केंद्र की चेतावनी: दाखिला विज्ञापन में एनआईआरएफ रैंकिंग का गलत प्रयोग किया तो होंगे डीबार्ड

सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 24 Sep 2021 09:35 AM IST

सार

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पिछले दिनों वार्षिक भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों की एनआईआरएफ रैंकिंग जारी की है। इसके बाद  कुछ विश्वविद्यालय फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। मंत्रालय को फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद एनआईआरएफ  विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखा गया है। इसमें उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि वे एनआईआरएफ रैंकिंग का गलत प्रयोग न करें।
Centre directs universities to not misuse NIRF ranking in admission advertisement
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विस्तार

केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालयों को चेतावनी दी है कि यदि दाखिला विज्ञापन में एनआईआरएफ रैंकिंग का गलत प्रयोग किया तो उन्हें डीबार्ड कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालयों को तत्काल प्रभाव से वेबसाइट से गलत जानकारी हटाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी संस्थानों से रैंकिंग का गलत प्रयोग न करने का शपथपत्र  भी मांगा गया है।
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दरअसल विश्वविद्यालय एनआईआरएफ रैंकिंग के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित कर रहे हैं। कुछ विश्वविद्यालयों ने दाखिला विज्ञापन से लेकर वेबसाइट पर रैंकिंग में बेहतरीन प्रदर्शन का दावा और फर्जी वर्ग तक बना लिया है। इिसमें निजी विश्वविद्यालयों का नाम सबसे आगे हैं।


केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पिछले दिनों वार्षिक भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों की एनआईआरएफ रैंकिंग जारी की है। इसके बाद  कुछ विश्वविद्यालय फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। मंत्रालय को फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद एनआईआरएफ  विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखा गया है। इसमें उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि वे एनआईआरएफ रैंकिंग का गलत प्रयोग न करें।

रैंकिंग में राज्य, जिला व निजी या सरकाररी वर्ग शामिल नहीं:
एनआईआरएफ रैंकिंग में राज्य, जिला स्तर पर किसी संस्थान का आकलन नहीं होता है। इसके अलावा रैंकिंग में निजी वर्ग( प्राइवेट यूनिवर्सिटी), सरकारी संस्थान,सेल्फ फाइनेंस, नॉट फॉर प्रोफिट जैसा कोई वर्ग ही नहीं है। जबकि कई विश्वविद्यालय दाखिला विज्ञापन और वेबसाइट में छात्रों को लुभाने के लिए राज्य  और जिला में नंबर एक से लेकर निजी वर्ग में खुद को सर्वश्रेष्ठ की रैंकिंग में दिखा रहे हैं। कुछ  विश्वविद्यालय तो रैंकिंग में जगह नहीं बना पाये हैं, लेकिन खुद ही रैंक भी दे दिया है।

हिदायत और राहत:
मंत्रालय ने संस्थानों को राहत के साथ हिदयत  भी दी है।  रैंकिंग में  जगह पाने वाला संस्थान यदि अपनी वेबसाइट पर रैंकिंग की जानकारी देनी चाहता है तो उसे वर्ष, वर्ग व नंबर भी देना अनिवार्य है। कोई भी संस्थान वह मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग संबंधी गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं कर सकता है। इसके अलावा एनआईआरएफ के लोगो का भी प्रयोग नहीं करेगा।

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