दिल्ली: द्वारका मोड़ गैंगवार का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, किए कई खुलासे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 28 May 2019 10:11 AM IST
द्वारका गैंगवार का मुख्य आरोपी गोपाल पुलिस गिरफ्त में
द्वारका गैंगवार का मुख्य आरोपी गोपाल पुलिस गिरफ्त में - फोटो : अमर उजाला
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द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन के नीचे पिछले दिनों हुई गैंगवार के मुख्य आरोपी को द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाश की पहचान गोपाल किशन उर्फ पाली के रूप में हुई है। गोपाल प्रदीप सोलंकी गैंग का सदस्य है और प्रदीप के जेल जाने के बाद से वह गैंग का संचालन कर रहा था। वारदात के दिन गोपाल ही अपने सहयोगियों को प्रवीण गहलोत के बारे में जानकारी मुहैया करवा रहा था। साथ ही प्रवीण की कार का पीछा कर रहा था, ताकि यदि गैंग के बदमाशों की गोली से प्रवीण बच जाए, तो वह उसकी हत्या कर सके। गोपाल पर पहले से हत्या का प्रयास सहित अन्य मामले दर्ज हैं।
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जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि 25 मई को द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि गैंगवार का मुख्य आरोपी नजफगढ़ के साईं बाबा मंदिर के पास किसी से मिलने आ रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर गोपाल किशन को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्तौल और दो कारतूस मिले। आरोपी ने बताया कि वह प्रदीप सोलंकी गैंग का मुख्य सदस्य है और प्रवीण की हत्या में मुख्य भूमिका अदा की है। वारदात को अंजाम देने वाले गैंगस्टर विकास दलाल के लिए उसने आंख और कान का काम किया।


पुलिस ने बताया कि गोपाल किशन मूलत: हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला है। फिलहाल गोपाल पत्नी, दो बच्चों और भाई के साथ दीपक विहार (नजफगढ़) में रहता है। उसका भाई एक स्कूल में बस ड्राइवर है। मां गांव में रहती है। दिल्ली आने के बाद गोपाल घड़ियों की मरम्मत का काम करने लगा। उसने बाद कुछ दिन कपड़ों का कारोबार किया। फिलहाल वह पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का काम करता है। वह शराब पीने का आदी है। एक दोस्त की मार्फत वह प्रदीप सोलंकी से मिला और उसके लिए काम करना शुरू कर दिया। प्रदीप के जेल जाने के बाद वह प्रदीप के नाम पर उगाही करने लगा। गैंग का विश्वास जीतने के बाद उसकी मुलाकात विशाल दलाल से हुई। पुलिस ने पिछले साल गोपाल को एक डॉक्टर की हत्या का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तीन माह बाद जमानत पर बाहर निकलने के बाद वह गैंग के सहयोगियों के साथ जमीन हड़पने का धंधा करने लगा।
 

करोड़ों की प्रॉपर्टी के विवाद में हुई थी गैंगवार

उत्तम नगर में करोड़ों की एक प्रॉपर्टी को लेकर प्रदीप सोलंकी और प्रवीण गहलोत के बीच विवाद हो गया था। विवाद इस स्तर पर बढ़ गया कि जेल में बंद प्रदीप सोलंकी ने प्रवीण की हत्या करने की साजिश रच डाली। प्रवीण की हत्या के लिए उसने अपने सबसे विश्वासपात्र विकास दलाल को जिम्मेदारी दी। प्रदीप ने पूरे मामले की देखभाल की जिम्मेदारी गोपाल किशन को दी। उसे निर्देश दिया गया कि वह प्रवीण के बारे में सारी जानकारी विकास दलाल को मुहैया करवाए और विकास प्रवीण की हत्या करने में नाकाम होता है तो वह उसकी हत्या कर दे।

वारदात वाले दिन गोपाल किशन प्रवीण की कार के पीछे अपनी बाइक पर मौजूद था और प्रवीण की सारी जानकारी विकास को दे रहा था। गोपाल ने ही प्रवीण के द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन की ओर आने की जानकारी विकास को दी थी, जहां पहुंचकर विकास ने अपने दो सहयोगियों अंकित डबास और चीता के साथ वारदात को अंजाम दिया।
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