जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए मेजर रोहित: मौत की जगह मिली थी घायल होने की सूचना, देर रात नोएडा से कश्मीर पहुंचा परिवार

अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 22 Sep 2021 01:12 AM IST

सार

जब रोहित के घर पर सेना की ओर से फोन आया तो परिवार को कुछ हनहोनी की भनक लग गई थी, लेकिन मन में एक आस लेकर वो रवाना हुए थे। सोसायटी निवासी पवन कुमार ने बताया कि उसने शहीद रोहित के पिता से फोन पर बात की। वो परेशान थे और बेटे के बारे में कुछ जानकारी मिलने की पूछ रहे थे।
मेजर रोहित कुमार
मेजर रोहित कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में शहीद मेजर रोहित कुमार ग्रेनो वेस्ट की एस सिटी सोसायटी में रहते थे। उनके माता-पिता को हादसे के कई घंटे बाद बेटे के घायल होने की सूचना मिली। पूरा परिवार शाम को यहां से निकल गया। देर रात परिवार हवाई जहाज से जम्मू-कश्मीर पहुंचा। वहीं मेजर के शहीद होने की सूचना मिलने पर सोसायटी में मातम छा गया। निवासियों ने कैंडल जलाकर शहीद मेजर रोहित कुमार को श्रद्धांजलि दी।
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मंगलवार की सुबह जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के पटनीटॉप पर सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में सेना के दो मेजर रैंक के अधिकारी शहीद हो गए। इनमें एक मेजर रोहित कुमार थे, जो ग्रेनो वेस्ट की एस सिटी के जी टावर के फ्लैट नंबर 001 में रहते थे। यहां पर उनके पिता कमल, मां, पत्नी और डेढ़ साल की बेटी रहती है।


मंगलवार की दोपहर बाद पिता कमल को रोहित के घायल होने की सूचना मिली। पूरे परिवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर बुलाया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे पूरा परिवार दिल्ली एयरपोर्ट के लिए निकल गया और हवाई जहाज से जम्मू-कश्मीर रवाना हुआ।

परिवार को कुछ हनहोनी की भनक लग गई थी, लेकिन मन में एक आस लेकर वो रवाना हुए थे। सोसायटी निवासी पवन कुमार ने बताया कि उसने शहीद रोहित के पिता से फोन पर बात की। वो परेशान थे और बेटे के बारे में कुछ जानकारी मिलने की पूछ रहे थे। जिस पर उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वो केवल ऐसे ही पूछ रहे हैं।

तीन साल पहले हुई थी शादी

सोसायटी के लोगों ने बताया कि शहीद रोहित की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है। करीब चार साल से परिवार सोसायटी में रह रहा है। जब उनकी पोस्टिंग नजदीक होती थी तो पत्नी को साथ ले जाते थे। जब दूर होती थी तो यहीं छोड़कर जाते थे। उनकी बहन भी शादीशुदा है।

रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर आए थे ग्रेनो वेस्ट
शहीद मेजर रोहित कुमार रक्षाबंधन पर ग्रेनो वेस्ट में अपने परिवार के पास आए थे। पड़ोसियों ने बताया कि यहां पर करीब 20 दिन रूके थे। परिवार काफी खुश था। हालांकि इस दौरान वो सोसायटी के लोगों से ज्यादा नहीं मिल सके।

कैंडल जलाकर दी शहीद मेजर को दी श्रद्धांजलि
सोसायटी के निवासियों को मेजर रोहित कुमार के शहीद होने की जानकारी मिली तो वे स्तब्ध रह गए। सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना आग की तरह फैल गई। रात दस बजे श्रद्धांजलि सभा रखी गई। सोसायटी के मार्ट के पास कैंडल जलाकर निवासियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। निवासियों ने बताया कि शहीद रोहित कुमार और उनका परिवार काफी मिलनसार था। सोसायटी के लोगों से अच्छे से बात करते थे। मिल जुलकर रहते थे, लेकिन किसी ने परिवार को ऐसा दुख मिलने का नहीं सोचा था।

बेटे के लिए लाते थे काजू बादाम व चॉकलेट
संजय गौतम शहीद मेजर रोहित के पड़ोसी है। संजय गौतम ने बताया कि रोहित और उनका परिवार बहुत मिलनसार है। रोहित जब भी घर पर आते थे तो उनके बेटे के लिए काजू, बादाम और चॉकलेट लेकर आते थे। रक्षाबंधन पर भी काफी कुछ लेकर आए थे। उनके शहीद होने का समाचार सुनकर यकीन नहीं हो रहा है। काफी दुुखी हू।
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