपी में पदोन्नति के समान चरित्र पंजीकाओं को देखे जाने की व्यवस्था सहित अन्य सभी 18 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर शासनादेश जारी करें। ताकि प्रदेश के कार्मिकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार 25 तारीख तक कार्मिकों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो समन्वय समिति से जुड़े सभी 10 मान्यता प्राप्त परिसंघों के सभी कर्मचारी अधिकारी 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। 
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