इंसाफ दिलाने की बजाय नाबालिग रेप पीड़िता के परिवार को डरा-धमका कर भगा देती हैं डीएसपी

ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sun, 14 Aug 2016 10:08 AM IST
rape shimla
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चौदह साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप करने के अरोपियों के खिलाफ 22 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं होने से पीड़ित परिवार इंसाफ के लिये अधिकारियों की चौखट पर हैं। लेकिन मेवात में डीएसपी पीड़ित परिवार को इंसाफ देने की बजाये अपने दफतर से डरा धमका कर भगा देती हैं।
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पीड़ित लड़की के पिता की अभी दो माह पहले ही मृत्यु हुई है। उसकी मां गम में चार महीने के लिये इद्दत में बैठी हुई है। गरीबी व कमजोरी का फायदा उठाते हुए 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को 22 जुलाई की शाम गांव भादस निवासी आमिर और मलाई निवासी खालिद उसे बाइक पर जबरदस्ती बैठाकर लगभग 15 किलोमीटर दूर चिलावली गांव के जंगलों में ले गये। वहां उसके साथ रेप किया और आरोपा वहीं छोड़कर फरार हो गये।


पीडित परिवार का आरोप है कि वे उसी दिन से वे महिला थाना नूंह में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाही कि मांग कर रहे हैं लेकिन थाने में महिला डीएसपी कार्रवाही करने कि बजाये उनको धमका कर भगा देती है। यहां तक कि उनसे बत्तमीजी से पैश आती है। फैंसला कराने का दवाब बनाती है।

rape and video
rape and video - फोटो : demo
पीडित परिवार ने आरोप लगाया कि महिला पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों से सांठ गांठ कर रखी है। दवाब बनाने के लिये उलटा उनकर आरोपियों से पैसे लेने का झूठा आरोप बनाकर उनको प्रताडित कर रही है। कई बार तो महिला डीएसपी ने उनको थाने में बेठाने कि धमकी तक दी है।

पीडित परिवार का आरोप है कि जब महिला थाना प्रभारी और डीएसपी ने उनकी एक नहीं सुनी तो उन्होने इसकी शिकायत एसपी मेवात और रेवाडी रेंज कि आईजी से की लेकिन उच्च अधिकारियों से शिकायत करने पर डीएसपी और ज्यादा भडक गई और कहती है कि जाओ अब उच्च अधिकारियों से भी कार्रवाई करवाओ। जब हमारी टीम डीएसपी ऑफिस पहुंची तो पीडित परिवार को धमका रही थी उनकी ये सब हरकत हमारे कैमरे में कैद हो गई।

वहीं डीएसपी शकूंतला का कहना है कि पीडित परिवार ने उसे कोई शिकायत नहीं दी है। उन्होने एसपी और आईजी से शिकायत की है। उच्च अधिकारियों से शिकायत का आदेश मिलने के बाद जैसी भी जांच होगी कार्रवाई की जाऐगी। वहीं डीएसपी ने पीडित परिवार पर अन्य आरोपियों को निकालने पर डेढ लाख रूपये लेने का आरोप लगाया।

जब डीएसपी से पूछा कि जब आप के पास कोई शिकायत ही नहीं आई तो आपको क्या पता कि कौन आरोपी है। जिससे पैसे लेने का अरोप लगा रही है क्या उनका कभी शिकायत में नाम दिया इन सवालों का डीएसपी के पास कोई जवाब नहीं था। डीएसपी के ब्यानों से कुछ ऐसा ही लगता है कि वह पीडित परिवार का कम और आरोपी परिवार का पक्ष ज्यादा ही ले रही हैं।
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