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आप का दावा: गोवा विधानसभा चुनाव से पहले सीएम प्रमोद सावंत को पद से हटा देगी भाजपा

आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया है कि गोवा विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले भाजपा अपने मुख्यमंत्री बदलने जा रही है। आप ने इसे गोवा के मुख्यमंत्री की नाकामी और जनता के बढ़ते गुस्से के बीच भाजपा की अपनी साख बचाने की कोशिश करार दिया है। 

आप ने सिलसिलेवार ढंग से गोवा सरकार की नाकामियों को भी बताया है। आप ने कहा कि गोवा के लोग इसे समझ रहे हैं। मुख्यमंत्री बदलने से भाजपा की साख नहीं लौटेगी। दिल्ली स्थित पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा गोवा में अपना मुख्यमंत्री बदलने जा रही है। भाजपा ये मान रही है कि गोवा के मौजूदा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नाकामी से जनता में उनके प्रति गुस्सा बढ़ा है।

उत्तराखंड और कर्नाटक के बाद गोवा में भी वही प्रयोग दोहराने जा रही भाजपा
सिसोदिया के मुताबिक, विश्वसनीय सूत्रों से इस बारे में पता चला है कि भाजपा किसी दूसरे नेता मुख्यमंत्री बनाने जा रहा है। इस बदलाव के लिए सिसोदिया ने 10 बिंदु गिनाए, जिस पर गोवा के मुख्यमंत्री नाकाम रहे हैं। उनका दावा है कि भाजपा ये मान चुकी है कि गोवा की जनता मौजूदा प्रमोद सावंत सरकार से दुखी है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि उत्तराखंड और कर्नाटक के बाद भाजपा गोवा में भी वही प्रयोग दोहराने जा रही है। लेकिन मुख्यमंत्री बदलने से अब कोई फायदा नहीं होगा। उनका दावा है कि गोवा की जनता अपना मूड बना चुकी है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी।

मनीष सिसोदिया ने गिनाए दस प्वांट्स
. कोरोना मैनेजमेंट में फेल प्रमोद सावंत सरकार
. प्रमोद सावंत सरकार में भ्रष्टाचार
. कोविड रिलीफ के नाम पर झूठ
. वेतन वृद्धि निकली जुमला
. आपदा प्रबंधन के मामले में भी फेल
. गोवा के युवाओं को नहीं मिली नौकरी
. माइनिंग माफिया से नहीं मिली निजात
. कानून व्यवस्था की स्थिति बदहाल
. बदहाल शिक्षा व्यवस्था
. बिजली-पानी की आसमान छूती कीमतें
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सूरत-ए-हाल : कोरोना महामारी के बाद अब मौसमी बीमारियों के बोझ से दबे दिल्ली के अस्पताल 

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे थे। सफदरजंग अस्पताल का मेडिसिन वार्ड दूर से पहचाना जा सकता था। एक से दूसरी और फिर तीसरी सीढ़ी पार करने के बाद जैसे ही 15 फुट चौड़ी गैलरी में प्रवेश किया तो सामने की तस्वीर शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। एक पल को यकीन ही नहीं हुआ कि यह देश की राजधानी के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक का नजारा है। 

हालात ऐसे, जैसे किसी जिला सरकारी अस्पताल में आ गए हों। गैलरी का फर्श मरीजों के लिए बिस्तर बना हुआ था। यहां जमीन पर पीड़ित के साथ उसके तीमारदार भी दीवार का सहारा लेकर बैठे थे। उसी वक्त स्ट्रेचर की लंबी लाइनें भी नजर आई। पूछने पर पता चला कि दोनों छोर पर मरीज और तीमारदार होने की वजह से यह वार्ड तक नहीं पहुंच सकती हैं।

डॉक्टर ही बाहर आकर एक-एक स्ट्रेचर पर जाकर इलाज की भागमभाग करते दिखाई दे रहे थे। डॉक्टर से भी कुछ पूछ पाते, उससे पहले ही वह बोला- ‘यहां स्थिति ठीक नहीं है, अंदर एक भी बेड नहीं है। मैं दवा लिख देता हूं। फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। आप चाहें तो घर जाकर भी यह दवाएं ले सकते हैं।’

