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22 जून को शुक्र का कर्क राशि में परिवर्तन, जानें सभी राशियों पर प्रभाव
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जूता फैक्टरी जलकर खाक: बिना फायर एनओसी चल रहा था गोदाम, चार मजदूर लापता

उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित जूतों के दो मंजिला गोदाम में सोमवार सुबह करीब 8.40  बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकल गए और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी, जबकि कइयों ने ऊपर की मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाईं। चार मजदूरों का शाम तक पता नहीं चला। 

एनडीआरएफ दस्ते के साथ दमकल की 35 गाड़ियों ने करीब दस घंटे बाद शाम 7 बजे आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि गोदाम के कुछ हिस्सों में कूलिंग का काम चल रहा था। मंगलवार सुबह लापता मजदूरों की तलाशी अभियान चलाया जाएगा। 

पुलिस ने गोदाम मालिक पंकज गर्ग के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। उधर, अग्निशमन विभाग की जांच में पता चला है कि गोदाम बिना फायर एनओसी के चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक उद्योग नगर के जे ब्लॉक स्थित जूतों के गोदाम में सुबह 8.53 बजे आग लगने की सूचना मिली। गोदाम मालिक का नाम पंकज गर्ग है और ऑनलाइन शॉपिंग साइट के लिए जूते व चप्पल की पैकिंग की जाती हैं। यहां करीब दो सौ मजदूर काम करते हैं। जिस समय आग लगी करीब दर्जन भर मजदूर गोदाम में थे। आग लगते ही दो लोग दौड़कर नीचे पहुंचे और बिजली के मीटर का कनेक्शन काट दिया और घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी। कुछ ही देर में दमकल की 15 गाड़ियां पहुंच गईं, लेकिन आग की भयावहता देखते हुए 20 और गाड़ियां बुला ली गईं। 

बचाव कार्य के दौरान दमकल कर्मियों को पता चला कि गोदाम में दस लोग फंसे हैं। कुछ ही देर में चार लोगों को बचा लिया और बाद में दो लोगों ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीम नगर निवासी श्मशाद, निहाल विहार निवासी अभिषेक, किराड़ी निवासी नीरज, अजय, सोनू और विक्रम गोदाम में फंसे हैं। इनमें से दो मजदूर सुरक्षित बाहर निकाल आए, जबकि सोनू और विक्रम समेत चार लापता हैं। दमकलकर्मियों ने इमारत के कुछ हिस्सों में आग बुझाकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उन्हें कोई नहीं मिला है।
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दमकल विभाग ने आग पर पया काबू दमकल विभाग ने आग पर पया काबू

संकट: दिल्ली में पानी के लिए हाहाकर मचना शुरू हुआ, लोग ट्वीट कर मांग रहे निजात

उत्तराखंड में भारी बारिश होने पर गंगा एवं यमुना नदी में बाढ़ आने के कारण राजधानी में पेयजल के लिए हाहाकर मचने लग गया है। कई इलाकों में  पेयजल आपूर्ति नहीं आने पर लोग दिल्ली जल बोर्ड को ट्वीट कर अपनी दिक्कत की सूचना देने के साथ-साथ उसका समाधान करने का आग्रह कर रहे हैं। दरअसल यमुना नदी एवं गंग नहर से जुड़े पांच जल शोधक संयंत्रों में पानी के उत्पादन में निरंतर गिरावट आ रही है। इस कारण उनसे जुड़े इलाकों के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जल बोर्ड ने दावा किया है कि यमुना नदी एवं गंग नहर के पानी में गाद की मात्रा बढ़ने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है और उसके संयंत्र पूरी क्षमता से चल रहे है।

