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नोएडा : मोरनी के अंडे चोरी करके आमलेट खाया, जांच में जुटी पुलिस, सात साल तक की हो सकती है सजा

अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Wed, 14 Jul 2021 11:08 AM IST

सार

जिला वन्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मोर राष्ट्रीय पक्षी है। इसका शिकार, अंडे नष्ट करना व खाना आदि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत गैरकानूूनी है। दोष सिद्ध होने पर इसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
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मोरनी के अंडों की चोरी...
मोरनी के अंडों की चोरी... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बीरमपुर गांव में मंगलवार को एक खाली प्लॉट से मोरनी के अंडे चोरी कर आमलेट बनाकर खाने का मामला सामने आया है। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने विशेष समुदाय के चार युवकों पर राष्ट्रीय पक्षी के अंडे चोरी करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने पर जांच शुरू कर दी है। अंडे के छिलके फोरेंसिक लैब में जांच लिए भेजे जाएंगे। पुलिस के अुनसार, ग्रामीणों ने तहरीर दी है कि मुन्ना के प्लॉट में मोरनी ने चार अंडे दिए थे। ये अंडे तोरई की बेल के पास रखे थेे। सुबह अंडे चोरी कर लिए गए।
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ग्रामीणों ने पड़ताल की तो एक बच्चे ने जानकारी दी कि उसने विशेष समुदाय के चार लड़कों को अंडे ले जाते हुए देखा है। ग्रामीण आरोपियों के घर पहुंचे तो आरोपियों ने कहा कि अंडों का उन्होंने आमलेट बनाकर खा लिया है। इसके बाद आरोपियों ने ग्रामीणों को धमकी देकर भगा दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने एक युवक के घर पहुंचकर पूछताछ की और छिलके बरामद किए। थाना प्रभारी दिनेश यादव कहना है कि पुलिस जांच कर रही है। अंडों के छिलकों को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। आरोप सही पाए जाने पर आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई होगी।


विचलित होकर भटक रही थी मोरनी
ग्रामीण सुुरेश ने बताया कि आरोपियों ने मोरनी के जंगल जाने के दौरान वारदात को अंजाम दिया। मोरनी जब लौटी तो अंडे नहीं दिखने पर विचलित हो गई। मोरनी शोर मचाकर इधर-उधर भटकने लगी। ग्रामीणों ने तोरई के बेल के पास जाकर देख तो उन्हें अंडे चोरी होने की जानकारी हुई।

सात साल तक की हो सकती है सजा
जिला वन्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मोर राष्ट्रीय पक्षी है। इसका शिकार, अंडे नष्ट करना व खाना आदि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत गैरकानूूनी है। दोष सिद्ध होने पर इसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है। रबूपुरा का मामला संज्ञान में आया है। शिकायत थाने में दी गई है। पुलिस मामले में केस दर्ज करेगी। वन विभाग की टीम भी जांच करेगी।

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