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कंपनी में पार्टनर बनाने का झांसा देकर 40 लोगों से लाखों की ठगी

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 May 2021 01:25 AM IST
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फरीदाबाद। घरेलू व इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने व बेचने का काम करने वाली कंपनी में बिजनेस पार्टनर बनाने का लालच देकर करीब 40 लोगों से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में कंपनी के निदेशक सहित दस लोगों के खिलाफ अमानत में खयानत, धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने सेक्टर-28 में एक कार्यालय खोला था और लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाने के बाद कार्यालय बंद कर फरार हो गए। इस मामले में दिल्ली निवासी एक पीड़ित ने करीब पौने दो साल पहले शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के बाद अब सेक्टर-31 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
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नई दिल्ली जैतपुर के सौरव विहार निवासी मनीष ठाकुर ने 13 अगस्त 2019 को पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी। उसने बताया कि सेक्टर-28 निवासी आशुतोष सिंह ने मैसर्स रतन श्री इंडस्ट्रीज के नाम से एक ऑफिस सेक्टर-28 नजदीक हुड्डा मार्केट में खोला था। आशुतोष इस फर्म में डायरेक्टर के पद पर है। उसके साथ रंजीत, उमेश सिंह, प्रियंका, कुंदन, पूनम, अर्चना, रितेश कुमार, वरुण व अन्य भी नौकरी करते थे। रंजीत व अन्य कंपनी कर्मचारी भोले-भाले लोगों को अपनी कंपनी की लाभदायक स्कीमों के बारे में बताकर उन्हें ऑफिस बुलाते थे। यहां लोगों को यह बताया जाता था कि उनकी कंपनी इंटरनेशनल बाजार में घरेलू व इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने और बेचने का काम करती है। कोई भी व्यक्ति डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आईडी बनाकर कंपनी में बिजनेस पार्टनर बन सकता और व्यापार में पैसा लगाकर अच्छा धन कमा सकता है।

आरोपी कंपनी से जुड़ने के लिए पीड़ितों से सिक्योरिटी मनी व सामान की कीमत के नाम पर एडवांस राशि जमा कराते थे। सामान की खरीद के लिए 50 हजार रुपये का एग्रीमेंट भी कराया जाता था। कहा जाता था कि डिजिटल पोर्टल से जुड़ने के लिए इस एग्रीमेंट को कंपनी में जमा कराना होगा। आरोपियों ने रुपये जमा कराते समय विश्वास दिलाया कि कंपनी को दी गई रकम पर बिजनेस करने वालों को लाभ के हिस्से का शेयर उनके खाते में जमा किया जाएगा या फिर उन्हें नकद दिया जाएगा। यदि कोई सामान नहीं बेचना चाहेगा तो भी उसे कंपनी में जमा की गई रकम पर लाभ का हिस्सा मिलता रहेगा। मनीष ने भी आरोपियों के झांसे में आकर ढाई लाख रुपये कंपनी में लगाए थे। कई महीनों बाद भी उसे कोई लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ। 19 जुलाई 2019 को वे कंपनी के सेक्टर-28 स्थित कार्यालय पर पहुंचे तो वहां ताला लगा था। बाकी निवेशकों से जानकारी के बाद पता लगा कि निदेशक कंपनी बंद कर भाग गया है। आरोपियों द्वारा दिए गए नंबर पर फोन कर अपनी रकम वापस मांगी तो पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई।
इन्होंने भी शिकायत
इसी तरह सुरेश चंद, मिथलेश कुमार मिश्रा, मौबिन खान, अनवर खातुन, दिनेश कुमार, जितनी खुजुर, रामकिशोर शर्मा, याम बहादुर, साजिद अली, साहिद अली, सोनाली वर्मा, सहजाद बानौ, श्याम प्रकाश तिवारी, किशोर कुमार शर्मा, विकास पाशवान, रेनू पाशवान, रेखा देवी, शारदा देवी, सुनिता देवी, गुरुबक्श सिंह, डिम्पल देवी, मनोज कुमार, शम्मी कुमारी, सन्नी, नहीद, मोहम्मद जलालुदीन, रविन्द्र सिंह यादव, दिपनराम, राजकिशोर कुमार, सुमेशवर, रोनु देवी, जीवनराम, कमलजीत कौर, अनंत प्रसाद ,कुलवंत सिंह, राजकुमार, बबीता व अन्य ने भी पुलिस आयुक्त को अपने साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की शिकायत की है।

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