उत्तराखंड में भारी बारिश होने के कारण गंगा व यमुना समेत सभी नदियों में बाढ़ आई हुई है। इतना ही नहीं, सभी नदियों के पानी में गाद की मात्रा काफी बढ़ गई है। इस कारण हरिद्वार में तीन दिन से गंग नहर में पानी छोड़ना बंद कर रखा है और इस नहर से जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के सोनिया विहार एवं भगीरथी जल शोधक संयंत्र में पानी आना कम हो गया है। अगले दो-तीन दिन के बाद इनको गंग नहर से पूरी तरह पानी मिलना बंद हो जाएगा। लिहाजा इन दोनों संयंत्रों में पानी का उत्पादन प्रभावित होना शुरू हो गया है। इस कारण इनसे जुड़े पूर्वी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के अधिकतर इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया है, लोग पानी की समस्या से पार पाने के लिए टैंकर मंगा रहे है।

दूसरी ओर यमुना नदी से जुड़े चंद्रावल व वजीराबाद जल शोधक संयंत्र में अभी भी पानी का उत्पादन पूरा नहीं हो रहा है। इसके अलावा पांचों जल शोधक संयंत्र कच्चे पानी को पूरी तरह साफ नहीं कर रहे है। इस कारण लोगों के घरों में गादयुक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। इस समस्या से जल बोर्ड को अवगत कराने के लिए कुछ लोगों ने ट्वीट किया है। उन्होंने घरों में आए पानी को बर्तन में भरकर उसका फोटो ट्वीट करके जल बोर्ड के पास भेजा है। उधर जल बोर्ड ने कहा है कि दिल्ली में पानी की किल्ल्त नहीं है, लेकिन गंग नहर के पानी में गाद बढ़ गई है, मगर उसके समस्त जल शोधक संयंत्रों में पानी का पूरा उत्पादन हो रहा है।

पानी के लिए मोहताज हुए लोग
यमुना नदी में गाद की मात्रा बढ़ने व गंग नहर से पानी कम आना शुरू होने पर लोगों पानी के लिए मोहताज होने लग गए है। लोगों को न तो पर्याप्त पानी मिल रहा है और न ही साफ पानी उनके घरों में पहुंच रहा है। कई दिन से पेयजल आपूर्ति कुछ ही समय तक आती है। इस कारण वे पीने का भी पानी नहीं भर पाते है। इस संबंध में कई बार दिल्ली जल बोर्ड को शिकायत की गई है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है। - उमा शंकर, कुचा पाती राम

पेयजल आपूर्ति बेहद ही कम दबाव के साथ आती है। इस कारण लोगों की ऊपरी मंजिलों पर पानी नहीं पहुंचता है। उन्हें नीचे से पानी भरकर ले जाना पड़ता है। यह समस्या जल बोर्ड के समक्ष रखी गई है। - अनिल शर्मा, सीताराम बाजार

एक सप्ताह से उनके इलाके में गंदे पानी की आपूर्ति आ रही है। यह पानी कतई पीने योग्य नहीं है। इस समस्या को दूर करने के लिए कई बार दिल्ली जल बोर्ड से आग्रह किया है, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई है। - राजपाल भारती, मोरी गेट

पेयजल आपूर्ति नियमित तौर पर नहीं आने और गंदे पानी की आपूर्ति आने के कारण वह पीने के लिए ही नहीं, बल्कि नहाने के लिए भी पानी खरीदकर ला रहे है। दरअसल बदबूदार की आपूर्ति आ रही है। - रमेश मारवाह, तिलक बाजार
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सीबीएसई बोर्ड: स्कूलों को बोर्ड के लिंक पर 15 जुलाई तक अपलोड करने होंगे अंक, 23 जून तक गठित करनी होगी कमेटी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से बारहवीं के रिजल्ट के लिए मार्किंग स्कीम जारी करने के बाद अब स्कूलों ने बच्चों का रिजल्ट तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 31 जुलाई तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। ऐसे में बोर्ड के निर्देशानुसार स्कूलों को बुधवार तक रिजल्ट कमेटी बनानी है।

पांच सदस्यीय कमेटी के चेयरमैन स्कूल प्रिंसिपल होंगे जबकि बाकी चार बारहवीं के विषय पढ़ाने वाले वरिष्ठ शिक्षक शामिल होंगे। इनमें से दो शिक्षक पास के स्कूल के होंगे। स्कूलों को स्पष्ट किया गया है कि वह 30 जून तक रिजल्ट कमेटी के रोडमैप और उसके शेड्यूल को अंतिम रूप दें। इसके बाद सीबीएसई की ओर से 8 जुलाई तक अंक अपलोड करने के लिए पोर्टल उपलब्ध कराएगा।

