ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड से डुप्लीकेट सिम निकलवाकर करते थे ठगी

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 16 Jan 2021 07:59 PM IST
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Cyber Crime - फोटो : Social Media
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देशभर के कारोबारियों के खातों में साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का मध्य जिला साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना गाजीपुर, यूपी निवासी आशुतोष यादव उर्फ राजन (32) जौनपुर, यूपी निवासी राहुल यादव (25), आजमगढ़, यूपी निवासी राजेश राजभर (38) और जौनपुर, यूपी निवासी अरविंद यादव उर्फ बंधन (29) के रूप में हुई है।
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आरोपी फर्जी आधार कार्ड तैयार कर पीड़ितों के बैंक खातों से अटैच मोबाइल सिमकार्ड डुप्लीकेट इश्यू करवा लेते थे। जब तक पीड़ितों को इसका पता चलता था तब तक यह अपना काम कर चुके होते थे। आरोपियों ने दिल्ली, यूपी, गुजरात और गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की ठगी की है। मामले में पुलिस को एक आरोपी की तलाश है। मध्य जिला की साइबर सेल पुलिस उसकी तलाश कर रही है।


खाते में सेंध लगाकर ऑनलाइन 30 लाख रुपये की ठगी
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि आनंद पर्वत इलाके में एक कारोबारी के खाते में सेंध लगाकर ऑनलाइन 30 लाख रुपये की ठगी हुई थी। पीड़ित ने बताया कि बदमाशों ने उसके खाते से अटैच सिमकार्ड को बंद करवाकर पहले धोखाधड़ी का प्रयास किया। लेकिन समय पर उसे पता चल गया। दूसरे प्रयास में बदमाश उसके खाते से रुपये निकालने में कामयाब हो गए।

ऐसे देते थे अंजाम
आनंद पर्वत थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में जांच जिले की साइबर सेल को सौंप दी गई। इंस्पेक्टर जगदीश कुमार, एसआई कमलेश कुमार व अन्यों की टीम मामले की जांच शुरू की। छानबीन में पता चला कि पहली बारी में शिकायतकर्ता की डुप्लीकेट सिम इलाहाबाद से निकलवाई गई थी। इसके लिए फर्जी आधार का इस्तेमाल किया गया। दूसरी बार तीन जून 2020 को बदमाशों ने वाराणासी से सिम निकलवाई और इस बार वह कामयाब हो गए।

पीड़ित के खाते से दो खातों में रुपये ट्रांसफर हुए
पीड़ित के खाते से दो खातों में रुपये ट्रांसफर हुए। इसके बाद छह अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर कर उनको वाराणासी और आसपास के इलाकों के एटीएम से निकाल लिया गया। बाद वाले छह खातों की जांच की तो पता चला कि यह ग्रामीण लोगों के खाते थे। कुछ लोगों ने अखबार में नौकरी देने का विज्ञापन देकर उनके खाते खुलवाए। बाद में उनके अकाउंट की कमांड अपने हाथ में ले ली। पुलिस ने आरोपियों की पहचान की तो वाराणासी, आजमगढ़, जौनपुर और गाजीपुर में उनकी मौजूदगी का पता चला।

पुलिस ने छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया
पुलिस ने छापेमारी कर आरोपियों को अलग-अलग तारीख पर गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी आशुतोष उर्फ राजन को यूपी पुलिस ने आजमगढ़ में 28 लाख की ठगी में पहले ही गिरफ़्तार कर लिया था। दिल्ली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर दिल्ली आ गई। इनकी गिरफ्तारी से गुजरात, दिल्ली, आजमगढ़ और गुरुग्राम में ठगी के चार मामलों का खुलासा हुआ।

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