यह हालात देखने के बाद मेडिसिन वार्ड की स्थिति भी देखने का विचार आया। गैलरी में बढ़ते ही दीवारों पर टंगी सलाइनें हकीकत बयां कर रही थीं। ग्लूकोज चढ़ाने के लिए अस्पतालों में बाकायदा सलाइन स्टैंड होता है, लेकिन यहां इतने मरीज हैं कि अस्पताल के सलाइन स्टैंड कम पड़ गए हैं। खिड़की या दीवारों पर कील लगाकर सलाइन टांगने का ही विकल्प बचा है। इसके ठीक नीचे मरीज फर्श पर बैठे हैं और उन्हें ग्लूकोज दिया जा रहा है, ताकि कमजोरी से थोड़ी राहत मिल सके।

कोरोना महामारी के बीच ऐसे हालात में सामाजिक दूरी की बात उचित भी नहीं। वार्ड में जाने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर मिली, जहां एक बेड पर तीन मरीज मिले। फर्श पर बैठे दो युवाओं से जब बातचीत की तो पता चला कि यह दोनों जामिया विश्वविद्यालय के छात्र हैं और इनमें से एक बुखार ग्रस्त है, जिसने अपना नाम यशवीर और दूसरे ने शकील बताया। इन्होंने कहा कि डॉक्टर इलाज करने तो आ रहे हैं, लेकिन यहां एक-दूसरे को देखकर ही बीमारी जैसा महसूस हो रहा है। पता चला कि सफदरजंग में ही 300 से ज्यादा मरीज केवल बुखार की परेशानी को लेकर मौजूद हैं और इमरजेंसी वार्ड में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज रात के वक्त पहुंच रहे हैं। 

महामारी के बाद फिर संकट में योद्धा
अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि महामारी के बाद फिर से योद्धा (स्वास्थ्य कर्मचारी) संकट में आ गए हैं। मौसमी बीमारियों की वजह से बुखार फैल रहा है। अभी कोरोना का तनाव कम भी नहीं हुआ है और फिर से स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ पड़ गया है। उन्हें पिछले तीन सप्ताह से एक दिन की छुट्टी नहीं मिली है। शनिवार और रविवार को उन्हें लगातार 48 घंटे तक काम करना पड़ रहा है। 

दूसरे अस्पतालों में लैब पर बोझ, दो शिफ्ट भी कम
सफदरजंग के अलावा एम्स, आरएमएल, लोकनायक अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में लैब को लेकर जब हालात पता किए तो जानकारी मिली कि यहां दो शिफ्ट भी कम पड़ रही हैं और जांच के सैंपल की संख्या भी तेजी से बढ़ गई। कोरोना और डेंगू के बीच लक्षण एक जैसे हैं, लेकिन हर मरीज को संदिग्ध मानते हुए सैंपल लेकर जांच जरूर कराई जा रही है। इसकी वजह से इन अस्पतालों के माइक्रो बायोलॉजी विभाग पर काफी दबाव है।

100 में से 25 को डेंगू
दिल्ली सरकार का कहना है कि डेंगू को लेकर अभी स्थिति काफी नियंत्रण में है, लेकिन अस्पतालों में बुखार के मामले ही सबसे ज्यादा हैं। स्थिति यह है कि हर चौथा मरीज यानी बुखार के 100 में से 25 मरीज डेंगू ग्रस्त मिल रहे हैं। हालांकि, अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार केवल डेंगू ही नहीं, बल्कि वायरल-फ्लू, मलेरिया, पोस्ट कोविड और गैर कोविड की वजह से भी मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।
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राहत की बात : दिल्ली की हवा में हुआ सुधार, एनसीआर में आज और कल बारिश के आसार

