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जिम्स में 100 बेड बढ़े पर मरीजों के लिए नहीं हैं

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 12 May 2021 01:34 AM IST
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ग्रेटर नोएडा। जिम्स में सोमवार को 100 बेड बढ़ाए गए हैं। ये बेड मरीजों के लिए खाली नहीं हैं। बेड की उपलब्धता के लिए जब कॉल सेंटर पर फोन किया गया तो कर्मी ने बताया कि अभी खाली नहीं हैं। मरीज का रजिस्ट्रेशन करा दीजिए, शाम तक बेड खाली हो सकते हैं। जिम्स में पहले कोविड मरीजों के लिए 250 बेड थे। लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए सोमवार को 100 बेड और बढ़ाए गए हैं। इससे अस्पताल की क्षमता 350 बेड की हो गई है। इसके बाद लोगों को लगा था कि बेड की किल्लत थोड़ी कम होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। अब भी पहले की तरह ही बेड के लिए जुगाड़ लगाना पड़ रहा है।
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कॉल सेंटर में फोन करने पर वेटिंग दी जा रही है। अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा है। मंगलवार को जब कोविड कॉल सेंटर के नंबर 18004192211 पर कॉल कर बेड की उपलब्धता के बारे में पूछा गया तो कर्मचारी ने बताया कि अभी खाली नहीं हैं। मरीज का रजिस्ट्रेशन करा दीजिए, जब बेड खाली होंगे तो जानकारी दे दी जाएगी। जब कर्मचारी से कहा गया कि कल ही तो जिम्स में 100 बेड बढ़ाए गए हैं तो बताया कि वो फुल हो चुके हैं। इस बारे में जब जिम्स के नोडल अधिकारी डॉक्टर अनुराग से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बेड की उपलब्धता के बारे में कॉल सेंटर से ही पता चल सकेगा।

एक सिलिंडर नाकाफी, हरिद्वार से ही जुड़ी है उम्मीद
ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण ने होम आइसोलेट मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है, लेकिन यह नाकाफी है। यहां मरीजों को एक दिन में एक सिलिंडर मिल रहा है। इससे छोटे सिलिंडर वाले लोग परेशान हैं। इनका कहना है कि छोटा सिलिंडर चार से पांच घंटे में खत्म हो जाता है। हालांकि, उनकी उम्मीद हरिद्वार की ऑक्सीजन से पूरी हो रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सम्राट मिहिर भोज सिटी पार्क और ग्रेनो वेस्ट में गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज को सेंटर बनाया है। यहां होम आइसोलेट मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। आधार कार्ड, कोविड रिपोर्ट देखकर सिलिंडर भरकर दे रहा है।
प्राधिकरण ने 36 से 48 घंटे में सिलिंडर देने का समय रखा है। साथ ही मरीज से एक दिन में एक सिलिंडर लिया जा रहा है, जो काफी नहीं है। लोगों का कहना है कि इस समय मरीजों के पास 11 लीटर और 47 लीटर का सिलिंडर है। 11 लीटर का सिलिंडर 4 से 5 घंटे चलता है। जबकि, 47 लीटर का सिलिंडर करीब 20 घंटे चल जाता है। जिन मरीजों के पास छोटे सिलिंडर है, उनको काफी दिक्कत हो रही है। दिन में केवल एक सिलिंडर मिल रहा है। वह भी जल्द खत्म हो जाता है। उनके पास और भी सिलिंडर हैं, लेकिन प्राधिकरण केवल एक सिलिंडर ही लेता है। परेशान मरीज अन्य सिलिंडर को हरिद्वार भेज रहे हैं। वहां से उनकी जरूरत पूरी हो रही है।
नेफोवा ने हरिद्वार भेजे सिलिंडर
नेफोवा के उपाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मंगलवार को फिर से गाड़ी से 23 सिलिंडर हरिद्वार भेजे हैं। इनमें उन लोगों के भी सिलिंडर हैं, जो प्राधिकरण के सेंटर से भी ले रहे हैं। बीटा वन के निवासी भी हरिद्वार से ऑक्सीजन मंगवा रहे हैं। प्राधिकरण से मिलने वाला एक सिलिंडर से जरूरत पूरी नहीं हो रही है।

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