स्कूलों को पोर्टल पर अंक अपलोड करने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया गया है। इस दौरान स्कूलों को अंक अपलोड करने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सीबीएसई की ओर से स्कूलों को कहा गया है कि रिजल्ट कमेटी गठित करने के साथ ही उन्हें 23 जून तक 10वीं और 11वीं के अंक उपलब्ध कराने होंगे यदि छात्र यह दोनों परीक्षाएं सीबीएसई के अलावा किसी अन्य बोर्ड से उत्तीर्ण की हैं।

तैयार किए गए परिणाम को दो बार जांचें
सीबीएसई की ओर से कहा गया है कि बोर्ड स्कूलों को कई तरह से सहायता प्रदान करेगा। ऐसी स्थिति में स्कूलों से अपेक्षा की जाती है कि वे तैयार किए गए परिणाम को दो बार जांचें। एक बार पोर्टल पर आंतरिक व बाहरी मूल्यांकन के अंक भरने के बाद अंतिम माना जाएगा। यदि किसी स्कूल ने किसी प्रकार की गलती के कारण गलत डेटा भरा तो अंकों में सुधार के लिए स्कूल के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा। लिहाजा स्कूल सभी अंकों को अपलोड करते समय सावधानी बरतें। यह सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 जुलाई तक बोर्ड रिजल्ट जारी कर देगा। स्कूलों को कहा गया है कि वह इस टाइम लाइन का पालन जरूर करें और अंतिम समय में अंक अपलोड करने से बचें।
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मेक इन इंडिया की सफलता: सैमसंग का मोबाइल डिस्प्ले कारखाना नोएडा में तैयार, चीन से समेटकर लाया गया था यूपी

दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने अपना मोबाइल डिस्प्ले कारोबार चीन से समेटकर नोएडा में स्थापित कर लिया है। कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। 

दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने चीन से डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को उत्तर प्रदेश के नोएडा में शिफ्ट कर लिया है। कंपनी के एक प्रतिनिधिनंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर यह जानकारी दी है। सैमसंग की योजना भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की है।

सैमसंग ने कहा है कि बेहतर इंडस्ट्रियल माहौल और इनवेस्टर्स के हितों का ध्यान रखने वाली नीतियों के कारण उसने डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को शिफ्ट करने का फैसला किया। कंपनी ने नोएडा में इस यूनिट का कंस्ट्रक्शन पूरा कर लिया है।

योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सैमसंग के साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और केन कांग और कंपनी के अन्य सीनियर मैनेजमेंट एग्जिक्यूटिव्स शामिल थे।
 
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एम्स: दो से छह साल के बच्चों पर गुरुवार से वैक्सीन का ट्रायल, 6 से 12 साल का चरण पूरा

फाइल फोटो
एम्स में बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में गुरुवार से दो से छह साल के बच्चों को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। इससे पहले 12 से 18 साल और 6 से 12 साल के बच्चों को कोवाक्सिन की डोज दी जा चुकी है और इन दोनों आयुवर्ग का ट्रायल पूरा हो चुका है।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, दो श्रणियों के बच्चों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। इसके बाद दो से छह साल के बीच के बच्चों को परीक्षण में शामिल किया जाएगा। जिन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

वहीं बात करें दिल्ली में कोरोनी की स्थिति पर तो राजधानी में सोमवार को 89 नए मरीज मिले और 11 की मौत हुई। यह इस साल एक दिन में संक्रमण के सबसे कम मामले हैं। इससे पहले 16 फरवरी को 94 संक्रमित मिले थे। उसके बाद यह संख्या लगातजार बढ़ रही थी। कोरोना के मामलों में कमी के साथ संक्रमण दर भी घटकर 0.16 रह गई है। यानी, अब एक हजार जांच पर केवल एक संक्रमित मिल रहा है। 