राजधानी का वातावरण प्रतिदिन परिवर्तित हो रहा है। मौसमी दशाओं को देखते हुए बृहस्पतिवार को आशंका जताई जा रही थी कि शुक्रवार से हवा फिर से खराब श्रेणी में चली जाएगी, लेकिन हुआ इसके विपरीत। बीते 24 घंटे में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 29 अंक लुढ़ककर 170 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 199 था। वहीं, बुधवार को हवा खराब श्रेणी में थी। उम्मीद है कि अगले दो दिन हवा औसत श्रेणी में बनी रहेगी।

सफर के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में पराली जलने की 894 घटनाएं दर्ज हुई हैं। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 कण की प्रदूषण में चार फीसदी हिस्सेदारी रही। राजस्थान से आने वाली हवा दिल्ली की हवा में पीएम10 की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रदूषण हवा को बिगाड़ने का कारण बन रहा है। बीते 24 घंटे में हवा में पीएम10 का स्तर 161 व पीएम2.5 का स्तर 61 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, शुक्रवार को फरीदाबाद का एक्यूआई 183, गाजियाबाद 236, ग्रेटर नोएडा 172, गुुरुग्राम 164 व नोएडा का 192 रहा। इस साल में अब तक सिर्फ एक बार ही सोमवार को हवा 46 एक्यूआई के साथ हवा स्वच्छ श्रेणी में दर्ज की गई थी। 

दिल्ली-एनसीआर में आज और कल बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार और रविवार को बारिश के आसार हैं। इससे तापमान में कमी आएगी और रात में अधिक सर्दी का अहसास होगा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार से रात के तापमान में कमी आना शुरू होगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो अधिक 33.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम सामान्य के बराबर 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में हवा में नमी का स्तर 42 से 85 फीसदी रहा। दिनभर धूप खिली रही और हल्की गर्मी महसूस की गई। हालांकि, सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास बना रहा।

विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। इसके अगले दिन के लिए विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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15 किमी और दिल्ली के चार अस्पताल: दुष्कर्म पीड़िता को नहीं मिला बेड, दर्द से चीखती मासूम संग गिड़गिड़ाता रहा पिता

दुष्कर्म के दर्द से कराहती मासूम के साथ उसका पिता दिल्ली के नामचीन अस्पतालों के बीच करीब ढाई घंटे तक चक्कर काटता रहा, लेकिन इलाज देने की जगह उसे हर जगह दूसरे अस्पताल का रास्ता पकड़ने की नसीहत मिली। सरदार पटेल अस्पताल से लेडी हार्डिंग अस्पताल, आगे कलावती, फिर लेडी हार्डिंग..., खून से लथपथ अपनी बच्ची को लेकर उसे नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में स्थित इन अस्पतालों के बीच एंबुलेंस से करीब 15 किमी भटकना पड़ा। आखिरकार किसी तरह राम मनोहर लोहिया में वह अपनी बेटी को भर्ती करवा पाया। आईसीयू में भर्ती मासूम की 36 घंटे के बाद भी हालत नाजुक बनी हुई है। उधर मध्य जिले के स्पेशल स्टाफ और एएटीएस की टीम ने आरोपी को रोहतक जिले के कलानौर से गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान सूरज पुत्र दिनेश शाह निवासी के-1, रघुबीर नगर के तौर पर हुई है। 

बच्ची के सेहत पर सवाल करते ही शनिवार को उसका पिता रो पड़ा। सिसकते हुए उसने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पत्नी ने घटना की जानकारी दी। वह भागकर घर पहुंचा। घर के बाहर भीड़ जमा थी। अपनी बेटी की हालत देखकर उसके आंखों से आंसू निकल गए। बच्ची खून से लथपथ थी। इसी बीच किसी ने घटना की जानकारी पुलिस और एंबुलेंस को दे दी। एंबुलेंस के मौके पर पहुंचते ही वह बच्ची को लेकर अस्पताल के लिए भागा। 
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दिल्ली रेप की खबर दिल्ली रेप की खबर

