दिल्ली: केजरीवाल बोले- उम्मीद कि तीसरी बार कोरोना न आए, अगर लहर आती भी है, तो हम तैयार हैं, दिल्लीवालों को चिंता करने की नहीं है जरूरत

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 30 Nov 2021 06:32 PM IST

सार

सीएम केजरीवाल ने बताया, ''मैंने आज अधिकारियों के साथ बैठक की। हमें एक जिम्मेदार सरकार की तरह तैयार रहना होगा। जहां तक बेड की बात है, हमने 30,000 ऑक्सीजन बेड तैयार कर लिए हैं और इनमें से लगभग 10,000 आईसीयू बेड हैं।''
कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर हुई बैठक की जानकारी देते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर हुई बैठक की जानकारी देते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : ANI
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विस्तार

कोरोना के नए वैरिएंट के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 10 हजार आईसीयू बेड के साथ करीब 30 हजार बेड तैयार हैं। फरवरी में इसमें 6,800 अतिरिक्त आईसीयू बेड जुड़ जाएंगे। वहीं, दो हफ्ते की नोटिस पर हर वार्ड में 100-100 ऑक्सीजन बेड तैयार कर लिया जाएगा। इससे दिल्ली की क्षमता करीब 65 हजार बेड की होगी। 32 दवाओं के बफर स्टॉक के साथ ऑक्सीजन आपूर्ति की क्षमता का भी विस्तार किया जा रहा है।
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मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय की उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से पैदा हुए खतरे पर चर्चा हुई और सभी संबंधित विभागों को संभावित अगली लहर के लिए अलर्ट मोड में डाल दिया गया है।


सचिवालय में बुलाई गई बैठक में कोरोना की मौजूदा स्थिति, टेस्टिंग और रोकथाम के उपाय, कोविड-19 बेड में बढ़ोत्तरी, कोविड प्रबंधन के लिए लोगों की ट्रेनिंग, कोविड-19 के लिए दवाओं की खरीद, होम आइसोलेशन व 1031 हेल्पलाइन, ऑक्सीजन, वैक्सीनेशन, जीनोम सिक्वेंसिंग, आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों की जांच की तैयारी समेत सभी बिंदुओं की बारीकी से समीक्षा की।

मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए केजरीवाल ने बताया कि पिछली बार जब कोरोना आया था, तब हम लोगों ने लगभग 25 हजार के करीब बेड्स बढ़ाए थे। अभी 30 हजार ऑक्सीजन बेड तैयार कर लिए गए हैं। इसमें 10 हजार आईसीयू बेड हैं। इसके अलावा 6,800 आईसीयू बेड अभी बनाए जा रहे हैं। यह आईसीयू बेड फरवरी तक तैयार हो जाएंगे। इस तरह कुछ समय में 17 हजार आईसीयू बेड बन कर तैयार हो जाएंगे। 

अरिंवद केजरीवाल ने बताया कि सरकार ने इस तरह से इंतजाम किया है कि दो सप्ताह की नोटिस पर नगर निगम के हर वार्ड में 100-100 ऑक्सीजन बेड्स तैयार कर पाएंगे। इस तरह दिल्ली के 270 वार्डों में 27 हजार ऑक्सीजन बेड्स दो हफ्ते की शॉर्ट नोटिस मिलेंगे। इन सबको मिलाकर दिल्ली की पूरी क्षमता 63,800 बेड की होगी। इसके लिए जितनी भी मानव शक्ति की जरूरत पड़ेगी, उसकी भी ट्रेनिंग करवाई जा रही है।

