बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
बुध का तुला राशि गोचर, जानें क्या होगा आपके जीवन पर प्रभाव
Myjyotish

बुध का तुला राशि गोचर, जानें क्या होगा आपके जीवन पर प्रभाव

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

हिंदी हैं हम: कई भाषाओं में अच्छी पकड़ रखने वाली इस अभिनेत्री ने कहा- हिंदी साहित्य को पढ़कर देखिए, इश्क हो जाएगा

‘हिंदी के लेखकों की किताब पढ़कर तो देखिए, मेरा यकीन माने इन किताबों से आपको इश्क हो जाएगा। मैंने लॉकडाउन में खासतौर पर हिंदी की किताबें पढ़ीं और मेरी...

4 सितंबर 2021

Digital Edition

उत्तराखंड में कोरोना: शुक्रवार को मिले 14 नए संक्रमित, दो मरीजों की हुई मौत

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 14 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, दो मरीजों की मौत हुई है। जबकि 23 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या 238 पहुंच गई है। जबकि गुरुवार को प्रदेश में 249 सक्रिय मामले थे।  

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को 16039 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। सात जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, चंपावत और हरिद्वार में दो-दो, देहरादून और नैनीताल में चार-चार, पौड़ी और टिहरी में एक-एक संक्रमित मरीज मिला है।

उत्तराखंड: स्वास्थ्य मंत्री ने किया एलान, पहाड़ों में निजी अस्पताल खोलने पर अनुदान देगी सरकार

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343459 हो गई है। इनमें से 329738 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7393 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.01 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.09 प्रतिशत दर्ज की गई है। 

देहरादून में 100 फीसदी लोगों को लगी वैक्सीन की पहली डोज
देहरादून में कोरोना टीकाकरण में तेजी आई है। शुक्रवार तक 100 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान ने इसकी जानकारी दी। 
... और पढ़ें
कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तराखंड मौसम: बारिश के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ की चोटियों पर हुई बर्फबारी, यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अब सुबह-शाम ठंड का अहसास होने लगा है। इन दिनों मौसम सुहावना हो गया है। धूप और बादलों की लुका-छिपी भी आए दिन दिख रही है। वहीं शुक्रवार को देहरादून में बादल छाए रहे।

ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
केदारनाथ और बदरीनाथ में बारिश के बाद शुक्रवार तड़के ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। यहां नीलकंठ, उर्वशी, नर-नारायण और माणा पर्वत चोटियों पर बर्फबारी हुई है। जिससे बदरीनाथ में अब कड़ाके की सर्दी पड़ने लगी है। यमुनोत्री धाम के ऊपर बंदरपूंछ, सप्त ऋषिकुंड, कालिंदी टाॅप पर भी बर्फबारी हुई है।

यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध
उत्तरकाशी जिले में बारिश का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री हाईवे कल्याणी के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है और गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है। वहीं नौगांव-पौंटी-राजगढी मोटर मार्ग पर जगह-जगह मलबा आने और भू-धंसाव के कारण सड़क गुरुवार रात से बंद है।

देहरादून: बारिश के बीच बड़ी संख्या में मसूरी पहुंचे पर्यटक, भूस्खलन ने बढ़ाई परेशानी, लगा जाम, तस्वीरें...

दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना पुश्ता ढहा
विगत दो दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते देहरादून जिले के कालसी तहसील मुख्यालय के निकट गुरुवार की देर शाम दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना पुश्ता ढह गया। जिससे मार्ग लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। दोपहिया वाहन चालक तथा हल्का वाहन चालक जोखिम पूर्ण परिस्थितियों में यहां से वाहन निकालने को मजबूर हैं। उपरोक्त राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली से यमुनोत्री को जोड़ने के अतिरिक्त देहरादून को चकराता, त्यूणी सहित समस्त जौनसार बावर क्षेत्र के अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश, रवाई जौनपुर, मसूरी आदि क्षेत्रों को भी जोड़ता है।