राजधानी फिर शर्मसार: लहूलुहान थी दुष्कर्म पीड़ित बच्ची, पांच अस्पतालों में घंटों चक्कर काटता रहा पिता

राजधानी में एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हो गई है। रणजीत नगर इलाके में एक युवक ने छह साल की मासूम को बंधक बनाकर न सिर्फ दुष्कर्म किया, बल्कि विरोध करने पर मारपीट भी की। दर्द से कराहती बच्ची की पीड़ा यहीं खत्म नहीं हुई। बेटी को लेकर बेबस पिता दिल्ली के 5 नामचीन अस्पतालों के बीच करीब 15 किमी और ढाई घंटे तक चक्कर काटता रहा, लेकिन इलाज देने के बजाय उसे दूसरे अस्पतालों में टरकाया जाता रहा। 

सरदार पटेल अस्पताल से लेडी हार्डिंग अस्पताल, आगे कलावती, फिर लेडी हार्डिंग..., खून से लथपथ बच्ची को लेकर नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में स्थित इन अस्पतालों के बीच उसे एंबुलेंस से भटकना पड़ा। आखिरकार, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वह अपनी बेटी को भर्ती करा पाया। आईसीयू में भर्ती मासूम की 36 घंटे बाद भी हालत नाजुक बनी हुई है।

बच्ची की सेहत पर सवाल करते ही शनिवार को पिता रो पड़े। सिसकते हुए बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पत्नी ने घटना की जानकारी दी तो भागकर घर पहुंचा। घर के बाहर भीड़ जमा थी और किसी ने घटना की जानकारी पुलिस और एंबुलेंस को दे दी थी। एंबुलेंस के मौके पर पहुंचते ही वह बच्ची को लेकर अस्पताल भागा। करीब 11 बजे सरदार पटेल अस्पताल पहुंचा। वहां कहा गया कि बच्ची का इलाज यहां संभव नहीं है, लेडी हार्डिंग अस्पताल जाना पड़ेगा। इस दौरान अस्पतालकर्मियों से मिन्नतें करता रहा, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। थक हारकर करीब 12 बजे लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचा। वहां से कलावती अस्पताल जाने की सलाह दी गई।

कलावती अस्पताल में कहा गया कि दूसरे इलाके का मामला है। उसे वापस लेडी हार्डिंग जाने को कहा गया। इस बीच बच्ची दर्द से बेहाल थी। बेटी का सिर थामे पिता उसे वापस लेडी हार्डिंग अस्पताल ले गया, जहां से उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। दोपहर करीब 1:30 बजे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा पाया। पहले बच्ची को स्थिर करने के लिए प्राथमिक इलाज किया और फिर शाम छह बजे ऑपरेशन करने के बाद रात 11:00 बजे उसे गहन चिकित्सा कक्ष में भेज दिया गया। बच्ची की हालत अब भी गंभीर है।

यूं लगाया 15 किमी का चक्कर
  • रणजीत नगर से सरदार पटेल अस्पताल, पटेल नगर करीब 2.8 किमी
  • सरदार पटेल अस्पताल से लेडी हार्डिंग अस्पताल करीब 8.8 किमी
  • लेडी हार्डिग अस्पताल से कलावती अस्पताल करीब 5.50 किमी
  • कलावती से लेडी हार्डिंग अस्पताल करीब 5.50 किमी
  • लेडी हार्डिंग से राम मनोहर लोहिया अस्पताल करीब 2.5 किमी
रिक्शा चलाता है पिता
बच्ची का पिता माल ढोने वाला रिक्शा चलाता है, जबकि मां घरों में साफ-सफाई का काम करती है। बच्ची की 11 महीने की छोटी बहन है।  पिता ने बताया कि शुक्रवार सुबह बेटी गुरुद्वारे में लंगर लेने गई थी। एक बार लंगर लेकर घर पहुंचाया और उसके बाद दोबारा चली गई। वापस लौटने पर खून से लथपथ थी। पूछताछ में मां को बताया कि रास्ते में 20 से 25 साल का युवक उसे कॉपी-किताब देने का लालच देकर अपने साथ एक कमरे में ले गया, जहां उसके साथ गलत काम किया। युवक के वहां से जाने के बाद बच्ची किसी तरह घर पहुंची। 

सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
अस्पताल से घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। एक कैमरे में आरोपी कैद हो गया है। हालांकि उसने मास्क लगा रखा था। वह बच्ची को अपने साथ ले जाता दिख रहा है। ।

बेटे की मौत के गम से उबरा नहीं कि टूटा दुखों का पहाड़
पिछले साल दिल में छेद होने की वजह से सात साल के बेटे की मौत हो गई थी। जीबी पंत अस्पताल में ऑपरेशन के बाद भी उसे बचा नहीं पाए।

आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर प्रदर्शन
घटना के करीब 36 घंटे बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस को मामले में कोई ठोस सुबूत नहीं मिल सका है। परिजनों समेत स्थानीय लोगों में भी रोष है। देर शाम आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय थाने पर प्रदर्शन किया।

दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस को दिया नोटिस
दिल्ली महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही दर्ज प्राथमिकी का ब्योरा मांगा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह घटना से काफी दुखी हैं। यह बड़ी चिंता और शर्म की बात है कि हमें छोटे बच्चों के साथ बार-बार होने वाले यौन हमले के ऐसे मामलों से गुजरना पड़ रहा है। यह व्यवस्था की पूर्ण विफलता है।
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फर्जीवाड़ा: संसद भवन में प्रवेश के लिए बनाया फर्जी एंट्री पास, बिहार सरकार के मंत्री का निजी सचिव गिरफ्तार

संसद भवन में प्रवेश के लिए फर्जी एंट्री पास बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिहार सरकार के मौजूदा मंत्री व गोपालगंज से पूर्व सांसद जनक राम के आप्त सचिव (निजी सचिव) ने मौजूदा सांसद के निजी सचिव का पास चोरी कर वारदात को अंजाम दिया। 

पुलिस ने आरोपी आप्त सचिव बबलू कुमार आर्य (26) को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि एक अन्य आरोपी को बिहार से हिरासत में लिया गया है। अपराध शाखा की एक टीम बिहार में जांच के लिए मौजूद है। संसद में फर्जी एंट्री पास को सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीरता से लिया है। 

पुलिस के अलावा कई अन्य एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बबलू के कहने पर पास बनाने वाले इंटरनेट कैफे मालिक मुकेश कुमार को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी पास बनाने की बबलू की आखिर क्या मंशा थी, इसकी पड़ताल की जा रही है।

अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि पिछले दिनों संसद भवन में बबलू कुमार आर्य के नाम से संसद के फर्जी एंट्री पास बनाने का मामला संज्ञान में आया था। बिहार के गोपालगंज से मौजूदा सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन के पीए ज्योति भूषण कुमार भारती को जारी किए गए पास के साथ छेड़छाड़ कर दूसरा पास बनाया गया था। 
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दिल्ली: सिग्नेचर ब्रिज पर स्कूटी खड़ी कर शख्स ने यमुना में लगाई छलांग, सीसीटीवी फुटेज से सामने आया चौंकाने वाला सच

बुराड़ी के रहने वाले एक शख्स ने सिग्नेचर ब्रिज पर स्कूटी  कर छलांग लगा दी। चार दिन बाद शख्सा का शव कालिंदी कुंज से बरामद हो गया। मृतक की शिनाख्त संजय कुमार राय (51) के रूप में हुई है। पुलिस मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिवार ने संजय की गुमशुदगी पश्चिम दिल्ली के नारायणा थाने में कराई हुई थी। 

पुलिस ने सीडीआर के आधार पर संजय की आखिरी लोकेशन ट्रेस की तो सिग्नेचर ब्रिज पर उसकी स्कूटी खड़ी मिल गई। वहां की सीसीटीवी फुटेज में संजय यमुना में छलांग लगाता हुआ दिख गया। शुक्रवार को चार दिन बाद उसका शव यमुना से बरामद हुआ। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण संजय काफी परेशान थे। 

पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया है। संजय के परिवार से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक संजय कुमार राय परिवार के साथ बुराड़ी में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटी हैं। संजय नारायणा स्थित एक फैक्टरी में सुपरवाइजर की नौकरी करते थे। 

गत 18 अक्तूबर को वह घर से फैक्टरी गए थे। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी कंपनी में कॉल की तो पता चला कि वह कंपनी आए थे, लेकिन वहां से निकल गए। परिजनों ने उसी दिन देर रात को संजय की गुमशुदगी नारायणा थाने में करा दी। पुलिस ने छानबीन की तो मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस सिग्नेचर ब्रिज पहुंच गई। वहां पर संजय की स्कूटी खड़ी थी। 
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दिल्ली: राजधानी में डेंगू पर बोले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, कहा- इस बार 2019 के बराबर हैं मामले

सिग्नेचर ब्रिज (फाइल फोटो)

दिल्ली: रविवार-डेंगू पर वार, घर में नहीं जमा होगा पानी, तभी थमेगी डेंगू की मनमानी

डेंगू के खिलाफ अपने रविवार के अभियान में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवालों से अपील की है कि वह सुबह 10 बजे, 10 मिनट के लिए अपने घर और नजदीकी इलाकों पर नजर दौड़ा लें। अगर कहीं साफ पानी जमा हो तो उसे साफ कर दें। इससे दिल्ली को डेंगू मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।

दरअसल, दिल्ली सरकार हर हफ्ते रविवार को '10 बजे, 10 हफ्ते, 10 मिनट' अभियान चला रही है। इसके तहत लोगों से अपने घर के आस-पास साफ पानी जमा न होने देने या जमा पानी में तेल की कुछ बूंदे डालने की अपील की जाती है। मुख्यमंत्री समेत दिल्ली के सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों व बड़ी संख्या में दिल्लीवासी इस अभियान से जुड़े हैं। 

कोशिश डेंगू को जड़ से खत्म करने के है। इसी कड़ी में इस रविवार अभियान की टैग लाइन 'डेंगू अभियान से जुड़े हैं हम सब, डेंगू को हराकर ही दम लेंगे अब' दी गई है। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली अब डेंगू के खिलाफ लड़ाई को जीतने के नजदीक हैं। 

इस रविवार को भी सुबह 10 बजे, 10 मिनट के लिए हमें अपने घर और आसपास में देखना है कि कहीं साफ पानी जमा तो नहीं है। अगर है तो उसे उड़ेल दें, बदल दें या उसमें तेल डाल दें। आइए, दिल्ली को डेंगू मुक्त बनाएं।

साफ पानी में पैदा होता डेंगू का मच्छर
डेंगू के मच्छर केवल साफ पानी में पनपते हैं। साफ पानी के अंदर डेंगू के अंडे पैदा होते हैं और वो अंडे 8 से 10 दिन के अंदर मच्छर में बदल जाते हैं। अगर हम सभी 8 दिन से पहले उस जमा पानी को बदल दें, तो अंडे नष्ट हो जाएंगे और मच्छर पैदा नहीं हो पाएंगे। इस अभियान की संकल्पना इसी के इर्द-गिर्द बुनी गई है कि घर के नजदीक गड्ढ़ा, कूलर, गमलों, टंकी आदि में पानी जमा न होने दें।
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दिल्ली मेट्रो: आज सवेरे यलो लाइन पर बाधित रहेंगी सेवाएं, यात्री फीडर बस का कर सकते हैं इस्तेमाल

दिल्ली मेट्रो से सफर करने वालों के लिए डीएमआरसी ने आवश्यक सूचना जारी की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बताया कि रविवार को कुछ घंटे के लिए येलो लाइन पर सेवाएं बाधित रहेंगी। येलो लाइन पर विश्वविद्यालय और मॉडल टाउन स्टेशनों के बीच रविवार सुबह 7:30 बजे से कुछ घंटों के लिए मेट्रो नहीं चलेगी। 

