यूपी जिला पंचायत चुनाव: भाजपा को तगड़ा झटका, सपा ने दिखाया दम, पीएम के संसदीय क्षेत्र में मिली करारी हार

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 05 May 2021 09:54 AM IST

सार

प्रदेश में विधानसभा चुनाव से नौ महीने पहले सत्ताधारी दल भाजपा को जिल पंचायत चुनावों में तगड़ा झटका लगा है। कुल 3050 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को महज 543 सीटों पर जीत या बढ़त मिली है। 
यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021
यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

प्रदेश में विधानसभा चुनाव से नौ महीने पहले सत्ताधारी दल भाजपा को जिल पंचायत चुनावों में तगड़ा झटका लगा है। कुल 3050 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को महज 543 सीटों पर जीत या बढ़त मिली है। वहीं सपा 699 सीटों पर जीत या बढ़त बना हुए है। 75 जिलों के नतीजों में से सिर्फ 13 में ही भाजपा दहाई के आकड़े तक पहुंच पाई है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 40 में से भाजपा महज 7 और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के क्षेत्र लखनऊ की 25 में से महज तीन सीटें जीत सकी है। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ के जिले गोरखपुर में 68 में से 26 सीटें तो जोतीं पर स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका है। अवेध्या में वह 8 सीट पर सिमट गई। वहीं, सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली में भी 52 सीटों में से सपा ने 12 जीतीं, तो कांग्रेस-भाजपा को 9-9 सीटें ही मिलीं। 


बसपा, रालोद, कांग्रेस, सुभासपा, अपना दल और आप ने भी कुछ जिलों में जीत दर्ज की है। निर्दलीय व अन्य 961 सीटों पर आगे हैं। पश्चिम में किसानों की नाराजगी का सीधा लाभ सपा-बसपा के अलावा राष्ट्रीय लोकदल को मिला है। हालांकि, कई जिलों में मतगणन तीसरे दिन भी देर रात तक जारी थी। प्रत्याशि को विजेता घोषित किए जाने के बावजू प्रमाणपत्र नहीं दिए जाने की शिकायतें भी आ रह है। 

लेटलतीफी : ग्राम प्रधान, बीडीसी के नतीजे देने में भी देरी
आयोग मतगणना के तीसरा दिन बिताने के बावजूद देर रात तक ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत चुनाव के भी फाइनल रिजल्ट जारी नहीं कर पाया। 
 

खतरे की घंटी : सत्तारूढ़ भाजपा के लिए

जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव पहली बार दलीय आधार पर हुए हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को इन चुनावों से खासी उम्मीदें थीं। पर नतीजों ने खतरे की घंटी बजा दी।

खाता खुला: आजाद व औवेसी के दल का
किसान आंदोलन के चलते पश्चिमी यूपी में जहां रालोद का प्रदर्शन ठीक रहा है, वहीं, चंद्रशेखर आजाद की भीम आर्मी और असदुद्दीन औवेसी की एआईएमआईएम का खाता भी खुल गया है।
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