अरावली के कब्जा मुक्त होने में फंसा कोर्ट का पेच

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:08 PM IST
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गुरुग्राम। अरावली को कब्जा मुक्त करने की मुहिम में अदालत का पेंच फंस गया है। निचली अदालत में कई मामलों के फैसले के लंबित होने के कारण वन विभाग की कार्रवाई अटक गई है। वन विभाग निचली अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा है।
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फैसले के बाद ही नई रणनीति फरीदाबाद के खोरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई से यहां की अरावली में भी बड़ी कार्रवाई की उम्मीद बंधी थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगातार मिल रहे दिशा-निर्देश और सख्ती के बाद गुरुग्राम वन विभाग ने गुरुग्राम और सोहना रेंज में बड़े पैमाने पर नोटिस दिए थे। एक महीने के अंदर ही वन विभाग की ओर से करीब 1100 अवैध निर्माण और कब्जाधारियों को नोटिस दे दिए गए। जितनी तेजी से वन विभाग ने अवैध कब्जे हटाने की तैयारी और कार्रवाई की, उससे लगा कि जल्द ही अरावली से अवैध कब्जे हटा लिए जाएंगे लेकिन नोटिस के बाद से ही कुछ लोगों ने निचली अदालत में याचिका दायर कर वन विभाग की कार्रवाई पर स्टे ले लिया। वन विभाग के अनुसार, ग्वाल पहाड़ी के दो फॉर्म हाउस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस पर निचली अदालत को अपना फैसला देना है, लेकिन तीन सितंबर से कोई फैसला नहीं सुना रहा है। अगर फैसला सुना दे तो वन विभाग अपनी अगली कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।

चार बार बढ़ाई फैसले की तारीख
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ग्वाल पहाड़ी के दो फॉर्म हाउस मामलों में तीन सितंबर को सुनवाई पूरी हो चुकी है। तत्काल फैसले की उम्मीद थी, लेकिन अदालत चार बार फैसले की तारीख बढ़ा चुकी है। तीन के बाद नौ सितंबर को फैसला सुनाया जाना था, यहां से 17 तारीख को फैसला सुनाने का दिन मुकर्रर कर दिया। 17 को कोर्ट ने 24 सितंबर को फैसला सुनाने को कहा। शुक्रवार को कोर्ट में वर्क सस्पेंड होने के कारण वन अधिकारियों को फिर से निराशा हाथ लगी। अब सोमवार को ही फैसला सुनाया जा सकेगा।
27-28 को भी तीन मामलों का आना है फैसला
अधिकारी के मुताबिक तीन अन्य मामलों में 27 तथा 28 सितंबर को फैसला आना है। अब यह कोर्ट पर निर्भर करता है कि फैसला देता है या अगली तारीख। उन्होंने कहा कि अगर फैसला आ जाए तो फैसले के मुताबिक ही वन विभाग अपनी अगली रणनीति बनाकर काम करेगा। जब तक फैसला नहीं आता, तब तक के लिए मजबूरी में तमाम गतिविधियां और कार्रवाई बंद करनी पड़ी है।
अक्तूबर में कई मामलों पर सुनवाई
गुरुग्राम रेंज में जितने भी मामले कोर्ट में लंबित हैं, उन पर अक्तूबर में फैसला आना है। इन सभी मामलों पर फैसला आने के बाद वन विभाग अरावली को कब्जा मुक्त करने कार्रवाई आरंभ करेगा। सोहना के अंसल रिट्रीट सहित गुरुग्राम के ग्वाल पहाड़ी, बंधवाड़ी और घाटा सहित 56 फार्म हाउस मालिकों ने निचली अदालत से स्टे ले रखा है। इनमें अंसल रिट्रीट के 38 तथा ग्वाल पहाड़ी, बंधवाड़ी और घाटा के 18 फार्म हाउस शामिल हैं। वन विभाग की ओर से सोहना और गुरुग्राम के शिकोहपुर, कासन, मानेसर में करीब 1100 अवैध कब्जा धारियों को नोटिस दिया गया है। खोरी की घटना के बाद वन करीब 500 अवैध निर्माण अरावली से साफ कर चुका है। इनमें से 18 फार्म हाउस, कुछ पक्की छोटी कॉलोनियां और झुग्गियां शामिल हैं।
सेशन कोर्ट की तैयारी
वन विभाग अब लोअर कोर्ट से मामलों को सेशन कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रहा है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर शनिवार को फैसला नहीं सुनाया जाता है तो सभी मामलों को सेशन कोर्ट में लेकर जाया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।

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