रखरखाव के कार्यों के कारण येलो लाइन पर सेवाएं बाधित रहेंगी, लेकिन अन्य लाइनों पर मेट्रो सेवाएं सामान्य दिनों की तरह ही जारी रहेंगी। इसके साथ ही डीएमआरसी ने यह भी जानकारी दी कि यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए इस दौरान दिल्ली मेट्रो की फीडर बस सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध रहेंगी। यात्री अपने मेट्रो की फीडर बस सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें टिकट नहीं लेना पड़ेगा।
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दिल्ली : पहला करवा चौथ भी न मना सकी पत्नी, पति ने ही काट दी सात जन्मों के बंधन की डोर

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में शादी के नौंवे दिन ही एक महिला की उसके पति ने चाकू गोदकर हत्या कर दी। मृतका की शिनाख्त कीर्ति (19) के रूप में हुई है। 14 अक्तूबर को ही कीर्ति ने मोहम्मद आजाद खान नामक युवक से कोर्ट में प्रेम विवा किया था। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गया।

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे में खून से लथपथ कीर्ति का शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर चाकू के कई घाव मौजूद थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी पति मोहम्मद आजाद खान (21) को गिरफ्तार कर लिया है। आजाद पेशे से ग्रामीण सेवा चालक है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक मूलरूप से एटा, यूपी की रहने वाली कीर्ति का मायका बुराड़ी के राधा विहार स्थित लेबर चौक का था। परिवार की मर्जी के खिलाफ इसी 14 अक्तूबर को कीर्ति ने नंद नगरी निवासी ग्रामीण सेवा चालक आजाद से कोर्ट में प्रेम विवाह कर लिया था। कीर्ति एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी। यहीं उसकी मुलाकात ग्रामीण सेवा चालक आजाद से हुई थी। दोनों में प्यार हुआ और इन्होंने प्रेम विवाह कर लिया। 

दोनों फिलहाल अपने रिश्तेदार के मकान में गली नंबर-10, कमल विहार, बुराड़ी में रह रहे थे। शनिवार सुबह कीर्ति के भाई भोला को कीर्ति के साथ अनहोनी की सूचना मिली। भोला मौके पर पहुंचा तो अंदर उसकी बहन कमरे में खून से लथपथ पड़ी थी। भोला ने 9.55 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। छानबीन के दौरान पुलिस को कीर्ति का पति मौके से फरार मिला। पुलिस ने छापेमारी की और शनिवार को ही उसे गिरफ्तार कर लिया।

जिस मकान में कीर्ति की हत्या हुई, उसकी छत पर से ही वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आजाद ने बताया कि शादी के अगले ही दिन उसकी कीर्ति से नोंकझोंक हो गई थी। शुक्रवार रात को एक बार फिर दोनों के बीच तू-तू-मैं-मैं हो गई। गुस्से में आजाद ने चाकू के वार करके उसकी हत्या कर। बाद में आरोपी फरार हो गए। पड़ोसियों ने उसके भाई भोला को खबर दी। अब पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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दिल्ली : बाल आयोग ने बच्चों पर लॉन्च किया पहला जर्नल, पहले अंक में कोरोना पर ज्ञान

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने शनिवार को चिल्ड्रन फर्स्ट: जर्नल ऑन चिल्ड्रन्स लाइव्स नामक जर्नल लांच किया। जर्नल में चर्चा, बेहतर अभ्यास को साझा करने, प्रतिबिंब, आलोचना-समालोचना, नीति व विभिन्न समीक्षा और अनुसंधान को शामिल किया गया है। पहले अंक का विषय बच्चों के जीवन पर कोरोना महामारी का प्रभाव रखा गया है। 