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 173 मरीज स्वस्थ हुए।कुल संक्रमितों की संख्या 14,32,381 हो गई है। इनमें से 14,05,460 स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमण से अब तक कुल 24,925 मौतें हुई हैं। 

मृत्युदर 1.74 प्रतिशत है। फिलहाल कोरोना के 1996 सक्रिय मामले हैं। इनमें से अस्पतालों में 1258 रोगी भर्ती हैं। कोविड केयर केंद्रों में 77 और कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में 09 रोगी हैं। होम आइसोलेशन में 563 मरीजों का इलाज चल रहा है। विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 57,128 जांच की गई।यह आंकड़ा रोजाना की तुलना में करीब 20 हजार कम रहा। 

कुल जांच में आरटीपीसीआर प्रणाली से 45,468 और रैपिड एंटीजन से 11,660 टेस्ट हुए। अभी तक 2 करोड़ 8 लाख नमूनों की जांच हो चुकी हैं। दिल्ली ऐसा पहला राज्य है जहां आबादी से ज्यादा टेस्ट किए जा चुके हैं। कम होते मामलों के साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या भी घटकर 4597 रह गई है।
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विकास पर ब्रेक: कोरोना महामारी से मेट्रो फेज-4 के पूरा होने में हो सकती है देरी, श्रमिकों के पलायन से निर्माण की रफ्तार हुई धीमी

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान श्रमिकों के पलायन, वित्तीय नुकसान सहित अन्य कारणों की जह दिल्ली मेट्रो फेज-4 के निर्माण में देरी हो सकती है। डीएमआरसी का लक्ष्य 2025 तक फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर निर्माण पूरा करने की है, लेकिन हालात को देखते हुए आगे निर्णय लिए जाएंगे। लॉकडाउन में सेवाएं बंद होने और अनलॉक के दौरान भी कम यात्रियों की वजह से डीएमआरसी को 400 करोड़ से अधिक वित्तीय नुकसान हो चुका है। एक के बाद एक चुनौतियों की वजह से दिल्ली मेट्रो फेज-4 परियोजनाओं के पूरा होने में देरी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। 

19 अप्रैल से लागू लॉकडाउन के दौरान मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। इस दौरान होली का त्योहार पर करीब 1500 श्रमिक अपने मूल प्रदेशों में चले गए। निर्माण कार्यो की रफ्तार धीमा न हो इस लिहाज से दिल्ली मेट्रो ने श्रमिकों के लिए चिकित्सा, आवास की सुविधा के साथ साथ टीकाकरण की भी शुरुआत कर दी। 

डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन) अनुज दयाल के मुताबिक फेज-4 के विस्तार के तहत तीन कॉरिडोरों पर 65 किलोमीटर में लाइनें बिछाई जाएंगी। परियोजनाओं को समय पर पूरा कर सकें, इसे ध्यान में रखते हुए 

निर्माण कार्य रुकने नहीं दिया गया। 2025 तक तीनों कॉरिडोर पर निर्माण पूरा होने की संभावना है। हालांकि कोरोना महामारी काल में संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए हालात की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

लॉकडाउन में तीनों कॉरिडोर पर जारी रहा निर्माण कार्य 
. जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम कॉरिडोर पर 2.8किलोमीटरलंबी दोहरी सुरंगों में सेएक सुरंग में 500मीटरकी टनलिंग का कार्य पूरा किया गया। कास्टिंग यार्ड में टनल संबंधी कार्य भी 50 फीसदी पूरा कर लिया गया है और सितंबर तक दोहरी सुरंगों के शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
. मई में मुकरबा चौक पर फेज-4 के पहले पहले टी-गर्डरका निर्माण किया गया। 
. मजलिसपार्क-मौजपुरकॉरिडोर पर यू-गर्डर,टी-गर्डर की कास्टिंग,यू-गर्डरका इरेक्शन,स्टेशनोंव वायाडक्ट स्थलों पर पीयरकैप्स तैयार किए जा रहे हैं। 
. यमुना नदी पर दिल्ली मेट्रो केपांचवे पुल का निर्माण भी कियाजा रहा है। इसके पूरा होनेसे पिंक लाइन पर कनेक्टिविटीका रिंग पूरा हो जाएगा।
. तुगलकाबाद-एयरोसिटीकॉरिडोर स्थित कास्टिंग यार्ड में बड़े क्रेन के लिए जरूरी उपकरण लगाने सहित यू गर्डर कास्टिंग जारी है। 