झड़कुला में चार घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार को जोशीमठ के समीप झड़कुला में करीब चार घंटे तक बंद रहा। यहां चट्टान से बड़े-बड़े बोल्डर छिटककर हाईवे पर आ गए। गनीमत रही कि इस दौरान यहां वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। हाईवे बंद होने से यहां सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सुबह करीब पांच बजे हाईवे बंद हुआ था। इस दौरान यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों के वाहन भी हाईवे पर फंसे रहे। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। छात्र-छात्राएं जोखिम उठाकर पत्थरों के ऊपर से चलकर स्कूल पहुंचे। एनएच की जेसीबी ने सुबह करीब नौ बजे हाईवे खोला, जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। 
... और पढ़ें

टिहरी झील: जलस्तर बढ़ने से खतरे में आया सरोट गांव, आंगन झील में समाने पर खाली कराए मकान, तस्वीरें...

टिहरी बांध की झील के आरएल 830 मीटर तक भरने को जहां टीएचडीसी अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहा है, वहीं जलस्तर बढ़ाने से सरोट गांव के लोगों को खतरा हो गया है। ऐसे में प्रशासन को सरोट गांव के दो परिवारों के मकान खाली कराकर उन्हें सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है, कि उन्हें हरिद्वार में कृषि भूमि वर्ष 2004 में दी गई, लेकिन अभी तक भवन प्रतिकर नहीं दिया गया है, जिससे वह खतरे की जद में आए अपने पुराने मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं।

उत्तराखंड: 830 मीटर पहुंचा टिहरी झील का जलस्तर, हर साल होगा 15 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली उत्पादन

बांध की झील का जलस्तर बढ़ाने से आरएल 830 मीटर पर स्थित सरोट गांव के दो परिवारों के आंगन झील में समा गए, जिससे खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन ने अनुसूचित जाति के भरत लाल पुत्र चुनरिया लाल और कमला देवी पत्नी कुंदन लाल का मकान खाली करवाकर उन्हें सरोट गांव के ही पंचायत घर और पशु सेवा केंद्र में शिफ्ट किया है।

प्रभावितों ने कहा कि उन्हें भवन प्रतिकर नहीं मिला है। गांव के पूर्व प्रधान शूरवीर सिंह राणा और अर्जुन सिंह राणा ने कहा कि जलस्तर बढ़ाने से गांव के दो ही नहीं सौ परिवारों को खतरा पैदा हो गया है।
... और पढ़ें

अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव 2021: उत्तराखंड में पहली बार हुआ आयोजन, हर्षिल घाटी के किसानों ने किया विरोध, तस्वीरें...

शुक्रवार को देहरादून के रेंजर ग्राउंड में मुख्यमंत्री ने पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव का उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के साथ ही बागवानी के विकास के लिए अनुकूल नीति बनाई जाएगी। सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश में नए बगीचे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों से राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल बागवानी विकास के लिए शोध व अनुसंधान विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव के विरोध में हर्षिल घाटी के आठ गांवों के किसान सड़क पर उतर आए हैं। 

अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव 2021: गुणवत्ता में कश्मीर और हिमाचल से कम नहीं उत्तराखंड का सेब

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन एप्पल नो डॉक्टर की बात सेब पौष्टिकता के महत्व को बताता है। उत्तराखंड के सेब देश दुनिया में पहचान बने इस पर ध्यान देने की जरूरत है। राज्य में नई तकनीकी के बल पर सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू कश्मीर व हिमाचल से अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर निर्यातक बनें। इस दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने महोत्सव में उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू कश्मीर के किसानों की ओर से लगाई गई सेब व उससे तैयार विभिन्न उत्पादों और कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 
... और पढ़ें

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2022: परीक्षा फार्म जमा करने की तिथि पांच अक्तूबर तक बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव
उत्तराखंड में कोविड की वजह से उत्तराखंड बोर्ड की वर्ष 2022 की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के आवेदन फार्म जमा करने की तिथि में बदलाव किया गया है। अब तय एवं विलंब शुल्क के साथ पांच अक्तूबर तक फार्म जमा किए जा सकेंगे। शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। 

शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में कोविड एवं लॉकडाउन की वजह से वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट दो महीने देरी से 31 जुलाई 2021 तक घोषित किया गया। जिसे देखते हुए छात्र हित में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2022 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा के संस्थागत एवं व्यक्तिगत छात्र-छात्राओं के आवेदन की तिथि में बदलाव किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 25 सितंबर के बजाय पांच अक्तूबर तक 10वीं और 12वीं के फार्म जमा किए जा सकेंगे। जबकि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से इन्हें 11 अक्तूबर तक सीईओ कार्यालय में जमा कराया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से इन परीक्षा फार्म को उत्तराखंड बोर्ड कार्यालय में 12 अक्तूबर तक जमा कराया जाएगा। 
... और पढ़ें

उत्तराखंड: 830 मीटर पहुंचा टिहरी झील का जलस्तर, हर साल होगा 15 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली उत्पादन

टिहरी बांध की झील का जलस्तर शुक्रवार को आरएल 830 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अधिकारी उत्साहित हैं। टीएचडीसी के अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से अब हर साल करीब 15 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन बांध से होगा। हर दिन 50 से लेकर 60 लाख की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। झील में लगभग 100 मिलियन क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी भी स्टोर कर सकेंगे और पेयजल और सिंचाई के साथ ही हरिद्वार, प्रयाग कुंभ क्षेत्र में विभिन्न पर्वों पर होने वाले स्नान आदि के लिए भी पानी काम आ सकेगा।

टिहरी बांध: टीएचडीसी को बांध का जलस्तर दो मीटर और बढ़ाने की मिली अनुमति, प्रभावितों ने जताया एतराज

शुक्रवार को झील का अधिकतम जलस्तर प्राप्त होने पर टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक (ईडी) यूके सक्सेना ने परियोजना अधिकारियों के साथ व्यू प्वाइंट से झील का निरीक्षण किया। अपनी स्थापना के 16 वर्ष बाद टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन(टीएचडीसी) ने बड़ी उपलब्ध हासिल की है। 2005 अक्तूबर माह से झील से बिजली उत्पादन शुरू हुआ था। उस वक्त झील का जलस्तर आरएल 825 मीटर तक था। वर्ष 2013-14 में जलस्तर आरएल 828 तक बढ़ाने की अनुमति मिली। अब बीते 25 अगस्त को शासन से टीएचडीसी को बांध का जलस्तर आरएल 830 मीटर तक बढ़ाने की अनुमति मिली है। यह टीएचडीसी और ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब टिहरी बांध से निर्बाध रूप से क्षमता के अनुसार अधिकतम बिजली उत्पादन हो सकेगा।

टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक यूके सक्सेना ने बताया कि आरएल 825 मीटर के जलस्तर से टिहरी और कोटेश्वर बांध से 20 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन प्रति वर्ष हो रहा था, जो अब बढ़कर 33 से 35 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाएगा। बताया कि टिहरी बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। इस मौके पर महाप्रबंधक एसएस पंवार, सीपी सिंह, त्रिलोक सिंह नेगी, आरआर सेमवाल, एसके राय, एजीएम वीके सिंह, राजीव गोविल, एमके सिंह, संदीप अग्रवाल, संदीप भटनागर, दीपक कुमार और मनवीर सिंह नेगी भी मौजूद रहे।

सूची मिलने पर दिया जाएगा मुआवजा
टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक यूके सक्सेना ने बताया कि आरएल 835 से ऊपर के बांध प्रभावित 415 परिवारों की सूची पुनर्वास निदेशालय से मांगी गई है। प्रभावितों के लिए 252 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिल चुकी है। सूची मिलते ही प्रभावित परिवारों की धनराशि पुनर्वास निदेशालय को सौंप दी जाएगी। टीएचडीसी प्रभावितों परिवारों के साथ है। आरएल 830 मीटर तक सभी का पुनर्वास कर मुआवजा दिया जा चुका है। 
... और पढ़ें

उत्तराखंड: ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और कांग्रेस को लेकर भाजपा सांसद का बड़ा बयान, पढ़ें 5 बड़ी खबरें...

गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी से हर्षिल गंगोत्री की ओर जा रही एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। वहीं, शासन, प्रशासन और पालिका की उपेक्षा से आहत नैनीताल नगरपालिका के सभी सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। पढ़ें कुछ और अहम खबरें...

उत्तराखंड मौसम: बारिश के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ की चोटियों पर हुई बर्फबारी, यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अब सुबह-शाम ठंड का अहसास होने लगा है। इन दिनों मौसम सुहावना हो गया है। केदारनाथ और बदरीनाथ में बारिश के बाद शुक्रवार तड़के ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। 
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

उत्तराखंड: राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी का बड़ा बयान, कहा- हर कांग्रेसी भाजपा में आने का इच्छुक
राज्यसभा सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने बड़ा बयान देकर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। शुक्रवार को मीडिया पाठशाला कार्यक्रम में अनिल बलूनी प्रदेश भाजपा की मीडिया टीम को आगामी विधानसभा चुनाव के प्रचार की टिप्स देने के लिए पहुंचे थे।
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

नैनीताल: नगरपालिका के 15 निर्वाचित व तीन नामित सभासदों का सामूहिक इस्तीफा, उपेक्षा से थे आहत
शासन, प्रशासन और पालिका की उपेक्षा से आहत नैनीताल नगरपालिका के सभी सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस घटना के बाद से हड़कंप मच गया है। यह इस्तीफा शुक्रवार को सौंपा गया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि पालिका, शासन तथा प्रशासन, मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर की गई शिकायतों और पत्रों का संज्ञान नहीं लेते हैं।
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

चारधाम यात्रा: यमुनोत्रीधाम में पिछले दो दिन से बढ़ी श्रद्धालुओं की आवाजाही, व्यवसायियों के चेहरे खिले
उत्तराखंड चारधाम यात्रा को लेकर अब श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। जिससे यात्रा से जुड़े व्यवसायियों के चेहरों पर रौनक लौट रही है। यमुनोत्री घाटी में शुक्रवार की सुबह से बारिश थमी हुई है। धाम के अंतिम प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी पुलिस चौकी के पास एसओपी की प्रक्रिया का पालन कर यात्रियों को भेजा जा रहा है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

उत्तरकाशी : गंगोत्री हाईवे पर खाई में गिरी कार, एक की मौत, बदरीनाथ राजमार्ग पर हादसे में पूर्व कैबिनेट मंत्री घायल
गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी से हर्षिल गंगोत्री की ओर जा रही एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। डबरानी व गंगनानी के बीच हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
... और पढ़ें

अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव 2021: गुणवत्ता में कश्मीर और हिमाचल से कम नहीं उत्तराखंड का सेब

सेब के उत्पादन में भले ही उत्तराखंड जम्मू कश्मीर और हिमाचल से पीछे है, लेकिन गुणवत्ता के मामले में यहां का सेब कम नहीं है। प्रदेश के सेब उत्पादक किसान चाहते हैं कि दोनों राज्यों की तर्ज पर सरकार सेब की ब्रांडिंग व मार्केटिंग को बढ़ावा देने के साथ ही अच्छी किस्म के पौधे और किसानों को पैदावार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। 

नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर के किसान देवेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि पहले उत्तराखंड में सेब उत्पादन के प्रति ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब एप्पल मिशन के बाद इस दिशा में अच्छा काम हुआ है। प्रदेश का सेब गुणवत्ता में हिमाचल और जम्मू कश्मीर से पीछे नहीं है। ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने की जरूरत है। बिष्ट का कहना है कि अप्रैल 2021 में उन्होंने कोविड काल में सेब का बगीचा तैयार इटली से लाए गए रूट स्टॉक तकनीक से 250 पौधे लगाए। अब पांच-छह माह में भी सेब की फसल तैयार हुआ हुई। बार 258 बॉक्स सेब तैयार हुआ है। जो चार लाख में बिका है। 

