चिंता: पराली के धुएं से बिगड़ी दिल्ली-एनसीआर की हवा, शादीपुर रहा सबसे प्रदूषित इलाका, गाजियाबाद का एक्यूआई बेहद खराब

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sat, 16 Oct 2021 06:26 PM IST

सार

राजधानी में शनिवार को सबसे प्रदूषित इलाका शादीपुर रहा है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 360 दर्ज किया गया है। इसके अलावा 10 से अधिक इलाकों की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रही। दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 284 दर्ज किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पराली के धुएं का हिस्सा अचानक से बढ़ते ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की चादर शनिवार को घनी हो गई। दिल्ली व फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता खराब और दूसरे शहरों की बेहद खराब स्तर में चली गई। वहीं, दिल्ली-एनसीआर का सबसे प्रदूषित इलाका शादीपुर रहा। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 360 तक चला गया। जबकि गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा व गुरुग्राम का सूचकांक 300 से ऊपर रिकॉर्ड किया।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से शनिवार शाम 4:00 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का शादीपुर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। इसके बाद गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर में 349 रिकार्ड किया गया। एनसीआर के दूसरे शहरों की हालात भी बेहतर नहीं थी। ग्रेटर नोएडा का सूचकांक 330, नोएडा का 312 व गुरुग्राम का 308 रिकॉर्ड किया। थोड़ी सहूलियत दिल्ली व फरीदाबाद को मिली। दोनों शहरों की हवा की गुणवत्ता खराब स्तर में रही।


एनसीआर के सभी शहरों की हवा बहुत खराब
दूसरी तरफ राजधानी में शनिवार को सबसे प्रदूषित इलाका शादीपुर रहा है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 360 दर्ज किया गया है। इसके अलावा 10 से अधिक इलाकों की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रही। दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 284 दर्ज किया गया है। वहीं, एनसीआर के सभी शहरों की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुई। इस वजह से दिनभर सड़कों पर दृश्यता का स्तर कम रहने के साथ आंखों में जलन के अलावा अन्य स्वांस्थ्य संबंधी परेशानी से गुजरना पड़ा।

पराली का धुंआ बढ़ा, बिगड़ी हवा
सफर इंडिया के मुताबिक, पराली के धुएं का स्तर शनिवार को अचानक से बढ़ गया। इसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा। बीते 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में 1572 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। प्रदूषण में इनकी हिस्सेदारी 14 फीसदी दर्ज की गई है। पिछले दिनों पीएम-10 का स्तर दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण बना हुआ था, लेकिन इन दिनों पीएम-2.5 का स्तर प्रदूषण में अधिक हिस्सेदारी दर्ज करा रहा है। मानक 100 व 60 की तुलना में शनिवार को पीएम 10 का स्तर 253 (खराब) व पीएम  2.5 का स्तर 125 (बहुत खराब) माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया है। 

अगले तीन दिनों तक रहेगा सुधार
सफर के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं पराली के धुएं को दिल्ली-एनसीआर तक लाने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। इस वजह से हवा का स्तर खराब से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। अगले 24 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश होने की स्थिति में हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है। उसके बाद अगले तीन दिनों तक हालात बेहतर रहने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिल्ली- 284
फरीदाबाद- 264
गाजियाबाद-349
ग्रेटर नोएडा-330
गुरुग्राम-308
नोएडा-312

दिल्ली में अलग-अलग जगहों का प्रदूषण
शादीपुर-360
आनंद विहार- 343
पटपड़गंज-338
मथुरा रोड-330
बवाना-315
द्वारका सेक्टर आठ- 310
करणी शूटिंग रेंज-302
आईजीआई एयरपोर्ट-302
सोनिया विहार-307
ओखला फेज-2- 308
मुंडका-300
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