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MCD Elections: क्या BJP के 'धुरंधरों' की टोली दिखा सकेगी जादू, किसे मिनी पार्षद बनाना चाहते हैं केजरीवाल?

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 30 Nov 2022 02:02 PM IST
सार

MCD Election: आप नेताओं का कहना है कि इस चुनाव में भाजपा के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। वह कभी तो राष्ट्रवाद को बीच में ले आती है, तो कभी हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठा लेती है। ये कोई नहीं बता रहा कि भाजपा, दिल्ली वालों को महंगाई, प्रदूषण, कूड़े के पहाड़ व यातायात की समस्या से कैसे निजात दिलाएगी...

MCD Election: केजरीवाल ने जारी कीं 10 गारंटी
MCD Election: केजरीवाल ने जारी कीं 10 गारंटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दिल्ली एमसीडी चुनाव में मतदान की तिथि निकट आ रही है। चार दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव प्रचार में सभी दलों ने पूरी ताकत लगा दी है। दिल्ली में पिछले दो विधानसभा चुनाव की तरह भाजपा ने एमसीडी चुनाव में भी वही रणनीति अपनाई है। भाजपाई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों की टोली, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चुनाव प्रचार कर रही हैं। पार्टी नेताओं को भरोसा है कि ये स्टार प्रचारक ही एमसीडी चुनाव निकलवा सकते हैं। खास बात है कि इस चुनाव में सफाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कूड़े के पहाड़, प्रदूषण और यातायात जैसे मुद्दे गायब हैं। 'आप' तो फिर भी इन मुद्दों पर बात कर रही है, मगर भाजपा की ओर से तिहाड़ के वायरल वीडियो को प्रमुखता दी जा रही है।

कभी तो सत्येंद्र जैन का मसाज लेते हुए वीडियो आता है, तो कभी तिहाड़ जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर का लैटर बम देखने को मिलता है। मंगलवार को दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान अरविंद केजरीवाल बोले, भाजपा के 7 मुख्यमंत्री, एक डिप्टी सीएम और 17 से ज्यादा केंद्रीय मंत्री दिल्ली में प्रचार कर रहे हैं, जबकि मैं अकेला घूम रहा हूं। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की दुकान दिल्ली वालों ने बंद कर दी है, इसीलिए अब भाजपा ने वीडियो कंपनी चालू की है।

फर्जी वीडियो पर भारी पड़ेगा 'आप' का विकास

आप नेताओं का कहना है कि इस चुनाव में भाजपा के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। वह कभी तो राष्ट्रवाद को बीच में ले आती है, तो कभी हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठा लेती है। ये कोई नहीं बता रहा कि भाजपा, दिल्ली वालों को महंगाई, प्रदूषण, कूड़े के पहाड़ व यातायात की समस्या से कैसे निजात दिलाएगी। स्कूलों और स्वास्थ्य के लिए क्या करेगी। ये मुद्दे जानकर गायब किए गए हैं। आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा कहते हैं कि भाजपा के फर्जी वीडियो पर 'आप' के विकास कार्य भारी पड़ेंगे। केजरीवाल ने जो दस गारंटी दी हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। एमसीडी में 15 साल के शासन के बाद आज भाजपा के पास ऐसा कोई मुद्दा नहीं है, जिसे सामने रखकर वह जनता के बीच जा सके। भाजपा वाले इस चुनाव में गोल पोस्ट शिफ्ट कर रहे हैं। चुनाव प्रचार में लोगों के सवालों से बचने के लिए वीडियो वायरल किए जा रहे हैं।

पार्टी को दोनों ही बार करना पड़ा करारी हार का सामना …

दिल्ली में पिछले दो विधानसभा चुनावों के प्रचार में भाजपा ने अपने धुरंधरों की टीम उतारी थी। अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों सहित लगभग दो सौ से ज्यादा नेता दिल्ली की गलियों में घूमते हुए देखे गए थे। इसके बावजूद पार्टी को दोनों ही बार, करारी हार का सामना करना पड़ा। अब एमसीडी चुनाव प्रचार में भी भाजपा ने वैसी ही टीम तैयार की है। मंगलवार को सौ से ज्यादा क्षेत्रों में भाजपा के दिग्गज नेता, चुनाव प्रचार में जुटे। इनमें हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, जितेंद्र सिंह, पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर, सोम प्रकाश, अजय भट्ट और पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल सहित पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी शामिल हैं। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, एमसीडी में आप की सत्ता आने के बाद 'जनता चलाएगी एमसीडी' स्कीम लांच होगी। आरडब्ल्यूए को मिनी पार्षद का दर्जा मिलेगा। इसका मकसद दिल्ली की सत्ता, जनता के हाथों में देना है।

एमसीडी चुनाव में हावी रहे ये मुद्दे ...

भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन को तिहाड़ जेल में स्पा सुविधा मिल रही है। वे एक रेपिस्ट से मसाज करा रहे हैं। उन्हें वहां पर घर जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। तिहाड़ जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर द्वारा दिल्ली के उपराज्यपाल को लिखे गए पत्रों को भी दिल्ली भाजपा ने खूब मुद्दा बनाया। इन पत्रों में कभी तो केजरीवाल पर आरोप लगा तो कभी सत्येंद्र जैन पर। दस करोड़ रुपये देने का आरोप भी लगा। बाद में एक पत्र ऐसा भी आया, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ में बंद दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन से अपनी जान को खतरा बता दिया। मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई व ईडी जांच भी चुनावी मुद्दा बना। इसके बाद मनोज तिवारी पर आरोप लगा कि उन्होंने केजरीवाल को जान से मारने की धमकी दे दी है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एमसीडी चुनाव प्रचार में श्रद्धा मर्डर केस को उठा दिया। बिस्वा ने कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि एमसीडी चुनाव में बिजली और सड़कों की बात करें। मेरे लिए बेटियों की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा है। सिर्फ विकास की बात करेंगे और लोगों की सुरक्षा की बात नहीं होगी तो इसका कोई मतलब नहीं है। असम के सीएम ने कहा, हमारे देश को आफताब (श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी) की नहीं, अपितु भगवान राम जैसे व्यक्ति, पीएम मोदी जैसे नेता की आवश्यकता है। देश में लव जिहाद के खिलाफ समान नागरिक संहिता लागू करने की जरूरत है। केजरीवाल नाट्यकला में सर्वश्रेष्ठ हैं। वह ऐसा क्यों सोचते हैं कि हिंदू दुश्मन हैं। उन्होंने सीएए के नाम पर दिल्ली में दंगा फसाद कराए। उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

तो वे किस आधार पर वोट मांगेंगे

आप नेताओं का कहना है कि एमसीडी चुनाव में भाजपा की सच्चाई जनता के सामने आ चुकी है। जब उनके नेताओं के पास कोई मुद्दा ही नहीं है, तो वे किस आधार पर वोट मांगेंगे। ऐसे में भाजपा ने विकास से परे जाकर दूसरे मुद्दे उठा लिए हैं। भाजपा और आप, दोनों पार्टियों का इंटरनल सर्वे कुछ कहता है। आप के एक वरिष्ठ नेता का कहना है, जब भाजपा को अपने सर्वे की रिपोर्ट पता चली तो उनकी हालत बिगड़ गई थी। दिल्ली एमसीडी के चुनाव को गुजरात विधानसभा चुनाव के साथ करा दिया। इसके पीछे भाजपा का जो मकसद था, वह उसमें सफल नहीं हो सकी। आंतरिक सर्वे में पार्टी की स्थिति की पोल खुल गई।

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केंद्रीय मंत्रियों के दर्जनों मेगा रोड शो

दिल्ली एमसीडी में अगर पार्टी हारती है तो उसका व्यापक असर होगा। यही वजह रही कि दिल्ली में एक साथ स्टार प्रचारकों के दर्जनों मेगा रोड शो कराए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक बड़े नेता रोड शो में शामिल हो चुके हैं। केजरीवाल ने कहा, लोगों को मोहल्ला क्लीनिक में फ्री इलाज मिल रहा है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों से लोग बहुत खुश हैं। बिजली का बिल जीरो आ रहा है। अगर आप को एमसीडी की सत्ता में आने का मौका मिला तो कूड़े के पहाड़ हटाने का काम शुरू होगा। अगर भाजपा ने पिछले 15 साल में काम किया होता, तो आज इतने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव प्रचार में बुलाने की जरुरत नहीं पड़ती।

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