अब 121 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बननी चालू हो गई है
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 32 किस्म की दवाइयां हैं, जो अलग-अलग तरीके से कोरोना के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। इन सारी दवाइयों को दो महीने का बफर स्टॉक ऑर्डर किया जा रहा है। पिछली बार हमें ऑक्सीजन की कमी हुई थी। ऑक्सीजन के लिए हमारे पास दिल्ली के जितने अस्पाताल हैं, उन सारे अस्पतालों को मिलाकर लगभग 750 मीट्रिक टन की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि पिछली बार सबसे ज्यादा दिक्कत ऑक्सीजन स्टोरेज और वितरण की थी।  उससे निपटने के लिए हमने 442 मीट्रिन टन की अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता बना ली है। अब हमारे पास 442 मीट्रिन टन ऑक्सीजन भंडारण के लिए टैंक तैयार हैं, जो कि पहले नहीं थे। दिल्ली में पहले ऑक्सीजन बनाने की क्षमता शून्य थी। लेकिन अब हमने ऑक्सीजन बनाने के लिए पीएसए प्लांट बनाए हैं। इन प्लांट्स की मदद से दिल्ली में अब 121 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बननी चालू हो गई हैं।

ऑक्सीजन टैंकर में टेलीमेट्री डिवाइस, रीयल टाइम मॉनीटरिंग संभव
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछली बार हर अस्पताल यह कह रहा था कि हमारी ऑक्सीजन खत्म हो गई। इस संकट का इस बार दूर कर लिया गया है। दिल्ली में जितने भी ऑक्सीजन टैंक हैं, चाहे किसी अस्पताल है या हमारे बड़े टैंक हैं या छोटे टैंक हैं, इसमें टेलीमेट्री डिवाइस लगाने के निर्देश दे दिए हैं। इससे रियल टाइम बेसिस पर वार रूम में हर मिनट में पता चलता रहेगा कि किस टैंक में इस समय कितनी ऑक्सीजन मौजूद है। कहां पर ऑक्सीजन खत्म होने वाली है। यह ऑक्सीजन प्रबंधन में मददगार होगा।

अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, चीन से छह हजार ऑक्सीजन सिलेंडर को आयात किया गया है। अब छह हजार डी टाइप खाली ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद हैं। इससे विभिन्न स्थानों पर जल्द नए बेड तैयार कर सकते हैं। अभी तीन प्राइवेट रीफिलिंग प्लांट्स हैं। इनकी क्षमता 1500 सिलेंडर हर दिन भरने की है। जबकि दो बॉटलिंग प्लांट्स और लगाए गए हैं। इनसे 1400 अतिरिक्त सिलेंडर भरा जा सकेगा। इस तरह हर 2,900 सिलेंडर भरने की क्षमता हो गई है। इसके अलावा 15 ऑक्सीजन के टैंकर खरीद रहे हैं। एक महीने के अंदर यह टैंकर दिल्ली पहुंच जाएंगे।

93 फीसदी पहली व 57 फीसदी को लगी दूसरी डोज
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में वैक्सीनेशन की स्थिति अच्छी है। 93 फीसद लोग पहली डोज लगवा चुके हैं, जबकि 57 फीसद लोग दूसरी डोज लगवा चुके हैं। केजरीवाल ने अपील की कि जिन्होंने अभी दूसरी डोज नहीं लगवाई है, वो जल्द से दूसरी डोज लगवा लें। उम्मीदन कोरोना की तीसरी लहर न आए, ओमिक्रॉन वायरस न आए। बड़ी मुश्किल से पूरे देश ने कोराना का मुकाबला किया। लेकिन अगर कोरोना की लहर आती है, तो हम तैयार हैं, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।

नए वैरिएंट से लड़ने की दिल्ली की तैयारी

. 15,370 डॉक्टर, नर्सेज, मेडिकल स्टूडेंट्स और पैरामेडिक्स को दिया गया प्रशिक्षण।
. पांच हजार हेल्थ असिस्टेंट भी किए जा रहे तैयार।
. होम आइसोलेशन को और मजबूत करने के निर्देश।
. कोविड हेल्पलाइन नंबर 1031 की ले सकते हैं मदद।
. केजरीवाल सरकार अब तक वैक्सीन की लगा चुकी है 2.25 करोड़ डोज।
. आईजीआई एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच के लिए मोबाइल वैन।
. मेडिकल ऑक्सीजन इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही केजरीवाल सरकार।
. ऑक्सीजन टैंक में लगाया जाएगा टेलीमेट्री डिवाइस।
. केजरीवाल सरकार ने किया दिल्ली की ऑक्सीजन क्षमता में वृद्धि।
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