गुरुग्राम: अमेरिका में बसने के लिए बेची जायदाद, ठगों के चक्कर में डूबे 5.24 करोड़ रुपये

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Sat, 16 Oct 2021 10:27 AM IST

सार

आरोपियों ने दंपती से कहा कि उनके पैसे को वेबसाइट प्रोडक्शन में निवेश करेंगे। इसपर दंपती ने कंपनी में 5.24 करोड़ रुपये निवेश कर दिए। कंपनी ने विश्वास दिलाने के लिए उन्हें सात पोस्ट डेटेड चेक दिए। बैंक में डालने पर ये सभी बाउंस हो गए।
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विस्तार

श्रम मंत्रालय से सेवानिवृत्त बुजुर्ग एस बालाकृष्णन को निवेश पर 24 फीसदी रिटर्न का झांसा देकर 2.24 करोड़ ठगने वाले तमिल एन्क्लेव पालम निवासी अंकित ठाकुर (29) और हरियाणा में गुरुग्राम के भोंडसी विनोद आर्य (28) को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। एस बालाकृष्णन भारत की अपनी संपत्ति बेचकर अमेरिका में बसे अपने बच्चों के पास जाना चाहते थे। ठगों ने वेबसाइट प्रोडक्शन में निवेश पर अच्छे रिटर्न का झांसा देकर उनसे रकम ठग ली।
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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि एस बालाकृष्णन और उनकी पत्नी कल्याणी बालाकृष्णन ने वर्ष 2021 में शिकायत दर्ज कराई कि अपनी गाढ़ी कमाई लेकर और देश की संपत्ति बेच बच्चों के पास अमेरिका जाने के उनके इरादे की जानकारी मेसर्स इकोनसेलर वेबटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों अंकित ठाकुर और विनोद आर्य को मिल गई। 


दोनों ने उनसे मुलाकात की और उन्हें 24 फीसदी रिटर्न का झांसा देकर 5.24 करोड़ निवेश के लिए राजी कर लिया। उन्होंने दंपती से कहा कि उनके पैसे को वेबसाइट प्रोडक्शन में निवेश करेंगे। इसपर दंपती ने कंपनी में निवेश कर दिया। कंपनी ने विश्वास दिलाने के लिए उन्हें सात पोस्ट डेटेड चेक दिए। बैंक में डालने पर ये सभी बाउंस हो गए। इसके बाद उन्होंने शाखा में शिकायत की। 

जांच में पता चला कि चेक फर्जी कंपनी के नाम से जारी किए गए थे। बाउंस होने के बाद आरोपियों ने बुजुर्ग के दृष्टिहीन होने का फायदा उठाकर इन्हें बदल दिया। पुलिस ने बुधवार को अंकित ठाकुर को द्वारका से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर गुरुग्राम से विनोद को पकड़ा गया। 

पुलिस ने बताया कि दोनों 12वीं तक पढ़े हैं और पुराने दोस्त हैं। मेसर्स इकोनसेलर वेबटेक प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी शुरू कर उन्होंने वेबसाइट डेवलपमेंट का काम शुरू किया। दोनों इस कंपनी के निदेशक और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हैं, जहां पीड़ितों से रकम ली गई थी।

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