400 किलोमीटर से अधिक लंबा हो जाएगा मेट्रो का नेटवर्क 
अप्रैल और मई 2021 में डीएमआरसी के फेज-4 के भूमिगत सेक्शन के लिए चार टेंडर जारी किए गए। जिका (जेआईसीए) 8300 करोड़ से अधिक का ऋण स्वीकृत हो चुका है। मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क का विस्तार 400 किलोमीटर से अधिक दायरे में हो जाएगा। तीनों कॉरिडोर पर 45 मेट्रो स्टेशन होंगे।   
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गुस्सा: माफी नहीं मांगने पर युवक को मारी गोली, आठ माह पहले आरोपी से हुआ था झगड़ा

अनलॉक-4 : दिल्ली में लोगों ने जमकर छलकाया जाम, रात का खाना भी रेस्टोरेंट में खाया

अनलॉक-4 में बार को खुलने की अनुमति दे दी गई है। सोमवार को पहले दिन बार में जहां जमकर लोगों ने जाम छलकाया तो वहीं रेस्टोरेंट में रात का खाना खाने वालों की भी कमी नहीं रही। वहीं अगले दिन के लिए टेबल बुक कराने वालों की संख्या भी अधिक रही। जिन्हें पहले दिन जाम छलकाने की सुविधा नहीं मिले उन लोगों ने दूसरे दिन के लिए टेबल पहले से ही बुक करा लिया।

कोविड के घटते संक्रमण व संभावित तीसरी लहर के बीच दिल्ली सरकार ने 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ बार को खोलने की अनुमति दे दी है। साथ ही रात आठ बजे तक रेस्टोरेंट खोलने की अवधि को बढ़ा कर रात 10 बजे कर दिया गया है। रेस्टोरेंट में पिछले सप्ताह रात 8 बजे तक ही खोलने की अनुमति की वजह से शाम सात बजे से ही रेस्टोरेंट बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जा रही थी। ऐसे में रात का डाइनिंग (खाना) रेस्टोरेंट से खत्म हो गया था। लेकिन रात दस बजे तक अनुमति मिलने के पहले दिन रेस्टोरेंट में रात के खाने का भी लुत्फ लोगों ने पूरे परिवार का साथ लिया। 

पीतमपुरा स्थित ग्रीन लाउंज बैक्वीट रेस्टोरेंट के संजीव नागपाल का कहना था कि पहले दिन 75 प्रतिशत से अधिक सीट फुल रही। जैसे-जैसे लोगों को पता चल रहा है लोग बार में आना शुरू कर दिए है। 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बार में शराब परोसने की अनुमति है लिहाजा बड़ी संख्या में लोग अन्य दिनों के लिए टेबल बुक करा रहे हैं। इंक्वायरी भी दिनभर हो रही है। पूरे बार को अलग तरीके से सजाया गया है ताकि सोशल डिस्टेंसिग का पालन हो सके। उम्मीद है कि आर्थिक रूप से टूटी कमर अब ठीक होगी। 

यूनिटी मॉल के ग्रुप के अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि मॉल के भी सभी रेस्टोरेंट व शराब परोसने वाले बार को पहले दिन कोविड प्रोटोकॉल के साथ खोला गया। जरूरत के अनुसार बार में शराब भी परोसे गए। सरोजनी नगर स्थित अमर ज्योति रेस्टोरेंट के तनमीत सिंह अरोड़ा ने बताया कि रात दस बजे तक रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति से लोगों में उत्साह दिखा। पूरे परिवार के साथ रात के खाने का लुत्फ रेस्टोरेंट में लोगों ने लिया। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रख कुसी-टेबल की व्यवस्था की गई हे।
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