जर्नल लांच के दौरान मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह जर्नल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, जो समाज को बच्चों के अधिकारों व उनके बेहतर पेरेंटिंग के प्रति जागरूक बनाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने ये दिखाया है कि हम बच्चों के जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों को कितना कम समझते हैं। यह जर्नल बच्चों के अधिकारों के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाने के साथ-साथ उनमे इस मुद्दे के प्रति गंभीरता से समझ विकसित करने का काम करेगा।  

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ये विश्लेषण करने की जरुरत है कि आज हम अपने बच्चों की बेहतरी व अच्छे के विषय में सोचकर जो कुछ करते हैं उनमे से कई चीजे बहुत खराब होती हैं, जिसका हमें अंदेशा नहीं होता है। हम प्यार, पढ़ाई, परवाह और मान्यताओं को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में देने के नाम पर बच्चों पर जो चीजे थोपते आए हैं उसने बच्चों को पिंजरे में कैद करने का काम किया है और इससे बचपन खो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की बेहतरी के लिए उन्हें अच्छा वातावरण देने की जरुरत है न की उनपर चीजे थोपने की।  

जर्नल के पहले अंक में दिल्ली के एक सरकारी स्कूल से लेकर आंध्र प्रदेश की कहानियों और राजस्थान के ग्रामीण आदिवासियों से लेकर असम के समुदायों के संघर्षों के बारे में चर्चा की गई है। पहले अंक के लिए देश भर के 100 से अधिक लेखकों से प्रस्तुतियां मिली थी। इनमें से शोध, लेख और पुस्तक समीक्षा सहित 26 लेखों को प्रकाशित किया गया है।

इंडियन इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट जस्टिस एस रविन्द्र भट्ट, यूनीसेफ इंडिया की प्रमुख यासमीन अली हक, कालकाजी से विधायक आतिशी, शिक्षा सलाहकार शैलेन्द्र शर्मा व डीसीपीसीआर के चेयरपर्सन अनुराग कुंडू सहित अन्य लोग शामिल रहे। 
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दिल्ली की आबोहवा : अब तितलियां बताएंगी राजधानी में हवा-पानी का हाल, शुरू होगी गणना

दिल्ली की आबोहवा कैसी है इसका पता तितलियों के अध्ययन से किया जाएगा। इस कार्य में दिल्ली बायोडायवर्सिटी पार्क के वैज्ञानिक जुटेंगे। दरअसल वैज्ञानिक तितलियों की गणना के आधार पर यह तय करेंगे कि वायु प्रदूषण का असर जीव-जंतुओं पर कितना पड़ रहा है।

दिल्ली के बायोडाइवर्सिटी पार्क में हर साल की तरह इस साल भी तितलियों की संख्या की गणना शुरू की जा रही है। बटरफ्लाई असेसमेंट वीक के तहत सभी पार्कों में 25-30 अक्तूबर तक तितलियों की गणना के साथ अध्ययन किया जाएगा। इस माध्यम से दिल्ली के प्रदूषण स्तर को मापने का भी प्रयोग किया होगा। 

बायोडाइवर्सिटी पार्क इंचार्ज फैयाज खुदसर ने बताया कि यमुना, अरावली, कालिंदी, तिलपथ वैली, नीला हौज, तुगलका बाद बायोडाइवर्सिटी पार्क में पलने वाले इन जीवों की गणना होगी। तितलिया पर्यावरण में भी अपना योगदान देती हैं। वे वायु प्रदूषण की सूचक भी है। इस कार्यक्रम में आम लोग भी सहयोगी बनेंगे। गणना का यह कार्य सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। 

बायोडायवर्सिटी पार्क के वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद फैजल के अनुसार तितलियों की गणना करने के बाद पार्क में सभी पेड़-पौधों व जीव-जंतुओं का अध्ययन किया जाएगा। यूनाइटेड नेशन द्वारा सस्टनेबल डेवलॉपमेंट गोल में भी यह अध्ययन सहायक होगा। दिल्ली के प्रदूषण स्तर को नापने का यह अप्रत्यक्ष साधना होता है।
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