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लेडी डॉन अनुराधा की कुंडली : फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है 'रिवॉल्वर रानी', करती थी एके-47 से फायरिंग 

शुजात आलम, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 01 Aug 2021 05:52 AM IST

सार

  • फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है लेडी डॉन अनुराधा चौधरी, काला जठेड़ी भी लेडी डॉन का कायल...
  • पूरे राजस्थान में लेडी डॉन का खासा दबदबा, कारोबारियों को डराने के लिए उनके घर के बाहर खुद करती थी फायरिंग
  • राजस्थान यूनिवर्सिटी से लेडी डॉन ने किया हुआ है बीटेक और एमबीए
  • 10 साल पहले राजस्थान के गैंगस्टर आनंद पाल के गैंग में हो गई थी शामिल
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काला जठेड़ी और लेडी डॉन अनुराधा
काला जठेड़ी और लेडी डॉन अनुराधा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

लेडी डॉन अनुराधा चौधरी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है। उसने राजस्थान विश्वविद्यालय से बीटेक करने के अलावा एमबीए भी किए हुए है। शेयर ट्रेडिंग के कारोबार में घाटा होने के बाद वह राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंद पाल के संपर्क में आई और करीब 10 साल पहले उसने बकायदा गैंग शामिल होने का ऐलान कर दिया। आनंद पाल के रहते वह उसके बेहद नजदीक रही। 
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लेकिन 2017 में राजस्थान पुलिस ने आनंद पाल को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इसके बाद पूरी तरह से लेडी डॉन ने गैंग की कमान संभाल ली। अकेला पड़ने के कारण उसने करीब एक साल पहले भारत के नामी गैंगस्टर काला जठेड़ी से हाथ मिला लिया। दोनों लिवइन में साथ रहने लगे। काला ने भी पुलिस से बचने के लिए सिख युवक का हूलिया बना लिया। कुछ दिनों में दोनों अपना ठिकाना बदल देते थे।


मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीकर फतेहपुर के अलफसर गांव की रहने वाली अनुराधा शुरूआत से पढ़ाई में तेज थी। अनुराधा की मां की बचपन में ही मौत हो गई थी। पिता रामदेव सरकारी नौकरी में थे। अनुराधा ने शेयर ट्रेडिंग करने वाले दीपक मिंज से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने लोगों के लाखों रुपये ट्रेडिंग में लगवा दिए। धंधा चौपट हुआ और लोगों के करोड़ों रुपये डूब गए। इसके बाद उसकी मुलाकात राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल से हुई। 

आनंद से मिलने के बाद अनुराधा ने अपने पति को छोड़ दिया। लेडी डॉन से मिलने से पूर्व आनंदपाल एकदम देसी था। लेकिन अनुराधा ने आनंदपाल को एकदम बदल दिया। यहां तक उसको अंग्रेजी सिखा दी। आनंद पाल भी अनुराधा का कायल हो गया। गैंग के कई महत्वपूर्ण फैसले अनुराधा करने लगी। आनंदपाल को अकसर अंग्रेजी बोलते हुए देखा जाता था।

आनंदपाल के साथ रहते-रहते अनुराधा ने एके-47 चलाना सीख लिया। वह अक्सर कारोबारियों को धमकाने के लिए एके-47 चलाती थी। आनंदपाल की मौत हुई तो अनुराधा लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आई और दिल्ली पहुंच गई। यहीं पर उसकी मुलाकात काला जठेड़ी हुई। इसके बाद जठेड़ी भी अनुराधा का कायल हो गया। दोनों साथ में रहते थे। सूत्रों का कहना है कि जठेड़ी को पुलिस से बचाने के लिए उसने ही उससे कहा था कि वह सरकार युवक का हूलिया बना ले और अपने विदेश भागने की खबर फैला दे। 

हुआ भी ऐसे ही काला ने ऐसा ही किया। पुलिस को उसकी तलाश करने में सवा साल लग गया। पुलिस के मुताबिक अनुराधा के खिलाफ राजस्थान में दर्जनभर से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने पहले उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया था।
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लॉरेंस विश्नोई को चारा बनाकर काला तक पहुंची स्पेशल सेल की टीम...

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