नैनीताल के गोपाल सिंह रेकुनी का कहना है कि प्रदेश में भी अच्छी गुणवत्ता का सेब उत्पादित किया जा रहा है। पहले हमने सेब उत्पादन बढ़ाने की तरफ ध्यान नहीं दिया। पिछले चार पांच सालों में सेब उत्पादन पर काम हो रहा है। 

चमोली जिले के जोशीमठ से आए नरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि उत्तराखंड की पहचान आर्गेनिक है। किसान सेब पर ज्यादा रसायनिक दवाईयों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। सरकार को सेब की ब्रांडिग और पैकेजिंग के लिए किसानों को प्रोत्साहन देना चाहिए। 
... और पढ़ें

चारधाम यात्रा:  यमुनोत्रीधाम में पिछले दो दिन से बढ़ी श्रद्धालुओं की आवाजाही, व्यवसायियों के चेहरे खिले

उत्तराखंड चारधाम यात्रा को लेकर अब श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। जिससे यात्रा से जुड़े व्यवसायियों के चेहरों पर रौनक लौट रही है। यमुनोत्री घाटी में शुक्रवार की सुबह से बारिश थमी हुई है। धाम के अंतिम प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी पुलिस चौकी के पास एसओपी की प्रक्रिया का पालन कर यात्रियों को भेजा जा रहा है।

श्रद्वालुओं की आवाजाही में बढ़ोत्तरी
यमुनोत्रीधाम की ओर श्रद्वालु जय-जय यमुना मैया के जयकारों से साथ बढ़ रहे हैं। पिछले दो दिनों से श्रद्वालुओं की आवाजाही में बढ़ोत्तरी के चलते यात्रा से जुडे़ लोगों के चेहरों पर धीरे-धीरे रौनक लौटती दिख रही है।

यमुनोत्री धाम में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे ही 400 यात्रियों का आंकड़ा पूरा हो गया। कई यात्रियों ने पुलिस प्रशासन से यमुनोत्री जाने की गुहार लगाई। वहीं कई ने 400 यात्री की संख्या सीमित करने वाले सरकारी फरमान पर नाराजगी व्यक्त की।

उत्तराखंड मौसम: बदरीनाथ में बारिश के बाद तड़के चोटियों पर हुई बर्फबारी, यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध

ऋषिकेश से 246 यात्री चारधाम हुए रवाना
वहीं गुरुवार को 246 यात्रियों को लेकर टीजीएमओ (टिहरी गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन) की चार बसें चारधाम रवाना हुई। चार बसों से 146 यात्री चारधाम को रवाना हुए। वहीं हरिद्वार से बदरीनाथ जाने वाली विश्वनाथ की दो बसों से 40 सवारी रवाना हुए। हरिद्वार से गौरीकुंड जाने वाली बस से भी 20 सवारी रवाना हुए। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि चारधाम यात्रा पर जाने की औपचारिकता ज्यादा और यात्रियों को तय समय पर दर्शन करने की तारीख न  मिलने पर यात्रियों कम संख्या में आ रहे हैं। 

वहीं ऋषिकेश से बदरीनाथ जाने वाली रोडवेज की बस में 21 सवारी रवाना हुए। सोनप्रयाग जाने वाली बस में भी 19 यात्री केदारनाथ के लिए  रवाना हुए। रोडवेज के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी हरेंद्र कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में बदरीनाथ मार्ग पर यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। ऋषिकेश से 275 सिख यात्रियों का दल हेमकुंड साहिब के दर्शनों के लिए रवाना हुआ। श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा ऋषिकेश के प्रबंधक सरदार दर्शन सिंह ने बताया कि अब यात्रियों की संख्या में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है। 
... और पढ़ें
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X